नीट पेपर लीक मामले में गिरफ्तार चारों आरोपियों ने स्वीकार कर लिया है कि उन्हें परीक्षा से एक दिन पहले क्वेश्चन पेपर और आंसर मिला था। मास्टरमाइंड अमित आनंद ने भी नीट क्वेश्चन पेपर 30-32 लाख में बेचने की बात कबूल कर ली है। साथ कई खुलासे किये हैं।

NEET Paper Leak: नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET) क्वेश्चन पेपर लीक होने के मामले में बिहार में चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार किए गए 4 लोगों में से तीन नीट कैंडिडेट - अनुराग यादव, नीतीश कुमार, अमित आनंद हैं जबकि चौथे दानापुर नगर परिषद के जूनियर इंजीनियर सिकंदर यादवेंदु शामिल हैं। गिरफ्तारियां उस कबूलनामे के बाद हुई हैं जिसमें संदिग्धों ने लीक हुए प्रश्नपत्र को प्राप्त करने और याद रखने की बात स्वीकार की थी, जिससे एनईईटी-यूजी 2024 परीक्षा प्रक्रिया की अखंडता पर असर पड़ा। मामले में कई चौंकाने वाले खुलासे भी हुए हैं, जिससे देश की परीक्षा प्रणाली पर सवाल खड़े हो गये हैं।

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30-32 लाख रुपये में बेचे गये नीट क्वेश्चन पेपर-आंसर

मास्टरमाइंड अमित आनंद के कबूलनामे के बाद पूरे देश हिल गया है। रिपोर्ट के अनुसार अमित आनंद ने लीक की साजिश रचने की बात स्वीकार कर ली है। साथ ही खुलासा किया है कि उम्मीदवारों को लीक हुआ पेपर और आंसर 30-32 लाख रुपये की कीमत पर उपलब्ध कराए गए थे। इस खुलासे से नीट कैंडिडेट के बीच आक्रोश और ज्यादा फैल गया है और देश भर में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गये हैं। लगातार NEET-UG 2024 को रद्द करने की मांग की जा रही है।

देश की परीक्षा प्रणाली के अंदर भ्रष्टाचार की बात स्वीकारी

बता दें कि अमित आनंद के कबूलनामे के बाद उनके आवास पर प्रश्नपत्र और उत्तर पुस्तिका के मिले जले हुए अवशेष उनके खिलाफ पुख्ता सबूत बन गये हें। उन्होंने परीक्षा प्रणाली के भीतर भ्रष्टाचार की बात भी स्वीकार कर ली है और पहले भी इसी तरह की लीक में शामिल होने की बात कबूल की है।

परीक्षा से एक दिन पहले मिला क्वेश्चन पेपर

परिणाम में गड़बड़ी के सिलसिले में अनुराग यादव की गिरफ्तारी, के बाद उन्होंने कबूल किया कि उन्हें जो लीक हुआ पेपर मिला था, वह वास्तविक एग्जाम पेपर से मेल खाता था, जिससे परीक्षा प्रक्रिया की अखंडता के बारे में गंभीर चिंताएं पैदा हो गईं। वहीं चारों आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्हें परीक्षा से एक दिन पहले क्वेश्चन पेपर और आंसर मिला था और उन्होंने इसका इस्तेमाल आंसर याद करने के लिए किया था। पुलिस को दिए एक बयान में, उन्होंने कहा कि अगले दिन परीक्षा में सटीक प्रश्न पूछे गए थे।

बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई से मांगी रिपोर्ट

NEET परीक्षा में गड़बड़ी को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई से रिपोर्ट मांगी है। सरकार परीक्षाओं की शुचिता सुनिश्चित करने और छात्रों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। बता दें कि 5 मई को आयोजित NEET UG परीक्षा में लगभग 24 लाख उम्मीदवारों ने भाग लिया था। रिजल्ट 4 जून को घोषित किया गया था।

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