पुलिस ने धार जिले से एक शातिर इंजीनियरिंग स्टूडेंट को गिरफ्तार किया है जो मोबाइल ऐप के जरिए एसपी और विधायक की अवाज निकलकर सरकारी कामों को करवाने का आदेश देता था।

इंदैर. (मध्य प्रदेश). स्मार्टफोन में आ रहे नए-नए ऐप्प जितने लोगों के लिए फायदेमद हो रहे हैं, उससे कहीं ज्यादा लोग इसका इस्तेमाल गलत कामों के लिए कर रहे हैं। ऐसा ही एक फर्जी कॉल के जरिए धोखाधड़ी करने का मामला मध्य प्रदेश में सामने आया है। जहां एक इंजीनियरिंग स्टूडेंट एसपी और विधायक की अवाज निकलकर सरकारी कामों को करवाने का आदेश देता था।

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फेक कॉल एप्लीकेशन का करता था इस्तेमाल
दरअसल, ये मामला धार जिले का है, और आरोपी छात्र का नाम राजपालसिंह है। जो फेक कॉल एप्लीकेशन का इस्तेमाल करता था। एप के जरिए नंबरों को जोड़कर जब वह किसी सरकारी अफसर को कॉल करता था तो अधिकारी के पास पास एसपी-विधायक का नंबर जाता था, जिससे वह अपने निजी काम को करवाने का आदेश देता था। 

कभी विधायक तो कभी बनता था एसपी
आरोपी इतना शातिर था कि वह कई बार इंदौर से भारतीय जनता पार्टी विधायक रमेश मेंदोला बनकर पीथमपुर नपा सीएमओ और एमपपीईबी के इंजीनियर को भी फोन कर चुका था। इसके जरिए बदमाश फेक कॉल एप्लीकेशन का उपयोग करता था। आरोपी सरकारी अधिकारी को कॉल कर अपने व दूसरों के काम करवाता था। उसने एक फेक कॉल एप्लीकेशन डाउनलोड कर रखी थी। उसमें कई वीआईपी (एसपी-विधायक आदि) के नंबर जोड़ रखे थे।

 इंजीनियरिंग का थर्ड ईयर का छात्र है आरोपी
30 सितंबर को आरोपी ने धार एसपी के नंबर से सागौर थाना प्रभारी को फोन करके कहा-राजपालसिंह का जो भी काम हो उसे कर दो। जब थाना प्रभारी को उसकी आवाज और एसपी सहाब की आवाज में शक हुआ तो पुलिस अफसर ने आरोपी के कॉल की जांच की तो पता चला वह फर्जी कॉल था। फिर आरोपी को गिरफ्तार किया गया तो पता चला कि वह इंजीनियरिंग का थर्ड ईयर का छात्र है।