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क्या होता है बायो बबल? जिसमें खिलाड़ी रहते है सुरक्षित, जानें सुरक्षा के बाद भी कैसे संक्रमित हुए प्लेयर्स

First Published May 5, 2021, 10:20 AM IST
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स्पोर्ट्स डेस्क: आईपीएल 2021 (IPL2021) के दौरान कई खिलाड़ियों के कोरोना पॉजिटिव आने के बाद सीरीज को स्थगित कर दिया गया है। बायो बबल (bio-bubble) में रहने के बाद भी खिलाड़ियों का संक्रमित होना कई तरह के सवाल उठा रहा है, क्योंकि इसी तरह के बबल में पिछले साल यूएई में आईपीएल के 13वें सीजन का आयोजन सफल हुआ था। लेकिन इस बार ऐसा क्या हुआ कि हाई सिक्योरिटी होने के बाद भी बबल टूट गया और कोरोना का हमला आईपीएल पर हो गया ? ऐसे ही कई सवाल जहन में इस वक्त आ रहे होंगे, कि बायो बबल होता क्या है ? कैसे इसमें खिलाड़ी सुरक्षित होते हैं और इस बार कहां चूक हुई ? तो चलिए आपको बताते हैं..

क्या होता है बायो बबल
बायो बबल एक काल्पनिक क्षेत्र है जिसमें अंदर रहने वाले लोगों का बाहरी दुनिया से बिल्कुल भी संपर्क नहीं होता है। आईपीएल के लिए बनाए गए बायो बबल में क्रिकेटरों के अलावा टूर्नामेंट से जुड़े सभी लोग शामिल थे। उन्हें इससे बाहर निकलने की अनुमति नहीं थी।

क्या होता है बायो बबल
बायो बबल एक काल्पनिक क्षेत्र है जिसमें अंदर रहने वाले लोगों का बाहरी दुनिया से बिल्कुल भी संपर्क नहीं होता है। आईपीएल के लिए बनाए गए बायो बबल में क्रिकेटरों के अलावा टूर्नामेंट से जुड़े सभी लोग शामिल थे। उन्हें इससे बाहर निकलने की अनुमति नहीं थी।

कैसे बनाया जाता है बायो बबल
जिस जगह खिलाड़ी जाते हैं, जैसे स्टेडियम या होटल, वहां ऐसी जगह चुनी जाती है जहां बबल के बाहर किसी से आसानी से संपर्क न हो सके। खिलाड़ी इन चुनी हुई जगह के अलावा कहीं और नहीं जा सकते हैं।

कैसे बनाया जाता है बायो बबल
जिस जगह खिलाड़ी जाते हैं, जैसे स्टेडियम या होटल, वहां ऐसी जगह चुनी जाती है जहां बबल के बाहर किसी से आसानी से संपर्क न हो सके। खिलाड़ी इन चुनी हुई जगह के अलावा कहीं और नहीं जा सकते हैं।

खिलाड़ियों को नहीं होती बबल तोड़ने की अनुमति
आईपीएल शुरू होने से लेकर खत्म होने तक कोई भी खिलाड़ी इस बबल से बाहर नहीं जा सकता है। अगर किसी विशेष परिस्थिति में उन्हें बाहर जाने की अनुमति दी जाती है, तो बबल में लौटने से पहले उन्हें 7 दिन क्वारनटीन होना पड़ता है। उसके बाद कोरोना की रिपोर्ट निगेटिव होने के बाद ही वे दोबारा बायो बबल से जुड़ते हैं।

खिलाड़ियों को नहीं होती बबल तोड़ने की अनुमति
आईपीएल शुरू होने से लेकर खत्म होने तक कोई भी खिलाड़ी इस बबल से बाहर नहीं जा सकता है। अगर किसी विशेष परिस्थिति में उन्हें बाहर जाने की अनुमति दी जाती है, तो बबल में लौटने से पहले उन्हें 7 दिन क्वारनटीन होना पड़ता है। उसके बाद कोरोना की रिपोर्ट निगेटिव होने के बाद ही वे दोबारा बायो बबल से जुड़ते हैं।

BCCI ने बनाए थे सख्त नियम
बीसीसीआई बायो बबल को लेकर सख्त नियम भी बनाए थे। अगर कोई भी खिलाड़ी या अन्य सदस्य बायो बबल तोड़ता है तो वो कोड ऑफ कंडक्ट का दोषी माना जाता है और उसपर कुछ मैचों का प्रतिबंध भी लग सकता है।

BCCI ने बनाए थे सख्त नियम
बीसीसीआई बायो बबल को लेकर सख्त नियम भी बनाए थे। अगर कोई भी खिलाड़ी या अन्य सदस्य बायो बबल तोड़ता है तो वो कोड ऑफ कंडक्ट का दोषी माना जाता है और उसपर कुछ मैचों का प्रतिबंध भी लग सकता है।

ट्रैकिंग डिवाइस से होती है निगरानी
खिलाड़ियों की हर मूवमेंट पर नजर रखने के लिए एक GPS ट्रैकिंग डिवाइस लगा होता है। यह डिवाइस प्लेयर्स को अपनी रिस्ट यानी की कलाई पर पहननी होती है। इससे पता चलता है कि कौन बायो बबल के अंदर है और कौन बाहर जा रहा है।

ट्रैकिंग डिवाइस से होती है निगरानी
खिलाड़ियों की हर मूवमेंट पर नजर रखने के लिए एक GPS ट्रैकिंग डिवाइस लगा होता है। यह डिवाइस प्लेयर्स को अपनी रिस्ट यानी की कलाई पर पहननी होती है। इससे पता चलता है कि कौन बायो बबल के अंदर है और कौन बाहर जा रहा है।

कैसे टूटा बायो बबल
कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाड़ी वरुण चक्रवर्ती अपने कंधे का स्कैन करवाने के लिए अस्पताल गए थे। कहा जा रहा है कि इसी दौरान वह कोरोना वायरस से संक्रमित हुए और बायो बबल टूटा।

कैसे टूटा बायो बबल
कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाड़ी वरुण चक्रवर्ती अपने कंधे का स्कैन करवाने के लिए अस्पताल गए थे। कहा जा रहा है कि इसी दौरान वह कोरोना वायरस से संक्रमित हुए और बायो बबल टूटा।

यूएई में सफल रहा था बायो बबल
आईपीएल 2020 के लिए यूएई में ट्रैकिंग डिवाइस और बायो बबल की निगरानी रेस्ट्रेटा (Restrata) नाम की प्रोफेशनल कंपनी ने की थी,जबकि भारत में यह काम स्थानीय अस्पताल और परीक्षण प्रयोगशालाओं के हाथों में छोड़ दिया गया था, जो रेस्ट्रेटा की जरह काम नहीं कर पायी और बायो बबल टूट गया।

यूएई में सफल रहा था बायो बबल
आईपीएल 2020 के लिए यूएई में ट्रैकिंग डिवाइस और बायो बबल की निगरानी रेस्ट्रेटा (Restrata) नाम की प्रोफेशनल कंपनी ने की थी,जबकि भारत में यह काम स्थानीय अस्पताल और परीक्षण प्रयोगशालाओं के हाथों में छोड़ दिया गया था, जो रेस्ट्रेटा की जरह काम नहीं कर पायी और बायो बबल टूट गया।

ये खिलाड़ी हुए संक्रमित
सोमवार को KKR के वरुण चक्रवर्ती और संदीप वॉरियर पॉजिटिव आए थे। साथ ही CSK के बॉलिंग कोच लक्ष्मीपति बालाजी और दो अन्य स्टाफ भी संक्रमित हुए थे। मंगलवार को सनराइजर्स हैदराबाद के रिद्धिमान साहा और दिल्ली कैपिटल्स के अमित मिश्रा की भी रिपोर्ट पॉजिटिव गई।

ये खिलाड़ी हुए संक्रमित
सोमवार को KKR के वरुण चक्रवर्ती और संदीप वॉरियर पॉजिटिव आए थे। साथ ही CSK के बॉलिंग कोच लक्ष्मीपति बालाजी और दो अन्य स्टाफ भी संक्रमित हुए थे। मंगलवार को सनराइजर्स हैदराबाद के रिद्धिमान साहा और दिल्ली कैपिटल्स के अमित मिश्रा की भी रिपोर्ट पॉजिटिव गई।

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