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अब डॉक्टर और नर्स नहीं होंगे कोरोना संक्रमित, डीआरडीओ ने बनाया स्पेशल फेस शील्ड और बॉडी सैनिटाइज मशीन

कोरोना वायरस के संक्रमण के मामले भारत में लगातार बढ़ रहे हैं। ऐसे में कोरोना से निपटने के लिए भारतीय रक्षा एवं अनुसंधान संगठन (डीआरडीओ ) जैसे सरकारी और अन्य निजी संस्थान कोरोना से निपटने के लिए तमाम मेडिकल उपकरणों का निर्माण कर रहे हैं।

DRDO develops sanitisation enclosures and face shields to save doctors from covid 19 KPP
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New Delhi, First Published Apr 4, 2020, 7:29 PM IST
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नई दिल्ली. कोरोना वायरस के संक्रमण के मामले भारत में लगातार बढ़ रहे हैं। ऐसे में कोरोना से निपटने के लिए भारतीय रक्षा एवं अनुसंधान संगठन (डीआरडीओ ) जैसे सरकारी और अन्य निजी संस्थान कोरोना से निपटने के लिए तमाम मेडिकल उपकरणों का निर्माण कर रहे हैं। हाल ही में डॉक्टरों में संक्रमण के मामलों को देखते हुए डीआरडीओ ने पूरी बॉडी को सैनिटाइज करने के लिए मशीन और स्पेशल फेस शील्ड बनाया है, यह डॉक्टरों को संक्रमण से बचाएगा। 

 

पर्सनल सैनिटाइजेशन एनक्लोजर (पीएसई)
डीआरडीओ की अहमदनगर स्थित वर्कशॉप में पूरी बॉडी को सैनिटाइज करने के लिए एक चैंबर बनाया है। इसमें एक बार एक पूरा व्यक्ति सैनिटाइज हो जाएगा। इसे आसानी से कहीं भी ले जाया जा सकता है। इसमें एक व्यक्ति 25 सेकंड में सैनिटाइज हो जाएगा। इसमें लगी टंकी को एक बार भर कर 650 लोगों को सैनिटाइज किया जा सकेगा।  

फुल फेस मास्क 
इसके अलावा डीआरडीओ की हैदराबाद और चंडीगढ़ स्थित वर्कशॉप में मेडिकल कर्मियों के लिए स्पेशल फुल फेस मास्क बनाया है। यह काफी हल्का है। इसलिए मेडिकल कर्मी इसे इलाज के वक्त ज्यादा देर तक पहन सकता है। इन फेस मास्क का ट्रायल भी हो चुका है। 

चंडीगढ़ में हर रोज बन रहे 1000 ऐसे मास्क
डीआरडीओ के मुताबिक, चंडीगढ़ में हर रोज 1000 मास्क बनाए जा रहे हैं। वहीं, हैदराबाद में अभी 100 मास्क बन रहे हैं। ऐसे ही 10 हजार मास्क ट्रायल के बाद विभिन्न अस्पतालों में भेजे जा चुके हैं। 

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