MalayalamNewsableKannadaKannadaPrabhaTeluguTamilBanglaHindiMarathiMyNation
  • Facebook
  • Twitter
  • whatsapp
  • YT video
  • insta
  • ताज़ा खबर
  • राष्ट्रीय
  • वेब स्टोरी
  • राज्य
  • मनोरंजन
  • लाइफस्टाइल
  • बिज़नेस
  • सरकारी योजनाएं
  • खेल
  • धर्म
  • ज्योतिष
  • फोटो
  • Home
  • States
  • Other State News
  • दुनियाभर में हिंसा के पीछे होता है इन आतंकवादी संगठनों का हाथ्, ये हैं दुनिया के सबसे बड़े दुश्मन

दुनियाभर में हिंसा के पीछे होता है इन आतंकवादी संगठनों का हाथ्, ये हैं दुनिया के सबसे बड़े दुश्मन

फरवरी दो बड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाओं के लिए जाना जाता रहेगा। एक घटना भारत से जुड़ी है। CAA के मुद्दे पर दिल्ली में भड़के दंगे के पीछे किसी आतंकी संगठन की साजिश की आशंका जताई गई है। वहीं, दूसरी घटना अंतरराष्ट्रीय है। अमेरिका ने आतंकी संगठन तालिबान से समझौता किया है। यानी अब अमेरिका धीरे-धीरे अफगानिस्तान से अपनी सेनाएं हटाएगा। लेकिन अमेरिका ने एक शर्त रखी है कि तालिबान अलकायदा से कोई रिश्ता नहीं रखेगा, वहीं अहिंसा का रास्ता छोड़ देगा। यह घटना भारत को प्रभावित करेगी। क्योंकि तालिबान को लेकर पाकिस्तान की सहानुभूति रही है। बहरहाल, समूची दुनिया में कई छोटे-बड़े आतकी संगठन सक्रिय हैं। ये मानवता और शांति के सबसे बड़े दुश्मन है। ISIS जैसे संगठनों ने सीरिया जैसे देश को तबाह कर दिया। लश्कर-ए-तैयबा जैसे आंतकी संगठन पाकिस्तान की शह और मदद से भारत के लिए परेशानी का सबक बनते रहे हैं। आइए जानते हैं दुनिया के कुछ सबसे बड़े दुश्मनों के बारे में...

3 Min read
Author : Asianet News Hindi
| Updated : Mar 03 2020, 01:38 PM IST
Share this Photo Gallery
  • FB
  • TW
  • Linkdin
  • Whatsapp
  • GNFollow Us
110
दुनिया में आतंक की पाठशालाएं यूं ही नहीं चलतीं। ज्यादातर आतंकी संगठनों की आधारशिला दुनियाभर में इस्लामिक सत्ता स्थापित करना है। वे तरक्की के विरोधी हैं। महिलाओं की शिक्षा और आजादी के सख्त विरोधी हैं। इन संगठनों का सिर्फ एक ही मकसद है, आतंक फैलाकर पैसा कमाना और लोगों पर तानाशाहीपूर्वक शासन करना।
210
तालिबान: इस संगठन के साथ कुछ दिनों पहले ही अमेरिका ने समझौता किया है। इस संगठन का एक समय में अफगानिस्तान में शासन था। इसकी स्थापना 1994 में मुल्ला मोहम्मद उमर ने की थी। हालांकि अमेरिका ने एक शर्त पर इससे समझौता किया है कि वो अलकायदा से दूरियां बनाएगा और शांति स्थापित करेगा।
310
लश्कर-ए-तैयबा: यह संगठन मुंबई में 26/11 के हमले का दोषी है। इसकी स्थापना हाफिज मुहम्मद सईद ने की थी। यह संगठन भारत में आतंकी गतिविधियों के लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार माना जाता है। इस संगठन को पाकिस्तानी सेना और इंटर सर्विस इंटेलिजेंस(ISI) से भी मदद मिलने के सबूत सामने आते रहे हैं।
410
अल-शाबान: यह संगठन सोमालिया में सक्रिय है। इसकी स्थापना 2006 में की गई थी। इसका मुख्य उद्देश्य विदेशी सेनाओं को सोमालिया में आने से रोकना रहा है। यह संगठन 2015 में केन्या की एक यूनिवर्सिटी पर हुए हमले के बाद कुख्यात हुआ था। इस हमले में 148 स्टूडेंट्स मारे गए थे।
510
तहरीक-ए-तालिबान: इस संगठन का उद्देश्य पाकिस्तान और अफगानिस्तान में दहशत फैलाना रहा है। यह संगठन हमेशा से ही पाकिस्तान की लोकतांत्रिक सरकारों के खिलाफ काम करता रहा है। इसकी स्थापना मुल्ला फजलुल्ला ने की थी।
610
रिवोल्यूशनरी आर्म्ड फोर्सेस ऑफ कोलबिंया: मार्क्सवादी-लेनिनवादी यह आतंकी संगठन ड्रग्स तस्करी के जरिये धन उगाहता है। यह संगठन लैटिन अमेरिकी देशों में आतंकी गतिविधियों के लिए बदनाम है। इसकी स्थापना 1964 में की गई थी। हाल में इसके 7000 सदस्यों ने सरकार के आगे हथियार डाले हैं। माना जा रहा है कि 2000 के करीब विद्रोही अभी भी सक्रिय हैं।
710
बोको हराम: यह संगठन नाइजीरिया में सक्रिय रहा है। इसका मकसद नाइजीरिया का इस्लामीकरण करना रहा है। बोको हराम अरबी शब्द है। इसका मतलब है 'पश्चिमी शिक्षा हराम' है। 2002 में इसका गठन हुआ था। इसके संस्थापक नाईजीरियाई मुस्लिम नेता मोहम्मद यूसुफ थे।
810
जेमा इस्लामिया: यह संगठन दक्षिण-पूर्व एशिया में सक्रिय है। इसे अलकायदा की ही एक ब्रांच माना जाता है। यह संगठन वर्ष, 2002 में इंडोनेशिया की राजधानी बाली में हुए सीरियल बम ब्लास्ट के बाद कुख्यात हुआ था। इस हादसे में 200 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी।
910
अबू सय्याफ: यह संगठन लूटमार के मकसद से बनाया गया है। यह संगठन दक्षिण-पूर्व एशिया में फिलीपींस में सक्रिय है। इसके सदस्य फिलीपींस के सल्लू टापू और तटवर्ती एरिया में सक्रिय रहकर लोगों का किडनैप करके मोटी रकम वसूलते हैं। इसे भी आतंकी संगठन का तमगा मिला हुआ है।
1010
अलकायदा: इस आतंकी संगठन की स्थापना ओसामा बिन लादेन ने 1989 की थी। अमेरिका ने लादेन को 2011 को पाकिस्तान के एबटाबाद में मार गिराया था। अमेरिका में हुए 9/11 हमले के पीछे इसी की साजिश सामने आई थी। इसे ऐसा पहली आतंकी संगठना माना जाता है, जिसने पढ़े-लिखे लिखे नौजवानों को भर्ती कराने बकायदा वैकेंसी निकाली थीं।

Other Indian State News (अन्य राज्य समाचार) - Read Latest State Hindi News (अन्य राज्य की खबरें), Regional News, Local News headlines in Hindi from all over the India.

About the Author

AN
Asianet News Hindi
एशियानेट न्यूज़ हिंदी डेस्क भारतीय पत्रकारिता का एक विश्वसनीय नाम है, जो समय पर, सटीक और प्रभावशाली खबरें प्रदान करता है। हमारी टीम क्षेत्रीय, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाओं पर गहरी पकड़ के साथ हर विषय पर प्रामाणिक जानकारी देने के लिए समर्पित है।

Latest Videos
Recommended Stories
Recommended image1
I-PAC केस में सुप्रीम कोर्ट पहुंची ED, अब क्या करेंगी ममता दीदी?
Recommended image2
सोमनाथ मंदिर में नारी शक्ति का चमत्कार, 363 महिलाएं कमा रहीं सालाना 9 करोड़
Recommended image3
रोज़ी-रोटी की कीमत मार खाकर चुकाई, Zepto डिलीवरी एग्जीक्यूटिव के साथ बहुत बुरा हुआ
Recommended image4
अमित शाह के दफ्तर के बाहर TMC का हंगामा! PHOTOS में देखें कैसे महुआ-डेरेक को उठा ले गई पुलिस
Recommended image5
Kangaroo Court in Odisha: एक प्रेम कहानी, एक भीड़ और इंसाफ के नाम पर दरिंदगी की इंतहा!
NEWS
Hindi NewsLatest News in HindiWorld News in HindiBreaking News in HindiTechnology News in HindiAuto News in HindiToday News in HindiNational News in Hindi
SPORTS
Sports News in HindiCricket News in Hindi
ENTERTAINMENT
Bollywood News in HindiEntertainment News in HindiTV News in HindiSouth Cinema NewsBhojpuri News
BUSINESS
Business News in HindiMoney News in Hindi
CAREER
Sarkari NaukriSarkari YojanaCareer News in Hindi
ASTROLOGY
Aaj Ka RashifalRashifal in HindiTarot Card ReadingNumerology in HindiReligion News in Hindi
STATES
Rajasthan News in HindiUP News in HindiUttarakhand News in HindiDelhi News in HindiMaharashtra News in HindiPunjab News in HindiMP News in HindiBihar News in HindiJharkhand News in HindiHaryana News in HindiChhattisgarh News in Hindi
Asianet
Follow us on
  • Facebook
  • Twitter
  • whatsapp
  • YT video
  • insta
  • Download on Android
  • Download on IOS
  • About Website
  • Terms of Use
  • Privacy Policy
  • CSAM Policy
  • Complaint Redressal - Website
  • Compliance Report Digital
  • Investors
© Copyright 2025 Asianxt Digital Technologies Private Limited (Formerly known as Asianet News Media & Entertainment Private Limited) | All Rights Reserved