चंद्रबाबू नायडू ने दक्षिण भारत में घटती जनसंख्या दर पर चिंता जताई और लोगों से अधिक बच्चे पैदा करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि स्थानीय निकाय चुनावों में दो से ज़्यादा बच्चों वाले लोगों को ही टिकट देने पर विचार हो रहा है।

विजयवाड़ा: देशभर में दो बच्चों की नीति पर जोर दिया जा रहा है, लेकिन तेलुगु देशम पार्टी प्रमुख और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने चिंता जताई है कि आंध्र प्रदेश समेत पूरे दक्षिण भारत में जनसंख्या वृद्धि दर घट रही है। उन्होंने दक्षिण भारतीयों से अधिक बच्चे पैदा करने का आह्वान किया है।

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चंद्रबाबू नायडू ने कहा, 'इसके लिए आंध्र प्रदेश में स्थानीय निकाय चुनावों में सिर्फ दो से ज़्यादा बच्चों वाले लोगों को ही टिकट देने पर विचार किया जा रहा है। साथ ही, अधिक बच्चे पैदा करने वाले परिवारों को प्रोत्साहन राशि देने का भी इरादा है।' एक समारोह में उन्होंने कहा, ‘दक्षिण भारतीयों में प्रजनन दर घटकर औसतन 1.6% रह गई है। यानी हर 100 परिवारों में सिर्फ 160 बच्चे ही पैदा हो रहे हैं। यह राष्ट्रीय औसत 2.1% से कम है।’

उन्होंने आगे कहा, 'अगर यह दर और घटती है, तो 2047 तक दक्षिण भारत में युवाओं से ज़्यादा बुजुर्ग होंगे। जापान, कोरिया और चीन में दिख रही यह समस्या दक्षिण भारत में भी दिखेगी। आंध्र प्रदेश के कई गांवों समेत देश के ग्रामीण इलाकों में सिर्फ बुजुर्ग ही रह गए हैं। युवा शहरों और विदेशों में जा रहे हैं। इस असंतुलन को दूर करने के लिए दक्षिण भारतीयों को दो से अधिक बच्चे पैदा करने चाहिए।'

ज़्यादा बच्चे, ज़्यादा फायदे!: 'जनसंख्या प्रबंधन योजना के तहत दो तरह की सुविधाओं पर विचार चल रहा है। पहला, अधिक बच्चे पैदा करने वाले माता-पिता को कई तरह की विशेष सुविधाएं दी जाएंगी।' उन्होंने कहा, ‘दूसरा, स्थानीय निकाय चुनावों में सिर्फ दो से ज़्यादा बच्चों वालों को ही चुनाव लड़ने का मौका देने के लिए कानून लाने पर विचार कर रहे हैं।’

पहले आंध्र प्रदेश में दो से ज़्यादा बच्चे वालों को स्थानीय निकाय चुनाव लड़ने की अनुमति नहीं थी। लेकिन हमारी सरकार आने के बाद अगस्त में यह नियम हटा दिया गया। अब हम इसे पूरी तरह बदलकर सिर्फ दो से ज़्यादा बच्चे वालों को ही स्थानीय निकाय चुनाव लड़ने की अनुमति देने पर विचार कर रहे हैं।'