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दावा: अब कभी खत्म नहीं होगा कोरोना, हर साल जनवरी में लौटकर आएगी ये महामारी

First Published Apr 29, 2020, 11:44 AM IST
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हटके डेस्क: कोरोना वायरस ने अब लोगों की जिंदगी पूरी तरह बदल दी है। इस वायरस ने लोगों को सोशल डिस्टेंसिंग सीखा दिया। संक्रमण से फैलने वाले इस वायरस की शुरुआत चीन के वुहान से हुई थी। वायरस ने अभी तक 30 लाख लोगों को संक्रमित कर दिया है। मौत का आंकड़ा दो लाख पार है, जो तेजी से बढ़ता जा रहा है। इस वायरस का कोई इलाज नहीं बना है। ऑक्सफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी ने दावा किया है कि सितंबर तक इसका वैक्सीन मार्केट में उतार दिया जाएगा। लेकिन WHO ने लोगों से किसी तरह की उम्मीद ना रखने की बात भी कही है। इस बीच अब चीन के साइंटिस्ट्स ने एक ऐसा दावा किया है, जिसे सुनकर आपकी रूह कांप जाएगी। चीन के रिसर्चर्स ने दावा किया है कि कोरोना कभी खत्म नहीं होगा। ये सीजनल फ्लू की तरह हर साल लौट कर आएगा और तबाही मचाएगा। जानें रिसर्च की अन्य बातें... 

चाइनीज रिसर्चर्स ने दावा किया है कि दुनिया से अब कोरोना कभी खत्म नहीं होगा। ये वायरस सीजनल फ्लू की तरह हो जाएगा जो हर साल लौटकर आएगा।  
 

चाइनीज रिसर्चर्स ने दावा किया है कि दुनिया से अब कोरोना कभी खत्म नहीं होगा। ये वायरस सीजनल फ्लू की तरह हो जाएगा जो हर साल लौटकर आएगा।  
 

बीजिंग में हुए एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में चीन के वायरल एंड मेडिकल रिसर्चर्स ने कहा कि कोविड 19 सार्स की तरह खत्म नहीं होगा। ये वायरस एक से दूसरे में फैलता है। ऐसे में इसका साइकिल खत्म नहीं होगा।  
 

बीजिंग में हुए एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में चीन के वायरल एंड मेडिकल रिसर्चर्स ने कहा कि कोविड 19 सार्स की तरह खत्म नहीं होगा। ये वायरस एक से दूसरे में फैलता है। ऐसे में इसका साइकिल खत्म नहीं होगा।  
 

इसका मतलब है कि ये वायरस एक से दूसरे में फैलता ही जाएगा। बिना सामने वाले को पता चले कि उसे कोरोना है, वो दूसरों में इसे फैलाता जाएगा। 

इसका मतलब है कि ये वायरस एक से दूसरे में फैलता ही जाएगा। बिना सामने वाले को पता चले कि उसे कोरोना है, वो दूसरों में इसे फैलाता जाएगा। 

अब कोरोना ने जो रूप लिया है, उसमें कोई लक्षण नजर नहीं आ रहे। ऐसे में लोगों को पता भी नहीं चल पाएगा कि उन्हें कोरोना है। इसे असिम्पटोमैटिक टाइप कहा जा रहा है। 

अब कोरोना ने जो रूप लिया है, उसमें कोई लक्षण नजर नहीं आ रहे। ऐसे में लोगों को पता भी नहीं चल पाएगा कि उन्हें कोरोना है। इसे असिम्पटोमैटिक टाइप कहा जा रहा है। 

चीनी रिसर्चर्स ने कहा कि अब कोरोना सीजनल फ्लू की तरह बन जाएगा। सर्दी-खांसी इसके लक्षण हो सकते हैं। लेकिन इनके बिना भी शख्स कोरोना पॉजिटिव हो सकता है।  

चीनी रिसर्चर्स ने कहा कि अब कोरोना सीजनल फ्लू की तरह बन जाएगा। सर्दी-खांसी इसके लक्षण हो सकते हैं। लेकिन इनके बिना भी शख्स कोरोना पॉजिटिव हो सकता है।  

चीन अकादमी ऑफ़ मेडिकल साइंस के इंस्टीट्यूट ऑफ पैथोजन बायोलॉजी के डायरेक्टर जिन की के मुताबिक ये महामारी अब लंबे समय तक रहेगा। ये सीजनल फ्लू की तरह इंसान के साथ अब रहेगा।  

चीन अकादमी ऑफ़ मेडिकल साइंस के इंस्टीट्यूट ऑफ पैथोजन बायोलॉजी के डायरेक्टर जिन की के मुताबिक ये महामारी अब लंबे समय तक रहेगा। ये सीजनल फ्लू की तरह इंसान के साथ अब रहेगा।  

दुनिया के कई देशों के डॉक्टर्स ने भी इस बात में हामी भरी है कि ये वायरस कभी खत्म होगा। लॉकडाउन और बाकी स्ट्रीक मेजर्स के बावजूद भी ये वायरस फैलता जाएगा। 

दुनिया के कई देशों के डॉक्टर्स ने भी इस बात में हामी भरी है कि ये वायरस कभी खत्म होगा। लॉकडाउन और बाकी स्ट्रीक मेजर्स के बावजूद भी ये वायरस फैलता जाएगा। 

वहीं ब्लूमबर्ग, जो कि चीन के मशहूर रिसर्चर्स हैं, उन्होंने भी कहा कि ये बात बिल्कुल गलत है कि गर्मियों में ये वायरस आतंक फैलाना कम कर देगा। 
 

वहीं ब्लूमबर्ग, जो कि चीन के मशहूर रिसर्चर्स हैं, उन्होंने भी कहा कि ये बात बिल्कुल गलत है कि गर्मियों में ये वायरस आतंक फैलाना कम कर देगा। 
 

दरअसल, कई लोगों को ये उम्मीद है कि जैसे-जैसे तापमान बढ़ेगा, वैसे-वैसे वायरस का असर कम होगा। लेकिन पेकिंग यूनिवर्सिटी फर्स्ट हॉस्पिटल के इन्फेक्शस डिसीज डिपार्टमेंट के हेड ने कहा कि ये सच है कि कोरोना वायरस गर्मी नहीं झेल पाता। ये वायरस अगर आधे घंटे तक 36 डिग्री सेल्सियस में रहे, तो मर जाता है। लेकिन इतनी गर्मी कभी नहीं पड़ेगी।  

दरअसल, कई लोगों को ये उम्मीद है कि जैसे-जैसे तापमान बढ़ेगा, वैसे-वैसे वायरस का असर कम होगा। लेकिन पेकिंग यूनिवर्सिटी फर्स्ट हॉस्पिटल के इन्फेक्शस डिसीज डिपार्टमेंट के हेड ने कहा कि ये सच है कि कोरोना वायरस गर्मी नहीं झेल पाता। ये वायरस अगर आधे घंटे तक 36 डिग्री सेल्सियस में रहे, तो मर जाता है। लेकिन इतनी गर्मी कभी नहीं पड़ेगी।  

कई लोग इस बात के चक्कर में खुद को धूप में टॉर्चर कर रहे हैं। इससे उनमें स्किन कैंसर का खतरा बढ़ गया है। वहीं कुछ लोग कोरोना को मारने के लिए डिसइंफेक्टेंट पी रहे हैं। ये भी खतरनाक है। ऐसा करने से भी जान मुश्किल में पड़ सकती है। 

कई लोग इस बात के चक्कर में खुद को धूप में टॉर्चर कर रहे हैं। इससे उनमें स्किन कैंसर का खतरा बढ़ गया है। वहीं कुछ लोग कोरोना को मारने के लिए डिसइंफेक्टेंट पी रहे हैं। ये भी खतरनाक है। ऐसा करने से भी जान मुश्किल में पड़ सकती है। 

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