सुषमा स्वराज का राजनीतिक सफर काफी अच्छा रहा। 70 के दशक में राजनीति की शुरुआत करने वाली सुषमा दिल्ली की पहली महिला मुख्यमंत्री भी रहीं। उन्होंने 1998 में यह पद संभाला था। इसके अलावा वे किसी राज्य में सबसे युवा मंत्री भी रहीं। 

नई दिल्ली. सुषमा स्वराज का राजनीतिक सफर काफी अच्छा रहा। 70 के दशक में राजनीति की शुरुआत करने वाली सुषमा दिल्ली की पहली महिला मुख्यमंत्री भी रहीं। उन्होंने 1998 में यह पद संभाला था। इसके अलावा वे किसी राज्य में सबसे युवा मंत्री भी रहीं। वे हरियाणा, दिल्ली, कर्नाटक, उत्तरप्रदेश-उत्तराखंड और मध्यप्रदेश की राजनीति में सक्रिय रहीं।

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सुषमा का राजनीतिक सफर

  • सुषमा ने सबसे पहला चुनाव 1977 में लड़ा। तब वे 25 साल की थीं। वे हरियाणा की अंबाला सीट से चुनाव जीतकर देश की सबसे युवा विधायक बनीं।
  • वे हरियाणा सरकार में मंत्री भी बनीं। इस तरह वे किसी राज्य की सबसे युवा मंत्री रहीं। 
  • इसके बाद वे राष्ट्रीय राजनीति में सक्रिय हुईं। अटलजी की सरकार में उन्हें मंत्री बनाया गया। 1998 में उन्होंने कैबिनेट से इस्तीफा दे दिया और दिल्ली की पहली महिला मुख्यमंत्री बनीं।
  • इसके बाद हुए दिल्ली विधानसभा चुनाव में भाजपा हार गई। सुषमा ने विधानसभा की सदस्यता छोड़ दी और राष्ट्रीय राजनीति में सक्रिय हो गईं।
  • 1996 में हुए लोकसभा चुनाव में सुषमा दक्षिण दिल्ली से सांसद बनी थीं। इसके बाद 13 दिन की अटलजी की सरकार में उन्हें केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री बनाया गया।
  • मार्च 1998 में दूसरी बार अटलजी की सरकार बनने पर वे एक फिर से आईबी मिनिस्टर बनीं।
  • 1999 में उन्होंने बेल्लारी लोकसभा सीट पर सोनिया के खिलाफ चुनाव लड़ा, लेकिन वे यहां हार गईं।
  • 2000 में वे उत्तरप्रदेश-उत्तराखंड से राज्यसभा सदस्य बनीं।
  • सुषमा 2009 और 2014 में विदिशा से लोकसभा चुनाव जीतीं। 2014 से 2019 तक वे विदेश मंत्री रहीं।
  • स्वास्थ्य कारणों के चलते 2019 का लोकसभा चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया था। खराब सेहत के चलते मंत्री पद नहीं लिया।