सार
विश्व क्रिकेट की सबसे दिग्गज टीमों में शुमार भारतीय क्रिकेट टीम (Indian Cricket Team) के लिए शर्मनाक बात ये है कि वो इस रिकॉर्ड में युगांडा (Uganda) जैसा बेहद कमजोर टीम से भी पिछड़ गई है।
स्पोर्ट्स डेस्क: भारतीय क्रिकेट टीम (Indian Cricket Team) ने अपनी काबिलियत के दम पर क्रिकेट के कई रिकॉर्ड्स अपने नाम कर रखे हैं। लेकिन क्रिकेट फैंस को जानकार हैरानी होगी कि एक ऐसा रिकॉर्ड भी है जिसमें टीम इंडिया युगांडा क्रिकेट टीम (Uganda Cricket Team) से भी पीछे है। हम बात कर रहे हैं। टी20 क्रिकेट में एक कैलेंडर ईयर में सबसे ज्यादा मैच जीतने के रिकॉर्ड की। भारतीय क्रिकेट टीम अब तक एक कैलेंडर ईयर में सबसे ज्यादा 15 टी20 इंटरनेशनल मैच जीतने में कामयाब रही है। ये रिकॉर्ड टीम ने साल 2016 में बनाया था।
युगांडा ने टीम इंडिया समेत कई दिग्गज टीमों को पछाड़ा:
विश्व क्रिकेट की सबसे दिग्गज टीमों में शुमार भारतीय क्रिकेट टीम के लिए शर्मनाक बात ये है कि वो इस रिकॉर्ड में युगांडा जैसा बेहद कमजोर टीम से भी पिछड़ गई है। युगांडा टीम ने साल 2021 में अब तक 16 टी20 इंटरनेशनल जीतने में कामयाब रही है। ऐसा कर उसने अपने से कहीं अधिक मजबूत टीम भारत को चुनौती दे दी है। इतना ही नहीं युगांडा टीम ने जो कर दिखाया है वो केवल भारत के लिए चुनौती है। वर्ल्ड क्रिकेट की कई अन्य दिग्गज टीमें भी इस मामले में युगांडा टीम से पीछे हैं। इनमें ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, साउथ अफ्रीका, श्रीलंका और इंग्लैंड जैसी टीमें भी शामिल हैं।
एक कैलेंडर ईयर में सबसे ज्यादा टी20 इंटरनेशल मैच जीतने वाले टीमें:
पहले और दूसरे नंबर पर पाकिस्तान:
बाबर आजम (Babar Azam) के नेतृत्व में पाकिस्तान क्रिकेट टीम (Pakistan Cricket Team) हर एक दिन के साथ सफलता की नई कहानी लिख रही है। इस रिकॉर्ड को देखकर ये बात और पुख्ता हो जाती है। एक कैलेंडर ईयर में सबसे ज्यादा टी20 इंटरनेशनल मैच जीतने का रिकॉर्ड पाकिस्तान टीम ने नाम दर्ज है। साल 2021 में टीम अब तक 18 टी20 मैच जीत चुकी है। इससे पहले टीम ने साल 2018 में 17 मैच जीते थे। इस तरह इस तालिका में पहले और दूसरे नंबर पर पाकिस्तान टीम काबिज है। तीसरे नंबर पर 16 जीत के साथ युगांडा, चौथे नंबर पर संयुक्त रूप से भारत और साउथ अफ्रीका की टीमें हैं। दोनों ने ही अब तक एक कैलेंडर ईयर में 15-15 जीत दर्ज की है। भारत ने 2016 में और साउथ अफ्रीका ने 2021 में।
युगांडा की उपलब्धि कितनी खास:
हालांकि युगांडा ने कमजोर टीमों के खिलाफ मुकाबले खेले हैं लेकिन उससे उसकी उपलब्धि कतई कम नहीं हो जाती। युगांडा खुद भी एक कमजोर और अनुभवहीन टीम है। वैसे भी रिकॉर्ड आखिर रिकॉर्ड होते हैं। एक खिलाड़ी अगर 99 पर आउट हो जाता है तो उसे शतक नहीं माना जाता, तब उसकी गिनती अर्धशतक में होती है। शतक कहलाने के लिए उसे पूरे 100 रन बनाने होते हैं। ठीक इसी प्रकार युगांडा की उपलब्धि को ये कहकर नकारना की वह छोटी टीम है और उसने छोटी टीमों के खिलाफ मैच जीतकर ये रिकॉर्ड बनाया है कहना गलत होगा। अगर ये रिकॉर्ड इतना ही आसान होता तो ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड, भारत और साउथ अफ्रीका जैसी टीमें उससे पीछे नहीं होती।
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