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इजरायल दूतावास ब्लास्ट: सामने आया सुलेमानी की मौत और कुलभूषण की किडनैपिंग का कनेक्शन

29 जनवरी की शाम दिल्ली में इजरायल दूतावास के पास हुए बम ब्लास्ट की जांच में नया खुलासा हुआ है। इस हमले की जिम्मेदारी जैश उल हिंद नामक संगठन ने ली है। जांच एजेंसी को यहां से इजरायल के राजदूत के नाम संबोधित एक चिट्टी मिली है। इसमें ईरान के जनरल कासिम सुलेमानी का भी जिक्र किया गया है। बता दें कि सुलेमानी की 3 जनवरी को इराक में बगदाद एयरपोर्ट के पास ड्रोन हमले में हत्या कर दी गई थी। ईरान को इजरायल पर शक है। जिस संगठन ने ब्लास्ट की जिम्मेदारी ली है, उसका कुलभूषण जाधव की किडनैपिंग से भी कनेक्शन सामने आया है।

Al Qaeda conspiracy in the blast outside the Israeli embassy in Delhi kpa
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Delhi, First Published Jan 31, 2021, 9:25 AM IST
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नई दिल्ली. इजरायली दूतावास के पास 29 जनवरी को हुए बम ब्लास्ट में नया खुलासा हुआ है। इस हमले को ईरान के जनरल कासिम सुलेमानी की हत्या से जोड़कर देखा जा रहा है। सुलेमानी की 3 जनवरी को इराक में बगदाद एयरपोर्ट के पास ड्रोन हमले में हत्या कर दी गई थी। ईरान को इजरायल पर शक है। बता दें कि ब्लास्ट में जो मटेरियल यूज किया गया था, उसकी तीव्रता 30 मीटर के दायरे में घातक थी। फोरेसिंक टीम को घटनास्थल से स्टील की बॉल बेयरिंग, वायर डिवाइस व पाउडर बरामद हुआ है। जिस संगठन ने ब्लास्ट की जिम्मेदारी ली है, उसका कुलभूषण जाधव की किडनैपिंग से भी कनेक्शन सामने आया है।

जैश उल हिंद ने ली जिम्मेदारी
इस ब्लास्ट की जिम्मेदारी ‘जैश उल हिंद’ नामक संगठन ने ली है। यह ईरानी आतंकवादी संगठन ‘जैश-उल-अद्ल’ की आइडियोलॉजी से जुड़ा माना जाता है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, ‘जैश-उल-अद्ल’ सिस्‍तान और बलोचिस्‍तान की आजादी के लिए लड़ रहा है। इसकी स्‍थापना साल 2012 में जुंदाल्‍लाह नाम के एक सुन्‍नी कट्टरपंथी समूह के लोगों ने की थी। इस समूह को ईरान के अलावा जापान, न्‍यूजीलैंड और अमेरिका में आतंकी संगठन घोषित किया जा चुका है। 2018 में खुलासा हुआ था कि कुलभूषण जाधव को ईरान के चाबहार पोर्ट से मुल्‍ला उमर बलोच ईरानी नाम के आतंकी ने किडनैप किया था। यह ‘जैश-उल-अद्ल’से जुड़ा था। इसका खुलासा बलोच ऐक्टिविस्‍ट मामा कदीर बलोच ने एक इंटरव्यू में किया था।

आतंकी संगठन अलकायदा पर शक
जांच एजेंसी को घटनास्थल पर इजरायल के राजदूत के नाम संबोधित मिली चिट्ठी में सुलेमानी का जिक्र है। इजरायल के राजदूत रॉन मलका ने कहा कि अभी हमें लगता है कि ये एक आतंकवादी हमला है, जिसका निशाना इजरायली दूतावास था। इस मामले में पुलिस के हाथ सीसीटीवी फुटेज लगे हैं, जिसमें दो संदिग्ध दिख रहे हैं। पुलिस के हाथ एक चिट्ठी भी लगी है, जो ब्लास्ट वाली जगह से मिली। चिट्ठी में ब्लास्ट को एक ट्रेलर बताया गया है। इजराइली राजदूत के नाम भेजी गई चिट्ठी में लिखा है कि यह तो ट्रेलर है।

जांच एजेंसियों अब इस ब्लास्ट की जांच सुलेमानी की हत्या से जोड़कर भी कर रही हैं। पुलिस पिछले महीनेभर में दिल्ली के होटलों में रुके ईरानियों की जानकारियां जुटा रही है। इस मामले को स्पेशल सेल एक्सप्लोसिव एक्ट के तहत केस दर्ज कर जांच कर रही है। इस बीच संवेदनशील इलाकों, धार्मिक स्थलों, खासकर इजरायली नागरिकों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

जिस कैब में आरोपी आए थे, उसके ड्राइवर से स्केच बनाकर आरोपियों को ढूंढा जा रहा है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज भी खंगाल रही है। ब्लास्ट पर अब इजरायल की खुफिया एजेंसी 'मोसाद' भी नजर बनाए हुए है।

माना जा रहा है कि इस ब्लास्ट के पीछे आतंकी संगठन अलकायदा का हाथ है। गणतंत्र दिवस से एक दिन पहले अलकायदा ने ईमेल भेजकर हमले की धमकी भी दी थी। इसे लेकर आईबी ने अलर्ट भी जारी किया था। अलकायदा ने धमकी दी है कि यरूशलम कभी भी यहूदियों का नहीं हो सकता है। इस पर सिर्फ मुसलमानों का हक है। अलकायदा ने दुनियाभर में हमले करने की धमकी दी थी। बता दें कि जहां धमाका हुआ, वहां 7 इंच गड्ढा हो गया था। धमाके में 26 मीटर दूरी पर खड़ी दो कारों के शीशे चकनाचूर हो गए थे।

​यह भी जानें..

  • ब्लास्ट के समय आसपास के इलाके में 45 हजार मोबाइल फोन एक्टिव थे। मीडिया रिपोर्ट्स में सूत्रों के हवाले से इस बात की जानकारी दी जा रही है। जांच टीम को उस एरिया के मोबाइल टॉवर के ये डेटा मिला। हालांकि, ये साफ नहीं है कि धमाके को अंजाम देने वाले लोग वारदात के दौरान अपने साथ फोन रखे हुए थे या नहीं। 
  • -दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच एपीजे अब्दुल कलाम रोड पर आने या यहां से जाने के लिए कैब बुक करने वालों के डेटा की पड़ताल भी कर रही है। इनमें ओला और उबर समेत दूसरी कैब सर्विस शामिल है। शुक्रवार की दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे के बीच कैब लेने वालों की जानकारी जुटाई जा रही है। 
  • इजराइल के राजदूत मलका ने कहा कि ब्लास्ट से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। इजराइली डिप्लोमेट पर 2012 में दिल्ली में हुए हमले समेत दुनियाभर में जारी ऑपरेशन के लिंक भी खंगाले जा रहे हैं। वहीं, मीडिया में सूत्रों के हवाले से कहा जा रहा है कि मामले की जांच के लिए इजराइल की खुफिया एजेंसी मोसाद की टीम दिल्ली आ सकती है। NSA लेवल की बातचीत के बाद इजराइल सरकार ने यह फैसला लिया है।
  • दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने इजराइली दूतावास के पास घटनास्थल का सीसीटीवी फुटेज खंगाला, जिसमें दिखा कि दो संदिग्ध व्यक्तियों को एक कैब ड्रॉप कर रही है। कैब ड्राइवर का पता लगा लिया गया है। दो लोगों के स्केच तैयार किए जा रहे हैं।  
     
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