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कभी भोले तो कभी बंसीलाल बनने वाले तेजप्रताप ने किया 'बहरूपिया कला केंद्र' का उद्घाटन? तस्वीर ने मचाया गदर

First Published Sep 14, 2020, 6:07 PM IST
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फैक्ट चेक डेस्क.  राष्ट्रीय जनता दल (RJD) अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव (Lalu Prasad yadav) के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव (Tej Pratap Yadav)  अलग-अलग रूप धारण करने को लेकर अक्सर सुर्खियों में बने रहते हैं। कभी वो तस्वीरों में भगवान् कृष्ण का वेश धारण कर बांसुरी बजाते दिखते हैं, तो कभी भगवान शिव जैसी तपस्या की मुद्रा में। अब बिहार चुनाव से पहले उनकी एक वायरल तस्वीर के जरिए दावा किया जा रहा है कि तेज प्रताप ने "बहरूपिया कला केन्द्र" का उद्घाटन किया। फेसबुक, ट्विटर पर ये तस्वीर गदर काटे हुए हैं।  फैक्ट चेकिंग में आइए जानते हैं कि सच क्या है? 

दरअसल लालू यादव के बेटे तेजप्रताप कई बार ऐसे-ऐसे अवतार में देखे गए कि लोगों की हंसी नहीं रूकी। वो खुद को भोलेनाथ के अवतार से कम नहीं समझते हैं। वो बंसी बजाकर तो रैली करते हैं। अब उनकी ऐसे अवतरणों को लेकर ये तस्वीर वायरल हो रही है। 
 

दरअसल लालू यादव के बेटे तेजप्रताप कई बार ऐसे-ऐसे अवतार में देखे गए कि लोगों की हंसी नहीं रूकी। वो खुद को भोलेनाथ के अवतार से कम नहीं समझते हैं। वो बंसी बजाकर तो रैली करते हैं। अब उनकी ऐसे अवतरणों को लेकर ये तस्वीर वायरल हो रही है। 
 

वायरल पोस्ट क्या है? 

 

तस्वीर में तेज प्रताप एक उद्घाटन पट्ट के बगल में खड़े दिख रहे हैं, जिस पर लिखा है " नव निर्मित बहुरुपिया कला केन्द्र का उद्घाटन सुप्रिसिध्द बहुरुपिये श्री तेज प्रताप यादव के करकमलों द्वारा आज समपन्न हुआ।" तस्वीर के साथ सोशल मीडिया यूजर्स तेज प्रताप पर कटाक्ष करते हुए लिख रहे हैं "पहली बार किसी भवन का उद्घाटन किसी सही इंसान द्वारा कराया गया है।"

वायरल पोस्ट क्या है? 

 

तस्वीर में तेज प्रताप एक उद्घाटन पट्ट के बगल में खड़े दिख रहे हैं, जिस पर लिखा है " नव निर्मित बहुरुपिया कला केन्द्र का उद्घाटन सुप्रिसिध्द बहुरुपिये श्री तेज प्रताप यादव के करकमलों द्वारा आज समपन्न हुआ।" तस्वीर के साथ सोशल मीडिया यूजर्स तेज प्रताप पर कटाक्ष करते हुए लिख रहे हैं "पहली बार किसी भवन का उद्घाटन किसी सही इंसान द्वारा कराया गया है।"

फर्जी तस्वीर फेसबुक और ट्विटर पर जमकर वायरल हो रही है। 2019 में भी इस तस्वीर को लोगों ने शेयर किया था। 

फर्जी तस्वीर फेसबुक और ट्विटर पर जमकर वायरल हो रही है। 2019 में भी इस तस्वीर को लोगों ने शेयर किया था। 

फैक्ट चेक

 

जांच-पड़ताल में हमने पाया कि वायरल तस्वीर फर्जी है। असली तस्वीर में तेज प्रताप पटना चिड़ियाघर में तेंदुए के पिंजरे का उद्घाटन कर रहे हैं। ये तस्वीर मार्च 2017 की है। 
 

फैक्ट चेक

 

जांच-पड़ताल में हमने पाया कि वायरल तस्वीर फर्जी है। असली तस्वीर में तेज प्रताप पटना चिड़ियाघर में तेंदुए के पिंजरे का उद्घाटन कर रहे हैं। ये तस्वीर मार्च 2017 की है। 
 

कैसे की पड़ताल? 

 

तस्वीर को लेकर अलग-अलग कीवर्ड्स और रिवर्स सर्च की मदद से हमें असली तस्वीर 'युवा राजद वैशाली' नाम के एक फेसबुक पेज पर मिली। यहां तस्वीर को 20 मार्च 2017 को पोस्ट किया गया था। असली तस्वीर में देखा जा सकता है कि उद्घाटन पट्ट पर तेज प्रताप की ओर से तेंदुए के पिंजरे का उद्घाटन किए जाने के संबंध में जानकारी लिखी है। तेज प्रताप ने इस पिंजरे का उद्घाटन पटना चिड़ियाघर में 19 मार्च 2017 को किया था। इस दौरान फेसबुक पर और भी कुछ यूजर्स ने इसी तरह की तस्वीरों को साझा किया था। 

कैसे की पड़ताल? 

 

तस्वीर को लेकर अलग-अलग कीवर्ड्स और रिवर्स सर्च की मदद से हमें असली तस्वीर 'युवा राजद वैशाली' नाम के एक फेसबुक पेज पर मिली। यहां तस्वीर को 20 मार्च 2017 को पोस्ट किया गया था। असली तस्वीर में देखा जा सकता है कि उद्घाटन पट्ट पर तेज प्रताप की ओर से तेंदुए के पिंजरे का उद्घाटन किए जाने के संबंध में जानकारी लिखी है। तेज प्रताप ने इस पिंजरे का उद्घाटन पटना चिड़ियाघर में 19 मार्च 2017 को किया था। इस दौरान फेसबुक पर और भी कुछ यूजर्स ने इसी तरह की तस्वीरों को साझा किया था। 

इस कार्यक्रम को लेकर दैनिक जागरण ने भी एक रिपोर्ट प्रकाशित की थी। जागरण की खबर में इस उद्घाटन की कुछ और तस्वीरें भी देखी जा सकती हैं। उस समय तेज प्रताप बिहार के पर्यावरण एवं वन विभाग के मंत्री थे।
 

इस कार्यक्रम को लेकर दैनिक जागरण ने भी एक रिपोर्ट प्रकाशित की थी। जागरण की खबर में इस उद्घाटन की कुछ और तस्वीरें भी देखी जा सकती हैं। उस समय तेज प्रताप बिहार के पर्यावरण एवं वन विभाग के मंत्री थे।
 

ये निकला नतीजा 

 

हमारी पड़ताल में साबित होता है कि वायरल तस्वीर फर्जी है। फोटोशॉप के मदद से इसमें बहुरूपिया शब्द जोड़ दिया गया है।
 

ये निकला नतीजा 

 

हमारी पड़ताल में साबित होता है कि वायरल तस्वीर फर्जी है। फोटोशॉप के मदद से इसमें बहुरूपिया शब्द जोड़ दिया गया है।
 

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