रूस का अमेरिका पर बड़ा आरोप, व्हाइट हाउस के अधिकारी ने कहा-पुतिन नहीं चाहते कि यूक्रेन के साथ शांति समझौता

Published : Mar 28, 2022, 11:44 PM ISTUpdated : Mar 29, 2022, 07:01 AM IST
रूस का अमेरिका पर बड़ा आरोप, व्हाइट हाउस के अधिकारी ने कहा-पुतिन नहीं चाहते कि यूक्रेन के साथ शांति समझौता

सार

यूक्रेन और रूस के बीच शांति समझौता के लिए दूसरी हाईलेवल मीटिंग आज से शुरू होने वाली है। हालांकि, अमेरिका के एक अधिकारी ने दावा किया है कि रूस के राष्ट्रपति नहीं चाहते कि शांति समझौता हो। 

वाशिंगटन। अमेरिका ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पर एक और आरोप लगाया है। एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन यूक्रेन में युद्ध को समाप्त करने के लिए समझौता करने के लिए तैयार नहीं दिख रहे हैं। यूक्रेन और रूस दो सप्ताह से अधिक समय में अपनी पहली आमने-सामने शांति वार्ता की तैयारी कर रहे लेकिन रूस नहीं चाहता कि शांति समझौता हो। अमेरिकी विदेश विभाग के वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर रॉयटर्स को बताया, "मैंने जो कुछ भी देखा है, वह इस बिंदु पर समझौता करने को तैयार नहीं है।"

अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि रूस यूक्रेन की संप्रभुता को कम करना चाहता है। उधर, तुर्की के राष्ट्रपति तैयप एर्दोगन द्वारा रविवार को पुतिन से बात करने के बाद इस्तांबुल में होने वाली वार्ता में यूक्रेनी अधिकारियों ने सफलता की बेहद कम संभावना जताई है। 

ज़ेलेंस्की ने कहा यूक्रेन तटस्थ नीति अपनाने पर करेगा विचार

ज़ेलेंस्की ने रविवार को प्रसारित अपनी टिप्पणी में कहा कि यूक्रेन रूस के साथ शांति समझौते के हिस्से के रूप में एक तटस्थ स्थिति अपनाने पर चर्चा करने के लिए तैयार है, लेकिन इस तरह के समझौते की गारंटी तीसरे पक्ष को देनी होगी और जनमत संग्रह कराना होगा।

28 से 30 मार्च तक दोनों प्रतिनिधिमंडल करेंगे वार्ता

यूक्रेन के एक वार्ताकार और राजनेता डेविड अरखामिया ने फेसबुक पर लिखा कि वीडियो वार्ता के एक और दौर के दौरान, 28-30 मार्च को तुर्की में दो प्रतिनिधिमंडलों का अगला व्यक्तिगत दौर आयोजित करने का निर्णय लिया गया। उधर, रूस के प्रमुख वार्ताकार व्लादिमीर मेडिंस्की ने यूक्रेन के साथ आगामी वार्ता की पुष्टि की है। हालांकि, मेडिंस्की ने बताया कि मंगलवार से शुरू वार्ता बुधवार को समाप्त होगा। बता दें कि बीते दस मार्च को अंताल्या में दोनों देशों के शीर्ष प्रतिनिधिमंडल की पहली वार्ता हुई थी। लेकिन यह बातचीत बेनतीजा ही रहा। हालांकि, दोनों पक्षों ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से नियमित बातचीत की है, परंतु दोनों पक्षों के शांति की ओर की जा रही कोशिशें सफल नहीं हो सकीं।

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