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1 केला 3 लोगों में बिना काटे-तोड़े बराबर कैसे बांटोगे? IAS इंटरव्यू के सवाल का लड़के ने दिया झन्नाटेदार जवाब

First Published Dec 11, 2020, 5:11 PM IST
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करियर डेस्क. IAS Interview questions: संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा मुख्य परीक्षा (Civil Services mains Exam) इस बार  जनवरी में होनी है। इस परीक्षा में पास होने वाले कैंडिडेट्स UPSC परसनैलिटी टेस्ट देंगे। यहां अधिकारियों का पैनल कैंडिडेट्स से तर्कशक्ति और दिमाग कौशल परखने तीखे सवाल पूछता है। अधिकारी कैंडिडेट से कुछ अटपटे अजीब सवाल भी पूछते हैं जैसे किस चीज के बिना आदमी की कोई पहचान नहीं? बोलने से कौन सी चीज टूट जाती है? ईमानदारी क्या है? आज हम आपको IAS इंटरव्यू के खतरनाक ट्रिकी सवाल बता रहे हैं- 

जवाब. ये सवाल MPPSC यानि मध्य प्रदेश सिविल सर्विस परीक्षा के इंटरव्यू में पूछा गया था। कैंडिडेट ने जवाब दिया-  रोटी (Roti) को संस्कृत में रोटिका कहते हैं। जिसके मूल में इंडो-यूरोपीय अर्थात भारोपीय भाषा परिवार का रोटो शब्द है जिससे संस्कृत ,हिन्दी, अग्रेजी के वृत्त, रथ, रोटिका, रोटी, रोटेशन और रोटरी जैसे अनेक शब्द बने हैं जो सभी गोलाई का भाव लिए है।
 

जवाब. ये सवाल MPPSC यानि मध्य प्रदेश सिविल सर्विस परीक्षा के इंटरव्यू में पूछा गया था। कैंडिडेट ने जवाब दिया-  रोटी (Roti) को संस्कृत में रोटिका कहते हैं। जिसके मूल में इंडो-यूरोपीय अर्थात भारोपीय भाषा परिवार का रोटो शब्द है जिससे संस्कृत ,हिन्दी, अग्रेजी के वृत्त, रथ, रोटिका, रोटी, रोटेशन और रोटरी जैसे अनेक शब्द बने हैं जो सभी गोलाई का भाव लिए है।
 

जवाब: क्योंकि उसने बॉल को किक ऊपर की ओर मारा था। 

जवाब: क्योंकि उसने बॉल को किक ऊपर की ओर मारा था। 

जवाब: नाम

जवाब: नाम

जवाब: कसम

जवाब: कसम

 जवाब: विटामिन B12 की कमी से। 

 जवाब: विटामिन B12 की कमी से। 

सही जवाब:- पुलिस को हिंदी में राजकीय जन रक्षक कहते हैं।

सही जवाब:- पुलिस को हिंदी में राजकीय जन रक्षक कहते हैं।

जवाब. नाम

जवाब. नाम

जवाब. पानी ऑक्सीजन और हाइड्रोजन के अणुओं से मिलकर बना है जो ऊर्जा को अवशोषित करने में असमर्थ हैं। इसलिए प्रकाश पड़ने के बावजूद पानी बेरंग दिखाई देता है। 

जवाब. पानी ऑक्सीजन और हाइड्रोजन के अणुओं से मिलकर बना है जो ऊर्जा को अवशोषित करने में असमर्थ हैं। इसलिए प्रकाश पड़ने के बावजूद पानी बेरंग दिखाई देता है। 

जवाब. खिड़की। 

जवाब. खिड़की। 

जवाब: इंसानों में गुदगुदी हार्मोंस और नर्व सिस्टम के कारण होती हैं। अमरीका की मेरीलैंड यूनिवर्सिटी के प्रोफ़ेसर रॉबर्ट प्रोविन का कहना है कि गुदगुदी होने पर हंसी का आना विज्ञान में रिसर्च का एक बड़ा विषय रहा है। दो तरह की गुदगुदी होती है। 

 

गुदगुदी का एक प्रकार है नाइस्मेसिस- इसमें बदन के कुछ ख़ास हिस्सों को धीरे-धीरे सहलाने पर आपको गुदगुदी होती है। जैसे पैर के निचले हिस्से को सहलाने पर या गर्दन पर उंगलियां फेरने से गुदगुदी महसूस होती है।

 

दूसरे प्रकार का नाम है गार्गालिसिस- इस गुदगुदी का एहसास स्तनधारी जीवों को ही होता है। इसमें खुलकर हंसी आती है, गुदगुदी का एहसास त्वचा में छुपी उन नसों को छूने से होता है जिन पर हम किसी भी चीज़ के लगने को महसूस करते हैं जबकि खिलखिलाकर हंसना एक सामाजिक बर्ताव है। 2009 में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक़ इंसान के हंसने की सलाहियत के तार हमारे दूसरे रिश्तेदारों यानी प्राइमेट्स के हंसने से जुड़े हैं।

 

जानवरों को भी होती है गुदगुदी?

इस रिसर्च में बंदरों के कुनबे के बहुत से सदस्यों की अलग-अलग आवाज़ों को रिकॉर्ड किया गया। कुछ आवाज़ें सिर्फ़ एक शोर की तरह सुनाई दीं जबकि कुछ आवाज़ें इंसान के हंसने की आवाज़ से मेल खाती थीं। इनमें गोरिल्ला और बोनोबो बंदरों की आवाज़ें इंसानों के सबसे क़रीब पाई गईं। लेकिन इससे सिर्फ़ एक अच्छा-सा एहसास होता है। खुलकर हंसी नहीं आती, इस गुदगुदी का एहसास छिपकली जैसे रेंगने वाले जीवों को भी होता है।

जवाब: इंसानों में गुदगुदी हार्मोंस और नर्व सिस्टम के कारण होती हैं। अमरीका की मेरीलैंड यूनिवर्सिटी के प्रोफ़ेसर रॉबर्ट प्रोविन का कहना है कि गुदगुदी होने पर हंसी का आना विज्ञान में रिसर्च का एक बड़ा विषय रहा है। दो तरह की गुदगुदी होती है।

 

गुदगुदी का एक प्रकार है नाइस्मेसिस- इसमें बदन के कुछ ख़ास हिस्सों को धीरे-धीरे सहलाने पर आपको गुदगुदी होती है। जैसे पैर के निचले हिस्से को सहलाने पर या गर्दन पर उंगलियां फेरने से गुदगुदी महसूस होती है।

 

दूसरे प्रकार का नाम है गार्गालिसिस- इस गुदगुदी का एहसास स्तनधारी जीवों को ही होता है। इसमें खुलकर हंसी आती है, गुदगुदी का एहसास त्वचा में छुपी उन नसों को छूने से होता है जिन पर हम किसी भी चीज़ के लगने को महसूस करते हैं जबकि खिलखिलाकर हंसना एक सामाजिक बर्ताव है। 2009 में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक़ इंसान के हंसने की सलाहियत के तार हमारे दूसरे रिश्तेदारों यानी प्राइमेट्स के हंसने से जुड़े हैं।

 

जानवरों को भी होती है गुदगुदी?

इस रिसर्च में बंदरों के कुनबे के बहुत से सदस्यों की अलग-अलग आवाज़ों को रिकॉर्ड किया गया। कुछ आवाज़ें सिर्फ़ एक शोर की तरह सुनाई दीं जबकि कुछ आवाज़ें इंसान के हंसने की आवाज़ से मेल खाती थीं। इनमें गोरिल्ला और बोनोबो बंदरों की आवाज़ें इंसानों के सबसे क़रीब पाई गईं। लेकिन इससे सिर्फ़ एक अच्छा-सा एहसास होता है। खुलकर हंसी नहीं आती, इस गुदगुदी का एहसास छिपकली जैसे रेंगने वाले जीवों को भी होता है।

जवाब: बनाना शेक बनाकर

 

ये एक ट्रिकी सवाल है जिसका जवाब कैंडिडेट ने ऐसा दिया कि लोग हंस पड़े उसने दिमाग लगाकर बोला कि बनाना शेक बनाकर एक केला तीन लोगों में बराबर बंट जाएगा। 

जवाब: बनाना शेक बनाकर

 

ये एक ट्रिकी सवाल है जिसका जवाब कैंडिडेट ने ऐसा दिया कि लोग हंस पड़े उसने दिमाग लगाकर बोला कि बनाना शेक बनाकर एक केला तीन लोगों में बराबर बंट जाएगा। 

जवाब. पटाखों या आतिशबाजी को बनाने में गन पाउडर (gunpowder) या काला पाउडर (black powder) का इस्तेमाल करते हैं। ये बारूद गंधक, कोयला एवं शोरा (पोटैसिअम नाइट्रेट या साल्टपीटर) का मिश्रण होता है और यह मानव इतिहास का सर्वप्रथम निर्मित विस्फोटक था। बारूद का प्रयोग पटाखों एवं नोदक (प्रोपेलन्ट) के रूप में अग्निशस्त्रों (firearms) में किया जाता है।
 

जवाब. पटाखों या आतिशबाजी को बनाने में गन पाउडर (gunpowder) या काला पाउडर (black powder) का इस्तेमाल करते हैं। ये बारूद गंधक, कोयला एवं शोरा (पोटैसिअम नाइट्रेट या साल्टपीटर) का मिश्रण होता है और यह मानव इतिहास का सर्वप्रथम निर्मित विस्फोटक था। बारूद का प्रयोग पटाखों एवं नोदक (प्रोपेलन्ट) के रूप में अग्निशस्त्रों (firearms) में किया जाता है।
 

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