यूक्रेन ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव गुटेरेस से कहा-रूस को हमला करने की सजा के तौर पर वोट का अधिकार छीने

Published : Feb 27, 2022, 06:12 AM IST
यूक्रेन ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव गुटेरेस से कहा-रूस को हमला करने की सजा के तौर पर वोट का अधिकार छीने

सार

राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने कहा कि आक्रामक देश को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में वोट देने के अधिकार से वंचित करना चाहिए। रूस ने यूक्रेन में लोगों का नरसंहार किया है। यूक्रेन में लाशों के बिछाने के आरोप में रूस पर संयुक्त राष्ट्र सख्त कार्रवाई करे और उस पर बैन लगाए। 

कीव। यूक्रेन (Ukraine) ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) से रूस के वोट देने के अधिकार को छीनने की मांग की है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की (Volodymyr Zelensky) ने शनिवार को यूएन सेक्रेटरी जनरल (UN Secretary General)  एंटोनियो गुटेरेस (Antonio Guterres) से बात की है। ज़ेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन पर रूस द्वारा हमला किए जाने की सजा के तौर पर उसके यूएन जनरल असेंबली से वोट देने का अधिकार छीनना चाहिए। 

राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने कहा कि आक्रामक देश को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में वोट देने के अधिकार से वंचित करना चाहिए। रूस ने यूक्रेन में लोगों का नरसंहार किया है। यूक्रेन में लाशों के बिछाने के आरोप में रूस पर संयुक्त राष्ट्र सख्त कार्रवाई करे और उस पर बैन लगाए। 

रूस संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का स्थायी सदस्य

रूस संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के पांच स्थायी सदस्यों में से एक है, जिसके पास चीन, फ्रांस, ब्रिटेन और संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ-साथ वीटो के फैसले का अधिकार है।

यह भी पढ़ें: नागरिक अधिकारों के उल्लंघन में रूस का Facebook पर सेंसरशिप की चाबुक, अमेरिकी दिग्गज कंपनी को बड़ा झटका

रूस के खिलाफ निंदा प्रस्ताव 

रूस के यूक्रेन पर हमला के बाद अमेरिका ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में रूस के खिलाफ निंदा प्रस्ताव लाया था। शुक्रवार को वोटिंग कराया गया। हालांकि, रूस के वीटो की वजह से प्रस्ताव पास नहीं हो सका। लेकिन भारत, यूएई व चीन ने रूस के खिलाफ वोटिंग नहीं की है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत और चीन ने यूक्रेन पर आक्रमण की निंदा करते हुए सुरक्षा परिषद के वोट से परहेज किया। 
पश्चिम देशों में प्रतिबंधों के लगातार ऐलान हो रहे हैं। रूस पर प्रतिबंध के बाद यूरोपियन यूनियन के अलावा अमेरिका, कनाडा और ब्रिटेन सरीखे राष्ट्रों ने राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन व रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव पर व्यक्तिगत प्रतिबंधों वाले व्यक्तियों की लिस्ट में डाल दिया गया है। 

क्या हुआ था मीटिंग में?

रूस ने, जैसा कि अपेक्षित था, शुक्रवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के उस प्रस्ताव को वीटो कर दिया जिसमें यूक्रेन पर रूस के आक्रमण की कड़ी शब्दों में निंदा की गई थी। प्रस्ताव में सैनिकों की तत्काल वापसी की मांग की थी। परिषद के 15 सदस्यों में से ग्यारह ने प्रस्ताव के लिए मतदान किया, जिसे संयुक्त राज्य और अल्बानिया द्वारा सह-लिखित किया गया था। चीन, भारत और यूएई ने परहेज किया।

परिषद के स्थायी सदस्य के रूप में मास्को की वीटो शक्ति के कारण प्रस्ताव हमेशा की तरह विफल रहा। फिर भी, बहस ने चैंबर को रूस के पड़ोसी के खिलाफ पूर्ण पैमाने पर आक्रमण शुरू करने के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के फैसले की निंदा करने का एक महत्वपूर्ण अवसर प्रदान किया।

यह भी पढ़ें:

रूस की बमबारी के बीच यूक्रेन के प्रेसिडेंट जेलेंस्की ने सहयोगियों संग वीडियो बनाया, बोले-हम अपनी स्वतंत्रता के लिए लड़ेंगे

यूक्रेन का दावा: जवाबी हमले में रूस के 2800 सैनिकों को मार गिराया, 80 टैंक भी किए तबाह

PREV

अंतरराष्ट्रीय राजनीति, ग्लोबल इकोनॉमी, सुरक्षा मुद्दों, टेक प्रगति और विश्व घटनाओं की गहराई से कवरेज पढ़ें। वैश्विक संबंधों, अंतरराष्ट्रीय बाजार और बड़ी अंतरराष्ट्रीय बैठकों की ताज़ा रिपोर्ट्स के लिए World News in Hindi सेक्शन देखें — दुनिया की हर बड़ी खबर, सबसे पहले और सही तरीके से, सिर्फ Asianet News Hindi पर।

Recommended Stories

Imran Khan Health Update: जेल में गई इमरान खान की आंख की रोशनी, मेडिकल रिपोर्ट चौंकाने वाली
Bangladesh: यूपी से छोटा, फिर भी 8वां सबसे ज्यादा आबादी वाला देश, जानिए बांग्लादेश के 7 दिलचस्प FACTS