कोरोनावायरस संक्रमण भले ही भारत में अब बेअसर होता जा रहा है और इसके बहुत कम केस सामने आ रहे हैं, लेकिन कोरोनावायरस के आफ्टर इफैक्ट्स कई लोगों को परेशान कर रहे हैं। 

हेल्थ डेस्क : कोरोनावायरस से लगभग 3 साल तक पूरी दुनिया परेशान हो चुकी है, लेकिन फिर भी इसके साइड इफेक्ट आज भी लोगों को परेशान कर रहे हैं. यह हम नहीं कह रहे बल्कि रिसर्च में इस बात का दावा किया गया है कि कोरोना से संक्रमित हुए मरीजों के शरीर पर कई गंभीर असर पड़े हैं. आइए आज हम इसी के बारे में बात करते हैं कि कोरोना वायरस के आफ्टर इफेक्ट शरीर पर किस तरह से हुए.

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कहां हुई रिसर्च 
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के एसीआई में पोस्ट कोविड-19 मरीजों पर अध्ययन किया गया। जिसमें 120 लोग शामिल थे। इस रिसर्च में इस बात का खुलासा हुआ कि कोरोनावायरस से संक्रमित लोगों में पोस्ट कोविड-19 इफैक्ट्स देखे गए। इसमें मरीजों का खून पहले के मुकाबले गाढ़ा हो गया है। जिसके चलते हृदय और फेफड़े भी प्रभावित हुए। इतना ही नहीं मरीजों को सांस लेने में भी समस्याओं का सामना करना पड़ा। एक्सपर्ट्स का मानना है कि पोस्ट कोविड-19 मरीजों को चलने में सांस फूलने की तकलीफ जैसी हो रही है, उनकी कार्य क्षमता पर भी असर पड़ा है। हालांकि, यह रिसर्च अभी पूरी नहीं हुई है। यह 6 महीने तक चलेगी इसके बाद पोस्ट कोविड-19 के शरीर पर पड़ने वाले प्रभावों को और ज्यादा विस्तार से बताया जा सकता है।

कोरोना से ठीक होने के बाद भी मरीजों में आई ये समस्याएं
बता दें कि कोरोनावायरस से संक्रमित हुए मरीजों को काफी समय तक स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ा। जिसमें सिर दर्द, जोड़ों में दर्द, बाल झड़ना, थकान, कमजोरी, याददाश्त की कमी, शरीर के अंगों का सुन्न पड़ना, नींद ना आना नसों में दर्द आदि। इसके अलावा कई गंभीर मरीजों के तंत्रिका तंत्र में भी प्रभाव पड़ा और फेफड़ों संबंधित परेशानियों का सामना भी करना पड़ा।

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