कोरोना से मिलेगा छुटकारा: इस वैक्सीन की भारत में हर मिनट बनेगी 500 डोज; देश में ट्रायल की मिली मंजूरी

First Published 3, Aug 2020, 7:59 AM

नई दिल्ली. दुनियाभर में कोरोना वायरस के 1.8 करोड़ मामले सामने आ चुके हैं। वहीं, 6.9 लाख लोगों की मौत हो चुकी है। ऐसे में इस संकट से निपटने के लिए तमाम देश कोरोना की वैक्सीन बनाने में जुटे हैं। कुछ वैक्सीन निर्णायक चरण में भी पहुंच गई हैं। इनमें से एक है ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की वैक्सीन। अब भारत के दवा नियामक ड्रग कंट्रोलर जनरल ने सीरम-ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी और एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन के दूसरे और तीसरे चरण के ट्रायल देश में कराने की अनुमति दे दी है। 

<p>डीजीसीआई ने ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की वैक्सीन को भारत में दूसरे और तीसरे चरण के क्लीनिकल ट्र्रायल करने की अनुमति दे दी है। ये ट्रायल सब्जेक्ट एक्सपर्ट कमेटी की सिफारिश के आधार पर होंगे।&nbsp;</p>

डीजीसीआई ने ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की वैक्सीन को भारत में दूसरे और तीसरे चरण के क्लीनिकल ट्र्रायल करने की अनुमति दे दी है। ये ट्रायल सब्जेक्ट एक्सपर्ट कमेटी की सिफारिश के आधार पर होंगे। 

<p><strong>वैक्सीन के पहले-दूसरे चरण के नतीजे देखकर मिली अनुमति</strong><br />
सब्जेक्ट एक्सपर्ट कमेटी को पिछले हफ्ते की शुरुआत में क्लीनिकल ट्रायल के लिए प्रस्ताव भेजा गया था। वैक्सीन के पहले और दूसरे ट्रायल के नतीजों को देखते हुए भारत में ट्रायल की अनुमति दी गई है।&nbsp;<br />
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वैक्सीन के पहले-दूसरे चरण के नतीजे देखकर मिली अनुमति
सब्जेक्ट एक्सपर्ट कमेटी को पिछले हफ्ते की शुरुआत में क्लीनिकल ट्रायल के लिए प्रस्ताव भेजा गया था। वैक्सीन के पहले और दूसरे ट्रायल के नतीजों को देखते हुए भारत में ट्रायल की अनुमति दी गई है। 
 

<p><strong>4 हफ्तों में दी जाएंगी दो डोज</strong><br />
बताया जा रहा है कि ट्रायल में 4 हफ्तों में 2 डोज दी जाएंगी। पहली डोज ट्रायल के पहले दिन और दूसरी 29 दिन बाद। अभी इस वैक्सीन का दूसरे और तीसरे चरण का ट्रायल ब्रिटेन में, तीसरे चरण का ब्राजील में और पहले और दूसरे चरण का द अफ्रीका में चल रहा है। &nbsp;<br />
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4 हफ्तों में दी जाएंगी दो डोज
बताया जा रहा है कि ट्रायल में 4 हफ्तों में 2 डोज दी जाएंगी। पहली डोज ट्रायल के पहले दिन और दूसरी 29 दिन बाद। अभी इस वैक्सीन का दूसरे और तीसरे चरण का ट्रायल ब्रिटेन में, तीसरे चरण का ब्राजील में और पहले और दूसरे चरण का द अफ्रीका में चल रहा है।  
 

<p><strong>&nbsp;प्रति मिनट 500 डोज बनाने की हो रही तैयारी</strong><br />
भारत की सीरम इंस्टीट्यूट ने ऑक्सफोर्ड की इस वैक्सीन को बनाने के लिए कॉन्ट्रैक्ट किया है। कंपनी का दावा है कि वह हर मिनट &nbsp;500 डोज बनाने की तैयारी कर रही है। सीरम के सीईओ अदार पूनावाला ने वैक्सीन के अंतिम नतीजे आने से पहले ही दावा किया है कि उनकी कंपनी वैक्सीन के सैकड़ों करोड़ डोज तैयार करेगी।&nbsp;</p>

 प्रति मिनट 500 डोज बनाने की हो रही तैयारी
भारत की सीरम इंस्टीट्यूट ने ऑक्सफोर्ड की इस वैक्सीन को बनाने के लिए कॉन्ट्रैक्ट किया है। कंपनी का दावा है कि वह हर मिनट  500 डोज बनाने की तैयारी कर रही है। सीरम के सीईओ अदार पूनावाला ने वैक्सीन के अंतिम नतीजे आने से पहले ही दावा किया है कि उनकी कंपनी वैक्सीन के सैकड़ों करोड़ डोज तैयार करेगी। 

<p>सीरम को उम्मीद है कि इस साल अक्टूबर-नवंबर तक कोरोना की वैक्सीन बन जाएगी। पूनावाला का कहना है कि दिसंबर तक उनकी कंपनी वैक्सीन के 30-40 करोड़ डोज बना लेगी। वहीं, उन्होंने इस वैक्सीन की कीमत भी करीब 1000 रुपए या उससे नीचे होने की उम्मीद जताई है।&nbsp;</p>

सीरम को उम्मीद है कि इस साल अक्टूबर-नवंबर तक कोरोना की वैक्सीन बन जाएगी। पूनावाला का कहना है कि दिसंबर तक उनकी कंपनी वैक्सीन के 30-40 करोड़ डोज बना लेगी। वहीं, उन्होंने इस वैक्सीन की कीमत भी करीब 1000 रुपए या उससे नीचे होने की उम्मीद जताई है। 

<p><strong>दुनियाभर से आ रहे फोन</strong><br />
अगर ऑक्सफोर्ड की यह वैक्सीन कामयाब होती है तो सीरम कंपनी दुनिया के तमाम देशों की कंपनियों से कॉन्ट्रैक्ट करेगी। अभी से पूनावाला के पास दुनियाभर से फोन आने लगे हैं। उन्होंने कहा, वैक्सीन की पहली खेप के लिए उनके पास देश-विदेश से स्वास्थ्य मंत्रियों, प्रधानमंत्रियों, स्टेट हेड्स और दोस्तों को फोन आ रहे हैं।&nbsp;</p>

दुनियाभर से आ रहे फोन
अगर ऑक्सफोर्ड की यह वैक्सीन कामयाब होती है तो सीरम कंपनी दुनिया के तमाम देशों की कंपनियों से कॉन्ट्रैक्ट करेगी। अभी से पूनावाला के पास दुनियाभर से फोन आने लगे हैं। उन्होंने कहा, वैक्सीन की पहली खेप के लिए उनके पास देश-विदेश से स्वास्थ्य मंत्रियों, प्रधानमंत्रियों, स्टेट हेड्स और दोस्तों को फोन आ रहे हैं। 

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