15 अगस्त को भाद्रमास मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि है। इस दिन बहुला चतुर्थी और संकष्टी चतुर्थी का व्रत किया जाएगा। सोमवार को उत्तरा भाद्रपद नक्षत्र होने से गद नाम का शुभ योग बनेगा। साथ ही इस दिन धृति और गजकेसरी नाम के 2 अन्य योग भी रहेंगे।    

उज्जैन. भारतीय गणना पद्धति के अनुसार सूर्य वर्ष 365 दिन और 6 घंटे का होता है, वहीं चंद्र वर्ष 354 दिनों का माना जाता है। जिन ग्रंथों से हमारे पंचांग बनते हैं वे कम से कम 500 वर्ष पुराने हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण, इन पांचों के योग से पंचांग बनता है। गणना के आधार पर हिन्दू पंचांग की तीन धाराएँ हैं- पहली चंद्र आधारित, दूसरी नक्षत्र आधारित और तीसरी सूर्य आधारित कैलेंडर पद्धति। आगे जानिए आज के पंचांग से जुड़ी खास बातें…

आज किया जाएगा बहुला और संकष्टी चतुर्थी व्रत
15 अगस्त, सोमवार को भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि है। इस दिन संकष्टी और बहुला चतुर्थी का व्रत किया जाएगा। संकष्टी चतुर्थी में भगवान श्रीगणेश और बहुला चतुर्थी में भगवान श्रीकृष्ण की पूजा की जाती है। संकष्टी चतुर्थी का व्रत करने से घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है वहीं बहुला चतुर्थी का व्रत करने से योग्य संतान की प्राप्ति होती है। इस दिन कई शुभ योग भी बन रहे हैं, जिसके चलते ये तिथि और भी शुभ हो गई है। सोमवार को गुरु और चंद्रमा एक ही राशि में होने से गजकेसरी नाम का शुभ योग भी इस दिन बनेगा।

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15 अगस्त का पंचांग (Aaj Ka Panchang 15 August 2022)
15 अगस्त 2022, दिन सोमवार को भाद्रमास मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि है। इस दिन बहुला चतुर्थी और संकष्टी चतुर्थी का व्रत किया जाएगा। इस दिन सूर्योदय उत्तरा भाद्रपद नक्षत्र में होगा, जो दिन भर रहेगा। सोमवार को उत्तरा भाद्रपद नक्षत्र होने से गद नाम का शुभ योग बनेगा। साथ ही इस दिन धृति और गजकेसरी नाम के 2 अन्य योग भी रहेंगे। सोमवार को राहुकाल सुबह 07:42 से 09:19 तक रहेगा। इस दौरान कोई भी शुभ काम न करें।

ग्रहों की स्थिति कुछ इस प्रकार रहेगी...
सोमवार को चंद्रमा मीन राशि में, इस दिन मंगल वृषभ राशि में, शुक्र कर्क राशि में, बुध सिंह राशि में, सूर्य कर्क राशि में, शनि मकर राशि (वक्री), राहु मेष राशि में, गुरु मीन राशि में (वक्री) और केतु तुला राशि में रहेंगे। सोमवार को पूर्व दिशा में यात्रा करने से बचना चाहिए। यदि मजबूरी में यात्रा करनी पड़े तो शीशे में अपना चेहरा देखकर या कोई भी फूल खा कर घर से निकलना चाहिए।

15 अगस्त के पंचांग से जुड़ी अन्य खास बातें
विक्रम संवत- 2079
मास पूर्णिमांत- भादौ
पक्ष- कृष्ण
दिन- सोमवार
ऋतु- वर्षा
नक्षत्र- उत्तरा भाद्रपद
करण- बव और बालव
सूर्योदय - 6:07 AM
सूर्यास्त - 6:55 PM
चन्द्रोदय - Aug 15 9:33 PM
चन्द्रास्त - Aug 16 10:07 AM
अभिजीत मुहूर्त- दोपहर 12:05 से 12:56 तक

15 अगस्त का अशुभ समय (इस दौरान कोई भी शुभ काम न करें)
यम गण्ड - 10:55 AM – 12:31 PM
कुलिक - 2:07 PM – 3:43 PM
दुर्मुहूर्त - 12:56 PM – 01:48 PM, 03:30 PM – 04:21 PM
वर्ज्यम् - 09:07 AM – 10:43 AM

कुंडली का छठा भाव
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, कुंडली में छठा घर शत्रु, ऋण, रोग, नौकरी, व्यवसाय से संबंधित हो सकता है। साथ ही ये भाव विवादों, संघर्षों, मुकदमेबाजी का प्रतिनिधित्व भी करता है। यह भाव आत्म-अनुशासन, निस्वार्थ सेवा और सेवाभाव का भी प्रतीक है। छठा घर, अप्रियता और सेवा के दायरे, अपनी निजी तृप्ति या पसंद-नापसंद से परे खुद को विस्तारित करने के लिए प्यार की शक्ति का परीक्षण करता है।

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