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क्रेडिट और डेबिट कार्ड के इस्तेमाल के नियमों में RBI ने किया बदलाव, नहीं जानने पर हो सकता है नुकसान
बिजनेस डेस्क। आजकल ज्यादातर लोग पैसों के ट्रांजैक्शन के लिए डेबिट और क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करते हैं। डेबिट कार्ड से पैसे निकालना कितना आसान हो गया है, यह बताने की जरूरत नहीं है। पहले जहां बैंक से पैसे निकालने के लिए घंटों लाइन में लगे रहना पड़ता था, अब डेबिट कार्ड के जरिए मिनटों में एटीएम से पैसे निकाले जा सकते हैं। यही नहीं, डेबिट और क्रेडिट कार्ड के जरिए खरीददारी भी की जा सकती है। इस सुविधा से कैशलेस ट्रांजैक्शन संभव हो सका है। इन कार्डों के इस्तेमाल के कुछ नियम हैं। रिजर्व बैंक ने अब इनके इस्तेमाल से जुड़े नियमों में कुछ बदलाव किए हैं, जिन्हें जानना जरूरी है। (फाइल फोटो)

जनवरी में ही किए गए थे बदलाव
डेबिट और क्रेडिट कार्ड से जुड़े नियमों में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने इस साल जनवरी में ही बदलाव किए थे, लेकिन कोरोनावायरस महामारी की वजह से इन्हें तब लागू नहीं किया गया। रिजर्व बैंक ने इन नियमों को लागू करने के लिए 30 सितंबर, 2020 का समय दिया है। जानें नियमों में क्या हुआ बदलाव।
(फाइल फोटो)
घरेलू ट्रांजैक्शन की अनुमति
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने बैंकों से कहा है कि डेबिट या क्रेडिट कार्ड जारी करते समय बैंकों को घरेलू ट्रांजैक्शन की अनुमति देनी चाहिए। इसका मतलब है कि जरूरत नहीं होने पर कस्टमर्स को एटीएम से पैसे निकालते और पीओएस टर्मिनल पर शॉपिंग के लिए विदेशी ट्रांजैक्शन की अनुमति नहीं दें।
(फाइल फोटो)
इन सर्विसेस के लिए करना होगा आवेदन
इंटरनेशनल ट्रांजैक्शन, ऑनलाइन ट्रांजैक्शन और कार्ड से कॉन्टैक्टलेस लेन-देन के लिए अब कस्टमर्स को अलग से अपनी प्राथमिकता दर्ज करानी होगी। इसका मतलब है कि अगर कस्टमर को इसकी जरूरत है, तो यह सेवा इसे मिलेगी और इसके लिए आवेदन करना होगा।
(फाइल फोटो)
एक्टिवेट और डिएक्टिवेट करा सकते सर्विस
लोगों के पास फिलहाल जो डेबिट और क्रेडिट कार्ड मौजूद हैं, उसके बारे में वे फैसला ले सकते हैं कि वे इसके जरिए घरेलू ट्रांजैक्शन करना चाहते हैं या इंटरनेशनल ट्रांजैक्शन। अपनी जरूरत के मुताबिक कस्टमर कभी भी किसी सर्विस को एक्टिवेट या डिएक्टिवेट करा सकते हैं।
(फाइल फोटो)
ट्रांजैक्शन लिमिट
अब ग्राहक खुद अपनी ट्रांजैक्शन लिमिट को बदल सकते हैं। डेबिट और क्रेडिट कार्ड होल्डर ऐसा कभी भी कर सकते हैं। मोबाइल ऐप, इंटरनेट बैंकिंग, एटीएम या आईवीआर के जरिए कार्ड की ट्रांजैक्शन लिमिट तय की जा सकती है।
(फाइल फोटो)
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