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एक राज्य के ऐसे 2 शख्स, जिनका एक दिन हुआ जन्म, दोनों बने सीएम..लेकिन हार गए थे पहला चुनाव
रांची ( Jharkhand) । झारखंड के दो पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन और बाबूलाल मरांडी का आज को जन्मदिन है। जगह-जगह कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। बता दें कि दोनों पूर्व मुख्यमंत्री ने हार से अपनी राजनीति की शुरुआत की थी। लेकिन, बाद में झारखंड के सीएम बने थे। हालांकि जिनके बारे में आज हम आपको बता रहे हैं।

बताते चले कि शिबू सोरेने झारखंड के तीन बार सीएम बने, जबकि बाबूलाल मरांडी झारखंड के पहले सीएम बने थे। दोनों ही नेता केंद्र सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं।
रामगढ़ में शिबू सोरेन का 11 जनवरी 1944 को जन्म हुआ था। झारखंड में वो गुरुजी के नाम से मशहूर हैं। वे अबतक तीन बार झारखंड के मुख्यमंत्री रह चुके हैं। साल 1970 में उन्होंने अपने राजनैतिक करियर की शुरुआत की थी। बताते हैं कि पिता की मौत के बाद लकड़ी बेचकर घर चलाने वाले शिबू सोरेन एक आदिवासी नेता हैं।
झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय अध्यक्ष शिबू सोरेन ने पहला लोकसभा चुनाव 1977 में लड़ा था, लेकिन उस चुनाव में उन्हें हार मिली थी। तीन साल बाद 1980 में हुए लोकसभा चुनाव में शिबू सोरेन को जीत हासिल हुई। इसके बाद वे लगातार 1989, 1991, 1996 और 2002 में चुनाव जीते। वो मनमोहन सरकार में कोयला मंत्री भी रहे थे।
11 जनवरी 1958 में गिरिडीह के कोडिया बैंग गांव में जन्मे बाबूलाल मरांडी झारखंड के पहले सीएम रहे बने। संघ और आएसएस से जुड़ने से पहले मरांडी एक स्कूल टीचर थे। साल 2000 में झारखंड राज्य बनने के बाद एनडीए सरकार में बाबूलाल ने राज्य में सरकार बनाई। साल 2003 में राज्य में नेतृत्व परिवर्तन के बाद सत्ता अर्जुन मुंडा को सौंप दी थी।
बताते हैं कि बाबूलाल मरांडी राजनीति में आने से पहले शिक्षक थे। उस समय एक बार उन्हें शिक्षा विभाग में काम पड़ गया। जब वह काम कराने विभाग के कार्यालय में गए तो वहां के बड़े बाबू ने काम के एवज में उनसे रिश्वत देने की मांग की। इस बात को लेकर दोनों में काफी कहासुनी हुई और इसके बाद गुस्साए बाबूलाल ने शिक्षक की नौकरी से इस्तीफा दे दिया था।
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