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क्या IAS/IPS से पावरफुल होता है Forest Officer? 80 हजार सैलरी और मिलने वाली ये सुविधाएं उड़ा देंगी आपके होश

First Published Feb 5, 2021, 6:50 PM IST
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करियर डेस्क. दोस्तों, आपने आईएएस IAS यानी, इंडियन एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विसेज (Indian Administrative Services) और आईपीएस यानी, इंडियन पुलिस सर्विसेज (Indian Police Services) के बारे में खूब सुना होगा। IAS और IPS अफसरों के बारे में लोग काफी कुछ जानते हैं, जबकि आईएफएस (IFS) के बारे में कम लोग ही जानते हैं। आईएफएस, यानी इंडियन फॉरेस्ट सर्विसेज (Indian Forest Services) जो एक रैंक होल्डर समाज में सम्मानित सरकारी नौकरी है। ये परीक्षा भी UPSC और स्टेट लेवल पर आयोजित करवाई जाती है। अधिकतर लोगों का सपना होता है कि वो सरकारी नौकरी हासिल करें। लेकिन पशु-पक्षियों और प्रकृति प्रेमी लोगों के लिए वन अधिकारी (Forest Officer) की नौकरी बेहतर करियर ऑप्शन हो सकता है। तो आइए जानते हैं वन अधिकारी कैसे बनते हैं? वन अधिकारी कौन होता है? साथ ही एक वन अधिकारी का रूतबा, सैलरी और आकर्षक सुविधाएं भी- 

क्या है आईएफएस (What is IFS) 

 

आईएफएस का पूरा नाम इंडियन फारेस्ट सर्विस (Indian forest service) यानी भारतीय वन सेवा है। हर साल यूपीएससी इंडियन फॉरेस्ट सर्विस का परीक्षा का आयोजित करती है। अगर आप इन एक्जाम्स में सिलेक्ट हो जाते हैं तो आपको नियुक्ति दी जाती है। 

क्या है आईएफएस (What is IFS) 

 

आईएफएस का पूरा नाम इंडियन फारेस्ट सर्विस (Indian forest service) यानी भारतीय वन सेवा है। हर साल यूपीएससी इंडियन फॉरेस्ट सर्विस का परीक्षा का आयोजित करती है। अगर आप इन एक्जाम्स में सिलेक्ट हो जाते हैं तो आपको नियुक्ति दी जाती है। 

पदों की बात करें तो इसमें सहायक वन संरक्षक, जिला वन संरक्षक, वन संरक्षक प्रमुख, वन संरक्षक जैसे पद सम्मिलित हैं। इसके अलावा सबसे सीनियर पदों में प्रधान वन संरक्षक एवं वन महा निरीक्षक की रैंक होती है। जाहिर तौर पर शुरुआत में जिम्मेदारियां कम होती हैं, किंतु बाद में यह जिम्मेदारियां धीरे-धीरे बढ़ती ही चली जाती हैं और आपको उस अनुरूप कार्य करना पड़ता है। भारत भर में मौजूद तमाम नेशनल पार्क और जहां पर अभ्यारण इत्यादि बनाए गए हैं, वहां पर इन ऑफिसर्स की तैनाती होती है।

पदों की बात करें तो इसमें सहायक वन संरक्षक, जिला वन संरक्षक, वन संरक्षक प्रमुख, वन संरक्षक जैसे पद सम्मिलित हैं। इसके अलावा सबसे सीनियर पदों में प्रधान वन संरक्षक एवं वन महा निरीक्षक की रैंक होती है। जाहिर तौर पर शुरुआत में जिम्मेदारियां कम होती हैं, किंतु बाद में यह जिम्मेदारियां धीरे-धीरे बढ़ती ही चली जाती हैं और आपको उस अनुरूप कार्य करना पड़ता है। भारत भर में मौजूद तमाम नेशनल पार्क और जहां पर अभ्यारण इत्यादि बनाए गए हैं, वहां पर इन ऑफिसर्स की तैनाती होती है।

IFS बनने के लिए योग्यता

 

अगर आप फॉरेस्ट ऑफिसर (IFS) बनना चाहते हैं तो 12वीं के बाद मैथ्स, जुलोजी, जियोलॉजी, सांख्यिकी, फिजिक्स, कैमेस्ट्री, बॉटनी, वेटरनरी साइंस, एनिमल हस्बैंडरी या फिर मेडिकल साइंस में स्नातक होना आवश्यक होता है। 

IFS बनने के लिए योग्यता

 

अगर आप फॉरेस्ट ऑफिसर (IFS) बनना चाहते हैं तो 12वीं के बाद मैथ्स, जुलोजी, जियोलॉजी, सांख्यिकी, फिजिक्स, कैमेस्ट्री, बॉटनी, वेटरनरी साइंस, एनिमल हस्बैंडरी या फिर मेडिकल साइंस में स्नातक होना आवश्यक होता है। 

अगर इसके लिए एज की बात करें तो 21 साल से लेकर 32 साल के बीच में आप अप्लाई कर सकते हैं। वहीं अनुसूचित जाति और जनजातियों के लिए इंडियन गवर्नमेंट द्वारा उम्र में संबंधित छूट दी जाती है। IFS के लिए कैंडिडेट्स का फिजिकल टेस्ट भी किया जाता है। 

अगर इसके लिए एज की बात करें तो 21 साल से लेकर 32 साल के बीच में आप अप्लाई कर सकते हैं। वहीं अनुसूचित जाति और जनजातियों के लिए इंडियन गवर्नमेंट द्वारा उम्र में संबंधित छूट दी जाती है। IFS के लिए कैंडिडेट्स का फिजिकल टेस्ट भी किया जाता है। 

परीक्षा का पैटर्न (Exam pattern for IFS) 

 

इंडियन फॉरेस्ट सर्विस परीक्षा (UPSC IFS Exam) तीन भागों में आयोजित की जाती है-

 

1. प्रारंभिक परीक्षा- इसके प्राइमरी परीक्षा में 200-200 नंबर के दो पेपर होते हैं। यह एक्जाम वस्तुनिष्ठ प्रश्नों पर आधारित होती है, जिसमें पहला पेपर जनरल नॉलेज तथा दूसरा क्वालीफाई पेपर होता है। जिसमें 33 फीसदी अंक लाना आवश्यक होता है। परीक्षा के लिए 2 घंटे का समय निर्धारित होता है।

 

2. मुख्य परीक्षा- मैन परीक्षा में अच्छे अंक लाना बेहद जरूरी होता है। इसमें कुल 6 पेपर होते हैं जिसमें अंग्रेजी और सामान्य ज्ञान के पेपर 300-300 अंकों के होते हैं. जबकि शेष 4 पेपर 200-200 अंकों के होते हैं। इन चार पेपर के लिए विषय का चुनाव प्रतिभागी कर सकते हैं। इसके लिए यूपीएससी उन विषयों की सूची जारी करता है।

 

3. इंटरव्यू- रिटर्न एग्जाम के बाद चयनित प्रतिभागियों का इंटरव्यू होता है। कई अधिकारियों का पैनल इंटरव्यू लेता है।

परीक्षा का पैटर्न (Exam pattern for IFS) 

 

इंडियन फॉरेस्ट सर्विस परीक्षा (UPSC IFS Exam) तीन भागों में आयोजित की जाती है-

 

1. प्रारंभिक परीक्षा- इसके प्राइमरी परीक्षा में 200-200 नंबर के दो पेपर होते हैं। यह एक्जाम वस्तुनिष्ठ प्रश्नों पर आधारित होती है, जिसमें पहला पेपर जनरल नॉलेज तथा दूसरा क्वालीफाई पेपर होता है। जिसमें 33 फीसदी अंक लाना आवश्यक होता है। परीक्षा के लिए 2 घंटे का समय निर्धारित होता है।

 

2. मुख्य परीक्षा- मैन परीक्षा में अच्छे अंक लाना बेहद जरूरी होता है। इसमें कुल 6 पेपर होते हैं जिसमें अंग्रेजी और सामान्य ज्ञान के पेपर 300-300 अंकों के होते हैं. जबकि शेष 4 पेपर 200-200 अंकों के होते हैं। इन चार पेपर के लिए विषय का चुनाव प्रतिभागी कर सकते हैं। इसके लिए यूपीएससी उन विषयों की सूची जारी करता है।

 

3. इंटरव्यू- रिटर्न एग्जाम के बाद चयनित प्रतिभागियों का इंटरव्यू होता है। कई अधिकारियों का पैनल इंटरव्यू लेता है।

इंटरव्यू के अलावा यहां फिजिकल टेस्ट भी लिया जाता है जिसमें दौड़-भाग शामिल है। शारीरिक मानदंड निर्धारित किये गये हैं, जैसे – हाइट 163 सेमीं (पुरुष उम्मीदवारों के लिए, महिलाओं के लिए 150 सेमी), चेस्ट 84 सेमी (न्यूनतम 5 सेमी का फुलाव), आदि। सभी स्टेज में पास होने वाले कैंडिडेट्स का सिलेक्शन वन अधिकारी के लिए होता है।

इंटरव्यू के अलावा यहां फिजिकल टेस्ट भी लिया जाता है जिसमें दौड़-भाग शामिल है। शारीरिक मानदंड निर्धारित किये गये हैं, जैसे – हाइट 163 सेमीं (पुरुष उम्मीदवारों के लिए, महिलाओं के लिए 150 सेमी), चेस्ट 84 सेमी (न्यूनतम 5 सेमी का फुलाव), आदि। सभी स्टेज में पास होने वाले कैंडिडेट्स का सिलेक्शन वन अधिकारी के लिए होता है।

IFS ऑफिसर मिलती है ट्रेनिंग (IFS Officer Training)

 

IFS में सफल होने के बाद कैंडिडेट्स को आवश्यक ट्रेनिंग जरूर दी जाती है।  इंटरव्यू में भी सिलेक्ट होने के बाद आपको शुरुआती प्रशिक्षण के लिए लाल बहादुर शास्त्री अकादमी में भेजा जाता है, जहां पर तमाम सब्जेक्ट की गहन जानकारी आपको दी जाती है।

IFS ऑफिसर मिलती है ट्रेनिंग (IFS Officer Training)

 

IFS में सफल होने के बाद कैंडिडेट्स को आवश्यक ट्रेनिंग जरूर दी जाती है।  इंटरव्यू में भी सिलेक्ट होने के बाद आपको शुरुआती प्रशिक्षण के लिए लाल बहादुर शास्त्री अकादमी में भेजा जाता है, जहां पर तमाम सब्जेक्ट की गहन जानकारी आपको दी जाती है।

उसके बाद आपको इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी, जो देहरादून में स्थित है, वहां पर भेजा जाता है। वहां पर आपको वन प्रबंधन, मृदा संरक्षण, आदिवासी कल्याण, वन्यजीव प्रबंधन सर्वेक्षण करने तथा दूसरे ऑन जॉब ट्रेनिंग दी जाती है। इसके बाद आप कहीं तैनाती के काबिल हो पाते हैं।

उसके बाद आपको इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी, जो देहरादून में स्थित है, वहां पर भेजा जाता है। वहां पर आपको वन प्रबंधन, मृदा संरक्षण, आदिवासी कल्याण, वन्यजीव प्रबंधन सर्वेक्षण करने तथा दूसरे ऑन जॉब ट्रेनिंग दी जाती है। इसके बाद आप कहीं तैनाती के काबिल हो पाते हैं।

वन अधिकारी की सैलरी (IFS Salary) 

 

यदि आप आईएफएस परीक्षा पास करके वन अधिकारी बनते हैं तो देश के ए क्लास अफसरों में गिने जाते हैं और आपके नीचे कई अधिकारी काम करते हैं। सैलरी की बात करें तो स्टैण्डर्ड सैलरी स्ट्रक्चर होता है। एक आईएफएस का प्रारंभिक वेतन पे लेवल 10,5600 रुपये (बेसिक)+ डीए (2 प्रतिशत) + टीए (3600)+एचआरए (तीस प्रतिशत) = लगभग 80000 रूपये प्रतिमाह है |
 

वन अधिकारी की सैलरी (IFS Salary) 

 

यदि आप आईएफएस परीक्षा पास करके वन अधिकारी बनते हैं तो देश के ए क्लास अफसरों में गिने जाते हैं और आपके नीचे कई अधिकारी काम करते हैं। सैलरी की बात करें तो स्टैण्डर्ड सैलरी स्ट्रक्चर होता है। एक आईएफएस का प्रारंभिक वेतन पे लेवल 10,5600 रुपये (बेसिक)+ डीए (2 प्रतिशत) + टीए (3600)+एचआरए (तीस प्रतिशत) = लगभग 80000 रूपये प्रतिमाह है |
 

वन अधिकारी की सुविधाएं (IFS Other Facilities)

 

IFS अधिकारी को IAS-IPS की तरह ही सैलरी के अलावा और बहुत सारी सुविधाएं मिलती हैं। वन अधिकारी को रहने को सरकारी आवास, महंगाई भत्ता, आने जाने के किराये का पैसा और चिकित्सीय सुविधाएं आदि भी मिलती हैं। साथ ही साथ इन्हें समाज में बहुत सम्मान भी मिलता है। 

वन अधिकारी की सुविधाएं (IFS Other Facilities)

 

IFS अधिकारी को IAS-IPS की तरह ही सैलरी के अलावा और बहुत सारी सुविधाएं मिलती हैं। वन अधिकारी को रहने को सरकारी आवास, महंगाई भत्ता, आने जाने के किराये का पैसा और चिकित्सीय सुविधाएं आदि भी मिलती हैं। साथ ही साथ इन्हें समाज में बहुत सम्मान भी मिलता है। 

आईएफएस ऑफिसर कैसे बने (How To Become a IFS Officer in Hindi)

 

Indian Foreign Service में नौकरी कैसे पाएं यह सबसे बड़ा सवाल होता है। दोस्तों भारतीय विदेश सेवा में नौकरी पाने के लिए आपको सबसे पहले इसके सारे मापदंडों को पूरा करना होता है उसके बाद आपको इसके परीक्षा देनी होती है जो विद्यार्थी इस परीक्षा में सफल होते हैं उन्हें ही भारतीय विदेश सेवा में नौकरी प्राप्त होती है। आपको किसी मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से किसी भी विषय में बहुत अच्छे अंकों के साथ अपनी ग्रेजुएशन की डिग्री प्राप्त करनी है। अपनी ग्रेजुएशन की डिग्री पूरी करने के साथ-साथ आपको इसके परीक्षा की तैयारी करने की जरूरत होती है।
 

आईएफएस ऑफिसर कैसे बने (How To Become a IFS Officer in Hindi)

 

Indian Foreign Service में नौकरी कैसे पाएं यह सबसे बड़ा सवाल होता है। दोस्तों भारतीय विदेश सेवा में नौकरी पाने के लिए आपको सबसे पहले इसके सारे मापदंडों को पूरा करना होता है उसके बाद आपको इसके परीक्षा देनी होती है जो विद्यार्थी इस परीक्षा में सफल होते हैं उन्हें ही भारतीय विदेश सेवा में नौकरी प्राप्त होती है। आपको किसी मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से किसी भी विषय में बहुत अच्छे अंकों के साथ अपनी ग्रेजुएशन की डिग्री प्राप्त करनी है। अपनी ग्रेजुएशन की डिग्री पूरी करने के साथ-साथ आपको इसके परीक्षा की तैयारी करने की जरूरत होती है।
 

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