स्वतंत्रता दिवस की 77वीं वर्षगांठ पर लाल किले के प्राचीर से पीएम मोदी ने 10वीं बार देश को संबोधित किया। इस दौरान पीएम ने गरीब तबके और मध्यम वर्ग के लोगों के लिए एक अच्छी खबर सुनाई।

Independence Day 2023 Announcement: स्वतंत्रता दिवस की 77वीं वर्षगांठ पर लाल किले के प्राचीर से पीएम मोदी ने 10वीं बार देश को संबोधित किया। इस दौरान पीएम ने गरीब तबके और मध्यम वर्ग के लोगों के लिए एक अच्छी खबर सुनाई। पीएम ने कहा- गरीब और मिडल क्लास लोगों को होम लोन के ब्याज पर लाखों रुपये की राहत दी जाएगी। इसके लिए हम जल्द ही एक नई योजना का ऐलान करने वाले हैं।

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गरीब और किराए के घर में रहने वाले भी बना सकेंगे अपना घर

पीएम मोदी ने अपने संबोधन के दौरान कहा- जो लोग गरीब हैं, झुग्गी-झोपड़ियों, चॉल या फिर किराए के घरों में रहते हैं, उनके लिए हम जल्द एक ऐसी योजना लाने जा रहे हैं जिससे उनका अपना घर बनाने का सपना पूरा होगा। दरअसल, इन लोगों का सपना पूरा करने के लिए सरकार इन्हें जो लोन देगी, उसके ब्याज में लाखों रुपए की राहत दी जाएगी। बता दें कि देश में अब भी एक बड़ा तबका झुग्गी-झोपड़ी या किराए के घरों में रहता है। 2011 की जनगणना के मुताबिक, शहरी क्षेत्रों में करीब 17 प्रतिशत आबादी झुग्गी-झोपड़ियों में रहती है।

मई से अब तक कितना बढ़ा रेपो रेट?
बता दें कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने मई, 2022 से अब तक रेपो रेट में 2.5 प्रतिशत का इजाफा किया है। इससे होम लोन समेत दूसरे कई प्रकार के लोन भी महंगे हो गए हैं। लोग लंबे समय से सस्ते लोन की उम्मीद में बैठे हैं, लेकिन रिजर्व बैंक ने बढ़ती महंगाई को कंट्रोल करने के लिए मौद्रिक नीति सख्त की है। बैंक ने फरवरी, 2023 में रेपो रेट 6.50 प्रतिशत कर दिया था। हाल ही में हुई मौद्रिक नीति की समीक्षा में लोगों को उम्मीद थी कि रिजर्व बैंक रेपो रेट कम कर कुछ राहत देगा, लेकिन RBI ने फिलहाल इसे स्थायी रखा है।

क्या होता है रेपो रेट?

रेपो रेट वो दर है, जिस पर रिजर्व बैंक दूसरे बैंकों को ब्याज देता है। जब महंगाई हद से ज्यादा बढ़ने लगती है तो रिजर्व बैंक रेपो रेट बढ़ा देता है। इससे बैंकों को मिलने वाला कर्ज महंगा हो जाता है। जब बैंकों को कर्ज ज्यादा रेट पर मिलता है, तो वे भी अपने लोन की दरें बढ़ा देते हैं। इस तरह लोग महंगा लोन लेने से बचते हैं और बाजार में कैश लिक्विडिटी की कमी आ जाती है। इससे महंगाई कंट्रोल करने में मदद मिलती है।

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