दिल्ली में सुरक्षाकर्मियों ने बॉर्डर सील करने के अलावा आम लोगों के आने-जाने के लिए कुछ महत्वपूर्ण रास्ते खुले रखे हैं।

किसान आंदोलन। दिल्ली में किसान आंदोलन की वजह से आम लोगों को आने-जाने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। किसान आंदोलन के चलते शुरू हुए विरोध प्रदर्शन को मद्देनजर देखते हुए मंगलवार को हरियाणा और उत्तर प्रदेश के साथ राष्ट्रीय राजधानी की सीमाओं के कम से कम पांच प्रमुख आने-जाने वाले पॉइंट को सील कर दिया। इस दौरान टिकरी, सिंघू और झरोदा में हरियाणा के साथ दिल्ली की सीमाएं और चिल्ला और गाजीपुर में उत्तर प्रदेश के साथ लगी सीमाएं बंद कर दिए गए।

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दिल्ली में सुरक्षाकर्मियों ने बॉर्डर सील करने के अलावा आम लोगों के आने-जाने के लिए कुछ महत्वपूर्ण रास्ते खुले रखे हैं। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने जानकारी साझा करते हुए कहा कि दिल्ली से बाहर निकलने के लिए लोनी, औचंदी, जोंटी, पियाउ मनियारी और सफियाबाद में सीमा ट्रांजिट पॉइंट का इस्तेमाल करें। बता दें कि हजारों की संख्या में किसान हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से 13 फरवरी को ही दिल्ली के लिए रवाना हुए हैं। इसको ध्यान में रखते हुए पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम भी किए हैं।

किसानों का मार्च फिर से होगा शुरू

पंजाब के किसान मंगलवार को राज्यों के बीच दो सीमा बिंदुओं पर हरियाणा पुलिस के साथ भिड़ गए, उन्हें आंसू गैस और पानी की बौछारों का सामना करना पड़ा क्योंकि उन्होंने राष्ट्रीय राजधानी में अपने विरोध मार्च को रोकने वाले बैरिकेड्स को तोड़ने की कोशिश की थी।अधिकारियों ने बताया कि प्रदर्शनकारियों द्वारा पथराव किए जाने से एक पुलिस उपाधीक्षक समेत चौबीस पुलिसकर्मी घायल हो गए। किसान नेताओं ने कहा कि पुलिस ने रबर की गोलियां भी चलाई और दावा किया कि हरियाणा के अंबाला शहर के करीब शंभू सीमा पर उन पर हुए हमले में 60 से अधिक प्रदर्शनकारी घायल हो गए।

हेल्पलाइन नंबर किए गए जारी

आने वाले दिनों में दिल्ली में विशेषकर 100 से अधिक चोक पॉइंटों पर यातायात की स्थिति और खराब होने की संभावना है। इस बीच दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद में यातायात पुलिस ने किसी भी संकट की स्थिति में यात्रियों के लिए क्रमशः हेल्पलाइन नंबर 1095, 9971009001 और 9643322904 जारी किए हैं। बता दें कि संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) और किसान मजदूर मोर्चा फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य और ऋण माफी पर कानून सहित अपनी मांगों के लिए केंद्र पर दबाव बनाने के लिए 'दिल्ली चलो' आंदोलन का नेतृत्व कर रहे हैं।

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