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दुनिया का नंबर-2 'रईस' बना रहा ऐसी चिप, जो इंसान के दिमाग को कम्प्यूटर से कर देगी सीधे कनेक्ट

First Published Feb 3, 2021, 11:04 AM IST
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दुनिया के नंबर-2 रईस एलन मस्क (Elon Musk) एक ऐसी चिप पर काम कर रहे हैं, जिसे इंसान के दिमाग में फिट करके सीधे कम्प्यूटर से कनेक्ट कर दिया जाएगा। इससे कम्प्यूटर और इंसानी दिमाग एक साथ बराबरी से काम करेगा। यह प्रयोग इसलिए किया जा रहा है, ताकि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इंसानों पर हावी नहीं हो सके। बता दें कि स्पेसएक्स, टेस्ला के फाउंडर अरबपति एलन मस्क इनोवेशन के लिए जाने जाते हैं। उनकी कंपनी टेस्ला इलेक्ट्रिक व्हीकल बनाने वाली ख्यात कंपनी है। एलन ने 2016 में न्यूरालिंक नामक कंपनी बनाई थी। यह अल्ट्रा बैंडविथ ब्रेन-मशीन इंटरफेस पर काम कर रही है। जानिए पूरी कहानी...

एलन मस्क का दावा है कि वे एक साल के भीतर ऐसी चिप तैयार कर लेंगे, जिसे इंसान के दिमाग में फिट कर दिया जाएगा। इससे इंसान का दिमाग सीधे कम्प्यूटर से कनेक्ट हो जाएगा। इंसान क्या सोच रहा है, उसे पढ़ा जा सकेगा।

एलन मस्क का दावा है कि वे एक साल के भीतर ऐसी चिप तैयार कर लेंगे, जिसे इंसान के दिमाग में फिट कर दिया जाएगा। इससे इंसान का दिमाग सीधे कम्प्यूटर से कनेक्ट हो जाएगा। इंसान क्या सोच रहा है, उसे पढ़ा जा सकेगा।

साउथ अफ्रीका में जन्मे 49 वर्षीय एलन मस्क ने अमेरिकन कॉमेडियन जोसेफ जैम्स रोगन यानी जो रोगन के पाडकास्ट शो में इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इंसान के दिमाग में यह चिप कोई डॉक्टर नहीं, बल्कि रोबोट सर्जरी करके लगाएगा। मस्क का दावा है कि अगले 25 साल में यह तकनीक फुल ब्रेन इंटरफेस के रूप में तैयार हो सकती है
 

साउथ अफ्रीका में जन्मे 49 वर्षीय एलन मस्क ने अमेरिकन कॉमेडियन जोसेफ जैम्स रोगन यानी जो रोगन के पाडकास्ट शो में इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इंसान के दिमाग में यह चिप कोई डॉक्टर नहीं, बल्कि रोबोट सर्जरी करके लगाएगा। मस्क का दावा है कि अगले 25 साल में यह तकनीक फुल ब्रेन इंटरफेस के रूप में तैयार हो सकती है
 

चिप फिट करने के लिए इंसान की खोपड़ी से एक टुकड़ा निकाला जाएगा। रोबोट के जरिये इलेक्ट्रोड्स दिमाग में डाल दिए जाएंगे। इसमें डिवाइस जोड़ दी जाएगी। यानी सिर के ऊपर एक छोटा सा छेद रहेगा। मस्क का कहना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इंसानों पर हावी न हो जाए, इसलिए यह प्रयोग किया जा रहा है।

चिप फिट करने के लिए इंसान की खोपड़ी से एक टुकड़ा निकाला जाएगा। रोबोट के जरिये इलेक्ट्रोड्स दिमाग में डाल दिए जाएंगे। इसमें डिवाइस जोड़ दी जाएगी। यानी सिर के ऊपर एक छोटा सा छेद रहेगा। मस्क का कहना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इंसानों पर हावी न हो जाए, इसलिए यह प्रयोग किया जा रहा है।

बता दें कि मस्क की कंपनी न्यूरालिंक एक ऐसी थ्रेड यानी धागानुमा धातु बनाने पर भी काम रही है, जो ब्रेन सर्जरी में मददगार साबित होगी। यह इंसान के बाल के 10वें हिस्से के बराबर होगी। 

बता दें कि मस्क की कंपनी न्यूरालिंक एक ऐसी थ्रेड यानी धागानुमा धातु बनाने पर भी काम रही है, जो ब्रेन सर्जरी में मददगार साबित होगी। यह इंसान के बाल के 10वें हिस्से के बराबर होगी। 

मस्क का दावा है कि यह एक बंदर के सिर में वायरलेस इम्प्लांट हो चुका है। इसके जरिये बंदर अपने दिमाग का इस्तेमाल करके वीडियो गेम खेल सकता है। दिमाग के भीतर जो डिवाइस फिट की जाएगी, वो एक इंच मोटी होगी। मस्क का दावा है कि यह डिवाइस पूरी तरह सुरक्षित रहेगी।

मस्क का दावा है कि यह एक बंदर के सिर में वायरलेस इम्प्लांट हो चुका है। इसके जरिये बंदर अपने दिमाग का इस्तेमाल करके वीडियो गेम खेल सकता है। दिमाग के भीतर जो डिवाइस फिट की जाएगी, वो एक इंच मोटी होगी। मस्क का दावा है कि यह डिवाइस पूरी तरह सुरक्षित रहेगी।

बता दें कि एलन मस्क कुछ समय के लिए दुनिया के नंबर-1 रईस बन गए थे। उन्होंने अमेजॉन के मालिक जेफ बेजॉस को पीछे छोड़ दिया था। हालांकि अचानक टेस्ला के शेयर 8 फीसदी गिर गए और वे बेजॉस से पिछड़ गए। एलन मस्क अब बेजोस से 6 अरब डॉलर पीछे बताए जाते हैं। जेफ बेजॉस का नेटवर्थ करीब 182.1 अरब डॉलर है। 


(खबर को प्रभावी दिखाने प्रतीकात्मक तस्वीरें इस्तेमाल की गई हैं)

बता दें कि एलन मस्क कुछ समय के लिए दुनिया के नंबर-1 रईस बन गए थे। उन्होंने अमेजॉन के मालिक जेफ बेजॉस को पीछे छोड़ दिया था। हालांकि अचानक टेस्ला के शेयर 8 फीसदी गिर गए और वे बेजॉस से पिछड़ गए। एलन मस्क अब बेजोस से 6 अरब डॉलर पीछे बताए जाते हैं। जेफ बेजॉस का नेटवर्थ करीब 182.1 अरब डॉलर है। 


(खबर को प्रभावी दिखाने प्रतीकात्मक तस्वीरें इस्तेमाल की गई हैं)

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