वित्त मंत्रालय ने अक्टूबर-दिसंबर तिमाही के लिए जनरल प्रोविडेंट फंड और प्रोविडेंट फंड के लिए ब्याज दरों का ऐलान कर दिया है। यह सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर है क्योंकि इन रेट्स का असर उनकी बचत पर पड़ने वाला है।  

Government Employees PF News. वित्त मंत्रालय ने जनरल प्रोविडेंट फंड और अन्य प्रोविडेंट फंड्स के लिए ब्याज दरों का ऐलान कर दिया है। वित्त मंत्रालय ने ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है और इसे यथावत बनाए रखा गया है। वित्त मंत्रालय के डिपार्टमेंट ऑफ इकनॉमिक अफेयर्स ने इस बारे में जानकारी जारी करते हुए कहा है कि वित्त वर्ष 2022-23 की अक्टूबर से दिसंबर की तिमाही के लिए ब्याज दरों को 7.1 प्रतिशत पर बरकरार रखा गया है। अन्य प्रोविडेंट फंड्स की ब्याज दरें भी 7.1 फीसदी पर यथावत रहेंगी। यानी वित्त मंत्रालय ने ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है।

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प्रोविडेंट फंड के अलावा स्थिति
वित्त मंत्रालय का डिपार्टमेंट ऑफ इकनामिक अफेयर्स हर तिमाही के लिए जीपीएफ और मिलते-जुलते फंड्स के लिए ब्याज दरों की घोषणा करता है। इन फंड्स में सीपीएफ, एआईएसपीएफ, एसआरपीएफ, एएफपीपीएफ के लिए भी ब्याज दरों का ऐलान किया जाता है। जीपीएफ यानि जनरल प्रोविडेंट फंड और यह भी पीपीएफ की तरह की ही स्कीम है लेकिन यह सिर्फ सरकारी कर्माचारियों पर ही लागू होता है। इसलिए इसे जीपीएफ नाम दिया गया है। इस बार की तिमाही के लिए इसकी ब्याज दरों में कोई भी परिवर्तन नहीं किया गया है।

इन फंड्स को भी जानें
सीपीएफ को कांन्ट्रीब्यूटरी प्रोविडेंट फंड कहा जाता है। ऑल इंडिया सर्विस प्रोविडेंट फंड यान एआईएसपीएफ के अलावा रेलवे प्रोविडेंट फंड और जनरल प्रोविडेंट फंड डिफेंस सर्विसेज, इंडियन आर्डेनेंस डिपार्टमेंट प्रोविडेंट फंड पर भी ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। यहां भी पहले की तरह ही 7.1 प्रतिशत की ब्याज दर मिलती रहेगी। इससे पहले वित्तीय वर्ष 2022-23 की जुलाई-सितंबर तिमाही के लिए भी इसी दर पर ब्याज दिया गया था। त्योहारी सीजन में सरकारी कर्मचारियों को ब्याज दरों में बदलाव या बढ़ोतरी की उम्मीद थी लेकिन वित्त मंत्रालय ने कोई बदलाव नहीं किया है।

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