मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को कहा कि दिल्ली में हालात बहुत खराब हैं। उन्होंने कहा, मैं सारी रात बहुत सारे लोगों के संपर्क रहा। सारी कोशिशों के बाद दिल्ली पुलिस स्थिति नहीं संभाल पा रही है। इसलिए सेना को बुलाना चाहिए।

नई दिल्ली. मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को कहा कि दिल्ली में हालात बहुत खराब हैं। उन्होंने कहा, मैं सारी रात बहुत सारे लोगों के संपर्क रहा। सारी कोशिशों के बाद दिल्ली पुलिस स्थिति नहीं संभाल पा रही है। इसलिए सेना को बुलाना चाहिए।

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दिल्ली के उत्तर पूर्वी हिस्से में फैली हिंसा में अब तक 18 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, 150 लोग जख्मी हैं। इस हिंसा में हेड कॉन्स्टेबल रतनलाल अपनी जान गंवा चुके हैं। वहीं, 56 अन्य पुलिसकर्मी जख्मी हैं। इनमें DCP अमित शर्मा भी शामिल हैं। हालांकि, मंगलवार रात दिल्ली के किसी इलाके से कोई भी उपद्रव की घटना सामने नहीं आई। 

संवेदनशील इलाकों में लगे कर्फ्यू- केजरीवाल
अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट किया, हालात बहुत खतरनाक हैं। सारी कोशिशों के बाद दिल्ली पुलिस स्थिति नहीं संभाल पा रही है। इसलिए सेना को बुलाना चाहिए। लोगों में आत्मविश्वास स्थापित करने में पुलिस असमर्थ है। सेना को बुलाकर संवदेनशील इलाकों में कर्फ्यू लगाना चाहिए। मैं इसके लिए गृहमंत्री अमित शाह को लिख रहा हूं। 

मौजपुर, बाबरपुर और गोकुलपुरी में सुरक्षाबलों ने किया मार्च
उत्तर पूर्वी दिल्ली के मौजपुर, बाबरपुर और गोकुलपुरी में सुरक्षाबलों ने फ्लैग मार्च किया। सुरक्षाबलों ने लोगों से घरों में रहने की अपील की। साथ ही यह भी कहा कि किसी भी तरह की हिंसा अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस क्षेत्र में पिछले 3 दिन में सबसे ज्यादा हिंसा हुई है।

कैसे फैली हिंसा? 
यह हिंसा पूर्वी दिल्ली के जाफराबाद और उसके आसपास के इलाकों में हो रही है। 22 फरवरी को देर रात जाफराबाद में मेट्रो स्टेशन के पास कुछ महिलाएं नागरिकता कानून के खिलाफ प्रदर्शन करने बैठीं थीं। 23 फरवरी को जाफराबाद के पास मौजपुर में नागरिकता कानून के समर्थन में प्रदर्शन किए गए थे। इसके बाद दोनों गुटों में झड़प हुई थी। यह झड़प और हिंसा 24 और 25 फरवरी को भी जारी रही। यह हिंसा मौजपुर, भजनपुरास, बाबरपुर करावल नगर, शेरपुर चौक, कर्दमपुरी और गोकलपुरी समेत उत्पर पूर्वी दिल्ली में हुई।