पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को भ्रष्टाचार के एक मामले में 14 साल की सजा सुनाई गई है।

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को भ्रष्टाचार के एक मामले में 14 साल की सजा सुनाई गई है। वहीं, उनकी पत्नी को 7 साल की सजा सुनाई गई है। यह मामला उनके कार्यकाल के दौरान हुए कथित भ्रष्टाचार और अवैध संपत्ति से जुड़ा है। कोर्ट ने आरोप तय किए कि इमरान खान ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए सरकारी संपत्तियों और वित्तीय संसाधनों का अनुचित लाभ उठाया।

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2018 से 2022 तक पाकिस्तान के प्रधानमंत्री

इमरान खान पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पार्टी के प्रमुख हैं। इमरान खान 2018 से 2022 तक पाकिस्तान के प्रधानमंत्री रहे। इमरान खान के सत्ता से बेदखल होने के बाद उन पर कथित भ्रष्टाचार के कई आरोप लगे। उनके शासनकाल के दौरान, भ्रष्टाचार और शासन में पारदर्शिता को लेकर भी कई सवाल उठे।

पद से हटने के बाद, उन पर कई मामलों में जांच शुरू हुई, जिनमें यह मामला प्रमुख था। यह अल कादिर ट्र्स्ट में हुए भ्रष्टाचार से जुड़ा मामला है। अदालत ने सरकार को अल कादिर ट्रस्ट को अपने नियंत्रण में लेने का आदेश भी दिया है।

14 साल जेल की सजा

अदालत ने 14 साल जेल की सजा के अलावा इमरान खान पर दस लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। अकाउंटिबिलिटी कोर्ट ने इसी मामले में इमरान खान की पत्नी बुशरा बीबी को सात साल जेल की सज़ा सुनाई है और उन पर पांच लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। सजा सुनाए जाने के वक्त अदालत में इमरान ख़ान, उनकी पत्नी और पीटीआई के अन्य नेता मौजूद थे।

पाकिस्तान के प्रमुख बिल्डर अल बहरिया टाउनशिप ने अल कादिर ट्रस्ट यूनिवर्सिटी को 56 एकड़ जमीन दान में दी थी। इमरान खान और उनकी पत्नी बुशरा बीवी इस ट्रस्ट के ट्रस्टी हैं। इसके अलावा भी पहले से ही जेल में बंद इमरान खान पर कई मामले दर्ज हैं। हालांकि कुछ मामलों मेें उन्हें जमानत भी मिल गई है।

भ्रष्टाचार के कई मुकदमे दर्ज

पाकिस्तान तहरीक ए इंसाफ के नेता इमरान खान पर मुकदमों को राजनीति से प्रेरित बताते रहे हैं। पाकिस्तान में इस समय पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के भाई शहबाज शरीफ प्रधानमंत्री हैं।

इमरान खान के शासनकाल के दौरान नवाज शरीफ के परिवार पर भी कथित भ्रष्टाचार के कई मुकदमे दर्ज हुए थे।