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2DG Medicine: जानिए कैसे काम करती है DRDO की एन्टी कोविड ड्रग 2-DG, 10 हजार डोज लांच

First Published May 17, 2021, 1:16 PM IST
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हेल्थ डेस्क. ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (Drugs Controller General of India) ने डीआरडीओ (DRDO) द्वारा कोविड​​-19 संक्रमण के इलाज के लिए 2 जी ड्रग के आपातकालीन  उपयोग को मंजूरी दी है। गंभीर रोगियों के लिए इसका उपयोग किया जा सकता है। पहले बैच में इस दवा के 10 हजार डोज लॉन्च किया। एक सप्ताह में यह मार्केट में आ सकती है। आइए जानते हैं कैसे काम करती है कोविड ड्रग 2-DG?

किसने बनाई है दवा
इसे हैदराबाद में डॉ रेड्डीज लैब की हेल्प से रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) की प्रयोगशाला, इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूक्लियर मेडिसिन एंड एलाइड साइंसेज (INMAS) द्वारा  बनाया गया है। 

किसने बनाई है दवा
इसे हैदराबाद में डॉ रेड्डीज लैब की हेल्प से रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) की प्रयोगशाला, इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूक्लियर मेडिसिन एंड एलाइड साइंसेज (INMAS) द्वारा  बनाया गया है। 

पहला बैच लांच
2-deoxy-D-glucose यानी 2डीजी नाम के इस ऐंटी-कोविड ड्रग को डीआरडीओ के वैज्ञानिकों ने बनाया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री हर्षवर्धन ने इस दवा का पहला बैच (10,000 डोज) लॉन्‍च क‍िया।

पहला बैच लांच
2-deoxy-D-glucose यानी 2डीजी नाम के इस ऐंटी-कोविड ड्रग को डीआरडीओ के वैज्ञानिकों ने बनाया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री हर्षवर्धन ने इस दवा का पहला बैच (10,000 डोज) लॉन्‍च क‍िया।

दूसरों से अलग कैसे है?
इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूक्लियर मेडिसिन एंड अलाइड साइंसेज (Director of the Institute of Nuclear Medicine and Allied Sciences) के निदेशक  डॉ अनिल मिश्रा के अनुसार, जब यह दवा दी जाएगी तो वायरस इस ग्‍लूकोज एनालॉग को लेगा और उसी में फंस जाएगा। नतीजा ये होगा कि वायरस अपनी कॉपीज नहीं बना पाएगा यानी उसकी ग्रोथ रुक जाएगी।

दूसरों से अलग कैसे है?
इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूक्लियर मेडिसिन एंड अलाइड साइंसेज (Director of the Institute of Nuclear Medicine and Allied Sciences) के निदेशक  डॉ अनिल मिश्रा के अनुसार, जब यह दवा दी जाएगी तो वायरस इस ग्‍लूकोज एनालॉग को लेगा और उसी में फंस जाएगा। नतीजा ये होगा कि वायरस अपनी कॉपीज नहीं बना पाएगा यानी उसकी ग्रोथ रुक जाएगी।

ऑक्सीजन लेवल में कमी पर कैसे करती है असर?
डॉ अनिल मिश्रा के अनुसार, दवा लेने के बाद ऑक्सीजन की डिमांड बढ़ जाती है क्योंकि शरीर में वायरस तेजी से बढ़ रहा है। एक बार यह प्रक्रिया बंद हो जाए तो ऑक्सीजन संकट भी दूर हो जाएगा। 

ऑक्सीजन लेवल में कमी पर कैसे करती है असर?
डॉ अनिल मिश्रा के अनुसार, दवा लेने के बाद ऑक्सीजन की डिमांड बढ़ जाती है क्योंकि शरीर में वायरस तेजी से बढ़ रहा है। एक बार यह प्रक्रिया बंद हो जाए तो ऑक्सीजन संकट भी दूर हो जाएगा। 

कितनी होगी इसकी कीमत
INMAS के वैज्ञानिक डॉ सुधीर चंदना ने कहा है कि दवाई की कीमत डॉ रेड्डीज लैब द्वारा किया जाएगा, जो खुराक का निर्भर करेगा। डॉ मिश्रा ने कहा कि दवाई की कीमत खरीदारों को देखते हुए किया जाएगा।

कितनी होगी इसकी कीमत
INMAS के वैज्ञानिक डॉ सुधीर चंदना ने कहा है कि दवाई की कीमत डॉ रेड्डीज लैब द्वारा किया जाएगा, जो खुराक का निर्भर करेगा। डॉ मिश्रा ने कहा कि दवाई की कीमत खरीदारों को देखते हुए किया जाएगा।

दवा को कैसे लें?
सुधीर चंदना ने कहा है कि ग्लूकोज पाउडर की तरह इस दवा को पानी के साथ दिन में दो बार ले सकते हैं। एक कोविड-19 से संक्रमित को पूरी तरह से ठीक होने के लिए पांच से सात दिनों तक इस दवा का सेवन करना पड़ सकता है।

दवा को कैसे लें?
सुधीर चंदना ने कहा है कि ग्लूकोज पाउडर की तरह इस दवा को पानी के साथ दिन में दो बार ले सकते हैं। एक कोविड-19 से संक्रमित को पूरी तरह से ठीक होने के लिए पांच से सात दिनों तक इस दवा का सेवन करना पड़ सकता है।

रिकवरी में करती है मदद
ट्रायल में सामने आया कि दवा कोविड मरीजों के लिए सेफ है और रिकवरी में भी मदद करती है। नतीजों के बाद DCGI ने नवंबर 2020 में फेज 3 ट्रायल की मंजूरी दी। आखिरकार ट्रायल डेटा के आधार पर 9 मई 2021 को DCGI ने इस दवा के आपातकालीन इस्‍तेमाल को मंजूरी दे दी।

 

Asianet News का विनम्र अनुरोधः आइए साथ मिलकर कोरोना को हराएं, जिंदगी को जिताएं...। जब भी घर से बाहर निकलें माॅस्क जरूर पहनें, हाथों को सैनिटाइज करते रहें, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें। वैक्सीन लगवाएं। हमसब मिलकर कोरोना के खिलाफ जंग जीतेंगे और कोविड चेन को तोडेंगे। #ANCares #IndiaFightsCorona

रिकवरी में करती है मदद
ट्रायल में सामने आया कि दवा कोविड मरीजों के लिए सेफ है और रिकवरी में भी मदद करती है। नतीजों के बाद DCGI ने नवंबर 2020 में फेज 3 ट्रायल की मंजूरी दी। आखिरकार ट्रायल डेटा के आधार पर 9 मई 2021 को DCGI ने इस दवा के आपातकालीन इस्‍तेमाल को मंजूरी दे दी।

 

Asianet News का विनम्र अनुरोधः आइए साथ मिलकर कोरोना को हराएं, जिंदगी को जिताएं...। जब भी घर से बाहर निकलें माॅस्क जरूर पहनें, हाथों को सैनिटाइज करते रहें, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें। वैक्सीन लगवाएं। हमसब मिलकर कोरोना के खिलाफ जंग जीतेंगे और कोविड चेन को तोडेंगे। #ANCares #IndiaFightsCorona

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