Asianet News Hindi

Post Office की NSC स्कीम में पैसा लगा कर बचा सकते हैं टैक्स, मिलता है बढ़िया मुनाफा

First Published Jan 24, 2021, 1:09 PM IST
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp

बिजनेस डेस्क। पोस्ट ऑफिस (Post Office) की कई स्कीम्स ऐसी हैं, जिनमें पैसा लगा कर टैक्स तो बचाया ही जा सकता है, साथ ही अच्छा-खासा मुनाफा भी हासिल किया जा सकता है। पोस्ट ऑफिस की योजनाओं में पैसा लगाने से रिटर्न तो बेहतर मिलता ही है, पैसा भी सुरक्षित रहता है। पोस्ट ऑफिस में जमा किए गए पैसे पर सरकार सॉवरेन गारंटी (Sovereign Guarantee) देती है। आज आपको बताने जा रहे हैं पोस्ट ऑफिस की नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (NSC) स्कीम के बारे में। इस योजना में निवेश करना हर लिहाज से बेहतर है। अब पोस्ट ऑफिस में ऑनलाइन अकाउंट खोलने के साथ और भी कई दूसरी सुविधाएं मिल रही हैं। इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (India Post Payments Bank) के जरिए पोस्ट ऑफिस में बैंकिंग सेवाओं की भी शुरुआत कर दी गई है। जानें, नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट योजना के बारे में। (फाइल फोटो)
 

बैंकों में  फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) और रिकरिंग डिपॉजिट (RD) पर मिलने वाला ब्याज में भी लगातार कमी आ रही है। इसलिए अब लोग इसमें निवेश करने से कतराने लगे हैं। वहीं, पोस्ट ऑफिस की नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (NSC) स्कीम में निवेश करने पर टैक्स में बचत के साथ बेहतर रिटर्न मिलता है। (फाइल फोटो)

बैंकों में फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) और रिकरिंग डिपॉजिट (RD) पर मिलने वाला ब्याज में भी लगातार कमी आ रही है। इसलिए अब लोग इसमें निवेश करने से कतराने लगे हैं। वहीं, पोस्ट ऑफिस की नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (NSC) स्कीम में निवेश करने पर टैक्स में बचत के साथ बेहतर रिटर्न मिलता है। (फाइल फोटो)

नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (NSC) स्कीम में निवेश करने पर इनकम टैक्स के सेक्शन 80C के तहत अधिकतम 1.5 लाख रुपए तक की राशि पर टैक्स कटौती का फायदा उठाया जा सकता है। इनकम टैक्स कैलकुलेट करते वक्त सेक्शन 80C के तहत एक टैक्सपेयर को डिडक्शन यानी कटौती का फायदा मिलता है, जिसे वह खर्च के तौर पर अपनी इनकम में से घटा सकता है। इससे उतनी राशि पर टैक्स नहीं देना पड़ता है। (फाइल फोटो)

नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (NSC) स्कीम में निवेश करने पर इनकम टैक्स के सेक्शन 80C के तहत अधिकतम 1.5 लाख रुपए तक की राशि पर टैक्स कटौती का फायदा उठाया जा सकता है। इनकम टैक्स कैलकुलेट करते वक्त सेक्शन 80C के तहत एक टैक्सपेयर को डिडक्शन यानी कटौती का फायदा मिलता है, जिसे वह खर्च के तौर पर अपनी इनकम में से घटा सकता है। इससे उतनी राशि पर टैक्स नहीं देना पड़ता है। (फाइल फोटो)

पोस्ट ऑफिस की नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (NSC) स्कीम में अभी सालाना 6.8 फीसदी की दर से ब्याज मिल रहा है। इसे सालाना आधार पर कम्पाउंड किया जाता है। इसका भुगतान मेच्योरिटी पीरियड पूरा होने पर होता है। इस स्कीम का टेन्योर 5 साल का है। (फाइल फोटो)

पोस्ट ऑफिस की नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (NSC) स्कीम में अभी सालाना 6.8 फीसदी की दर से ब्याज मिल रहा है। इसे सालाना आधार पर कम्पाउंड किया जाता है। इसका भुगतान मेच्योरिटी पीरियड पूरा होने पर होता है। इस स्कीम का टेन्योर 5 साल का है। (फाइल फोटो)

नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (NSC) में अधिकतम निवेश की कोई सीमा नहीं है। इस स्कीम में कोई भी वयस्क व्यक्ति सर्टिफिकेट ले सकता है। इसके अलावा,  3 वयस्क व्यक्ति मिलकर जॉइंट अकाउंट भी खोल सकते हैं। इस स्कीम में 10 साल से ज्यादा उम्र के नाबालिग के नाम पर भी निवेश किया जा सकता है। (फाइल फोटो)

नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (NSC) में अधिकतम निवेश की कोई सीमा नहीं है। इस स्कीम में कोई भी वयस्क व्यक्ति सर्टिफिकेट ले सकता है। इसके अलावा, 3 वयस्क व्यक्ति मिलकर जॉइंट अकाउंट भी खोल सकते हैं। इस स्कीम में 10 साल से ज्यादा उम्र के नाबालिग के नाम पर भी निवेश किया जा सकता है। (फाइल फोटो)

नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (NSC) को किसी भी पोस्ट ऑफिस से खरीदा जा सकता है। इसमें ब्याज सालाना जमा किया जाता है। इसमें मिलने वाले ब्याज पर टीडीएस  (TDS) की कटौती नहीं होती है। (फाइल फोटो)

नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (NSC) को किसी भी पोस्ट ऑफिस से खरीदा जा सकता है। इसमें ब्याज सालाना जमा किया जाता है। इसमें मिलने वाले ब्याज पर टीडीएस (TDS) की कटौती नहीं होती है। (फाइल फोटो)

नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (NSC) को सभी बैंकों और नॉन बैंकिंग फाइनेंशियन कंपनियों (NBFC) द्वारा लोन के लिए सिक्योरिटी के तौर पर स्वीकार किया जाता है। इस  स्कीम में निवेशक अपनी फैमिली के किसी भी मेंबर को नॉमिनी बना सकता है। नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट  जारी किए जाने के बाद से लेकर मेच्योरिटी की तारीख के बीच एक बार एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति के नाम पर ट्रांसफर किया जा सकता है। (फाइल फोटो)

नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (NSC) को सभी बैंकों और नॉन बैंकिंग फाइनेंशियन कंपनियों (NBFC) द्वारा लोन के लिए सिक्योरिटी के तौर पर स्वीकार किया जाता है। इस स्कीम में निवेशक अपनी फैमिली के किसी भी मेंबर को नॉमिनी बना सकता है। नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट जारी किए जाने के बाद से लेकर मेच्योरिटी की तारीख के बीच एक बार एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति के नाम पर ट्रांसफर किया जा सकता है। (फाइल फोटो)

नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (NSC) में सभी भारतीय नागरिक निवेश कर सकते हैं। नॉन रेजिडेंट इंडियन (NRI) यह सर्टिफ्केट नहीं खरीद सकते हैं। हालांकि, अगर किसी भारतीय नागरिक ने नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट खरीदा है और मेच्योरिटी से पहले एनआरआई हो जाता है, तो भी उसे इसका फायदा मिलता है। ट्रस्ट और हिंदू अविभाजित परिवार (HUF) एनएससी  में निवेश नहीं कर सकते हैं। (फाइल फोटो)

नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (NSC) में सभी भारतीय नागरिक निवेश कर सकते हैं। नॉन रेजिडेंट इंडियन (NRI) यह सर्टिफ्केट नहीं खरीद सकते हैं। हालांकि, अगर किसी भारतीय नागरिक ने नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट खरीदा है और मेच्योरिटी से पहले एनआरआई हो जाता है, तो भी उसे इसका फायदा मिलता है। ट्रस्ट और हिंदू अविभाजित परिवार (HUF) एनएससी में निवेश नहीं कर सकते हैं। (फाइल फोटो)

Follow Us:
Download App:
  • android
  • ios