धारा 370 निष्प्रभावी करने के बाद से अब श्रीनगर सचिवालय से राज्य का झंडा हटा दिया गया है। अब वहां तिरंगा लहरा दिया गया है। पिछले हफ्ते तक वहां दोनों झंडे लगे हुए थे। जानकारी के मुताबिक, सरकारी दफ्तरों में तिरंगा लगाया गया है। धारा 370 हटाने के बाद से राज्य के विशेषाधिकार खत्म कर दिये गए हैं। 

नई दिल्ली. धारा 370 निष्प्रभावी करने के बाद से अब श्रीनगर सचिवालय से राज्य का झंडा हटा दिया गया है। अब वहां तिरंगा लहरा दिया गया है। पिछले हफ्ते तक वहां दोनों झंडे लगे हुए थे। जानकारी के मुताबिक, सरकारी दफ्तरों में तिरंगा लगाया गया है। धारा 370 हटाने के बाद से राज्य के विशेषाधिकार खत्म कर दिये गए हैं। 

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भारतीय दंड संहिता का होगा पालन
जम्मू कश्मीर में विशेषाधिकार के तहत संविधान, झंडा और दंड संहिता होता था, लेकिन अब वहां भारतीय संविधान लागू होगा। सरकारी इमारतों पर तिरंगा लहराया जाएगा। पूरे राज्य में भारतीय दंड संहिता का पालन होगा। राज्य में अन्य राज्य के लोग जमीन खरीद सकेंगे। इससे पहले भारत सरकार ने कश्मीर और लद्दाख को दो अलग केंद्र शासित प्रदेशों में बांट दिया है। कश्मीर का पूरा स्वरुप बदल गया है। विधानसभा का कार्यकाल 6 नहीं 5 साल का होगा।

5 अगस्त को हटा दी थी धारा 370

केंद्र सरकार ने राष्‍ट्रपति के आदेश से जम्‍मू-कश्‍मीर राज्‍य का विशेष दर्जा छीनते हुए धारा 370 को हटा दी थी। गृहमंत्री अमित शाह ने राज्‍यसभा में जम्‍मू-कश्‍मीरपर बड़ा बयान देते हुए राज्‍य से धारा 370 हटाने का ऐलान किया। इसी के साथ उन्होंने कहा कि धारा 370 के कई खंड लागू नहीं होंगे। सिर्फ खंड एक बचा रहेगा। जम्मू-कश्मीर अलग केंद्र शासित प्रदेश बनेगा और लद्दाख को अलग केंद्र शासित प्रदेश बनाया जाएगा। अमित शाह ने जैसे ही इस बात का ऐलान किया राज्‍यसभा में हंगामा मच गया।