तमिलनाडु में बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष के.अन्नामलाई हैं। अन्नामलाई ने एक अंग्रेजी दैनिक के साथ इंटरव्यू में अन्नाद्रमुक आइकन पूर्व सीएम जे.जयललिता पर विवादित टिप्पणी कर दी थी।

चेन्नई: कर्नाटक चुनाव में बीजेपी को झटका के बाद अब तमिलनाडु में भी बीजेपी मुश्किलों में दिख रही है। तमिनलाडु में बीजेपी की सहयोगी अन्नाद्रमुक ने शीर्ष नेतृत्व को चेतावनी दी है। बीजेपी स्टेट प्रेसिडेंट अन्नामलाई द्वारा पूर्व सीएम जे.जयललिता पर एक इंटरव्यू में टिप्पणी के बाद अन्नाद्रमुक खासा नाराज है। एआईएडीएमके ने साफ तौर पर बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व को यह संदेश दे दिया है कि अन्नामलाई पर लगाम लगाने के साथ कार्रवाई की जाए, अन्यथा वह गठबंधन को लेकर पुनर्विचार करने को मजबूर होंगे।

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क्या है पूरा मामला?

तमिलनाडु में बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष के.अन्नामलाई हैं। वह समानरूप से डीएमके और एआईडीएमके पर हमला बोलते रहते हैं। अन्नामलाई ने एक अंग्रेजी दैनिक के साथ इंटरव्यू में अन्नाद्रमुक आइकन पूर्व सीएम जे.जयललिता पर विवादित टिप्पणी कर दी थी। आय से अधिक संपत्ति मामले में दोषी ठहराए जाने को लेकर की गई अन्नामलाई की टिप्पणी से अन्नाद्रमुक खासी नाराज है। जबकि जयललिता केस में दोषी नहीं ठहराई गई, उनकी सहयोगी शशिकला और कुछ अन्य लोगों के खिलाफ आरोप तय हुए थे। अन्नाद्रमुक ने कहा कि बीजेपी अध्यक्ष अन्नामलाई का कथन तथ्यात्मक रूप से गलत है।

अन्नाद्रमुक नाराज, गठबंधन तोड़ने की दी धमकी

पूर्व आईपीएस अधिकारी व बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष के अन्नामलाई की टिप्पणी के बाद अन्नाद्रमुक नाराज है। एआईएडीएमके ने कहा कि जब तक अन्नामलाई के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाती, वे गठबंधन पर फिर से विचार करेंगे। वरिष्ठ नेता डी जयकुमार ने कहा, "अन्नामलाई एक पार्टी के राज्य अध्यक्ष बनने के योग्य नहीं हैं। उन्हें अपनी बातों पर ध्यान देना चाहिए। हमें संदेह है कि वह गठबंधन जारी नहीं रखना चाहते हैं और न ही वह चाहते हैं कि प्रधानमंत्री मोदी फिर से जीतें।"

एआईएडीएमके को शक-अन्नामलाई बीजेपी टॉप लीडरशिप के कहने पर कर रहे ऐसा

हालांकि, एआईएडीएमके ने अपने पुराने सहयोगी बीजेपी को अन्नामलाई के खिलाफ कार्रवाई के लिए अल्टीमेटम तो दिया गया है लेकिन उसे शक है कि बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष अपनी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के इशारे पर ऐसे बयान दे रहे हैं। उधर, एआईएडीएमके के सीनियर लीडर्स भी लगातार हो रही हार की वजह से बीजेपी से दूरी बनाने के पक्ष में हैं। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि अन्नाद्रमुक के अन्नाद्रमुक के ओ पन्नीरसेल्वम और एडप्पादी पलानीसामी के बीच झगड़े को देखते हुए बीजेपी खुद को राज्य में मुख्य विपक्षी दल के रूप में पेश करने के लिए प्रयासरत है। इरोड ईस्ट उपचुनाव में भी बीजेपी ने अन्नाद्रमुक के साथ प्रचार नहीं किया और पार्टी हार गई। बीते दिनों अमित शाह ने बीजेपी को राज्य में लोकसभा की 25 सीटों को जीतने का लक्ष्य दिया। इससे अन्नाद्रमुक को यह शक है कि 39 सीटों वाले राज्य में बीजेपी 25 सीटों से कम पर लड़ना नहीं चाहती।

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