मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना प्रारंभ करने की घोषणा की है। जिसके तहत उत्तर प्रदेश ने कोरोना वायरस संक्रमण के कारण अपने माता-पिता को गंवा देने वाले निराश्रित बच्चों के भविष्य को संवारने का बीड़ा उठाया है। सरकार इन बच्चों की पढ़ाई के साथ ही विवाह का खर्च सरकार देगी। 

पटना (Bihar) । कोरोना में अपनों की मौत के बाद अनाथ हुए बच्चों के भरण-पोषण को लेकर सरकार गंभीर है। यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ के बाद बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने रविवार को ऐसे बच्चों के लिए मदद का ऐलान किया है। नीतीश कुमार ने इन बच्चों को हर महीने 1500 रुपए देने का ऐलान किया है। इसकी जानकारी खुद मुख्यमंत्री ने अपने ट्विटर के जरिए दिया है। 

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बिहार सरकार ने बनाया अनाथ बच्चों के लिए ये प्लान
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा है कि अनाथ हुए बच्चों को बाल सहायता योजना के तहत मदद राशि दी जाएगी। हर माह 1500 रुपए की मदद राशि 18 वर्ष तक बच्चों को दी जाएगी। जिन बच्चों के माता-पिता में से किसी एक की भी कोरोना से मौत हुई, उन्हें भी इस योजना में कवर किया जाएगा। साथ ही जिन अनाथ बच्चे-बच्चियों के अभिभावक नहीं हैं, उनकी देखरेख बालगृह में की जाएगी। अनाथ बच्चियों का कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय में प्राथमिकता पर नामांकन कराया जाएगा।

यूपी सरकार ने भी तैयार किया है ये प्लान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना प्रारंभ करने की घोषणा की है। जिसके तहत उत्तर प्रदेश ने कोरोना वायरस संक्रमण के कारण अपने माता-पिता को गंवा देने वाले अनाथ बच्चों के भविष्य को संवारने का बीड़ा उठाया है। सरकार इन बच्चों की पढ़ाई के साथ ही विवाह का खर्च सरकार देगी। इनकी ऑनलाइन पढ़ाई के लिए सरकार लैपटॉप व टेबलेट भी देगी। बता दें कि योजना के तहत सरकार केयरटेकर को अनाथ बच्चों की देखभाल के लिए 4000 रुपया प्रतिमाह देगी। जिन बच्चों ने दस वर्ष की कम उम्र में ही अपने मां-बाप को खो दिया है, उनको राजकीय बाल गृह में रखा जाएगा। अवयस्क बच्चियों की देखभाल के साथ और पढ़ाई के लिए उनको कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में रखा जाएगा।