- Home
- National News
- हैदराबाद में स्टेच्यू ऑफ ईक्वेलिटी: MyGovIndia ने किया tweet-'भगवान की नजर में सब बराबर हैं'
हैदराबाद में स्टेच्यू ऑफ ईक्वेलिटी: MyGovIndia ने किया tweet-'भगवान की नजर में सब बराबर हैं'
हैदराबाद. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी(Prime Minister Narendra Modi) आज हैदराबाद में 11वीं सदी के भक्ति मार्ग के संत रामानुजाचार्य की स्मृति में 216 फीट ऊंची प्रतिमा स्टेच्यू ऑफ ईक्वेलिटी(Statue of Equality) राष्ट्र को समर्पित करने जा रहे हैं। यह बैठी हुई अवस्था में दुनिया की सबसे ऊंची मूर्ति है। तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने रामानुजाचार्य की प्रतिमा हैदराबाद में स्थापित होने पर खुशी जताते हुए इसे राज्य के लिए गर्व का क्षण बताया। बता दें कि हैदराबाद के मुचिन्तल में 2 से 14 फरवरी तक रामानुज सहस्राब्दी समारोह का आयोजन हो रहा है। इसमें हर दिन 1,035 कुंडों के साथ 14 दिनों तक एक महायज्ञ किया जाएगा। MyGovIndia ने एक tweet किया-'भगवान की नजर में सब बराबर हैं।' अमृत काल में हमारे प्रवेश के साथ, भारत@100 की 25 साल की यात्रा रामानुजाचार्य की एकीकरण, समानता और दया की शिक्षाओं के नेतृत्व में होगी। आज हैदराबाद में #StatueOfEquality के अनावरण में प्रधानमंत्री के साथ शामिल होना न भूलें। जानिए पूरी कहानी...

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी(Prime Minister Narendra Modi)हैदराबाद में शाम को लगभग 5 बजे 'स्टैच्यू ऑफ इक्वेलिटी' प्रतिमा राष्ट्र को समर्पित करेंगे। 45 एकड़ में बनी यह प्रतिमा हैदराबाद के शमशाबाद में स्थापित है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद 12 फरवरी को आंतरिक गर्भगृह में स्थापित संत की दूसरी प्रतिमा का अनावरण करेंगे।
216 फीट ऊंची स्टैच्यू ऑफ इक्वेलिटी प्रतिमा 11वीं सदी के भक्ति शाखा के संत रामानुजाचार्य की याद में बनाई गई है। रामानुजाचार्य ने आस्था, जाति और पंथ सहित जीवन के सभी पहलुओं में समानता के विचार को बढ़ावा दिया था। यह प्रतिमा 'पंचलोहा' से बनी है, जो पांच धातुओं: सोना, चांदी, तांबा, पीतल और जस्ता का एक संयोजन है और दुनिया में बैठने की अवस्था में सबसे ऊंची धातु की मूर्तियों में से एक है।
यह मूर्ति 54-फीट ऊंचे आधार भवन पर स्थापित है, जिसका नाम 'भद्र वेदी' है। इसमें वैदिक डिजिटल पुस्तकालय और अनुसंधान केंद्र, प्राचीन भारतीय ग्रंथ, एक थिएटर, एक शैक्षिक दीर्घा हैं, जो रामानुजाचार्य के कई कार्यों का विवरण प्रस्तुत करते हैं। इस प्रतिमा की परिकल्पना रामानुजाचार्य आश्रम के चिन्ना जीयार स्वामी ने की है।
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री 108 दिव्य देशम (सजावटी रूप से नक्काशीदार मंदिर) के समान मनोरंजनों का भी दौरा करेंगे जो स्टैच्यू ऑफ इक्वलिटी के चारों ओर बने हुए हैं।
हर इंसान की भावना के साथ लोगों के उत्थान के लिए अथक प्रयास किया। स्टैच्यू ऑफ इक्वैलिटी का उद्घाटन, श्री रामानुजाचार्य की वर्तमान में चल रही 1000 वीं जयंती समारोह यानी 12 दिवसीय रामानुज सहस्रब्दी समारोहम का एक भाग है।
यह भी पढ़ें-Republic day 2022: सर्वश्रेष्ठ राज्य झांकी के रूप में यूपी ने मारी बाजी; महाराष्ट्र और CISF को भी मिला सम्मान
मोदी के आगमन से पहले समारोह स्थल पर सरकार ने व्यवस्थाएं देखीं। मोदी यहां ICRISAT की 50 वीं वर्षगांठ समारोह का भी शुभारम्भ करेंगे।
National News (नेशनल न्यूज़) - Get latest India News (राष्ट्रीय समाचार) and breaking Hindi News headlines from India on Asianet News Hindi.