कोरोना वायरस के बीच केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय ने वित्त वर्ष 2019-2020 की जीडीपी ग्रोथ रेट के आंकड़े जारी किए हैं। पूरे वित्त वर्ष की बात करें तो जीडीपी ग्रोथ 4.2 फीसदी रही। जनवरी में सरकार ने कहा था कि वित्त वर्ष 2019-20 के लिए एडवांस जीडीपी का ग्रोथ रेट 5 फीसदी रहने का अनुमान है।  

नई दिल्ली. कोरोना वायरस के बीच केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय ने वित्त वर्ष 2019-2020 की जीडीपी ग्रोथ रेट के आंकड़े जारी किए हैं। पूरे वित्त वर्ष की बात करें तो जीडीपी ग्रोथ 4.2 फीसदी रही। जनवरी में सरकार ने कहा था कि वित्त वर्ष 2019-20 के लिए एडवांस जीडीपी का ग्रोथ रेट 5 फीसदी रहने का अनुमान है। लेकिन ताजा आंकड़े बताते हैं कि सरकार के अनुमान में 0.8 फीसदी कम है। 

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- वित्त वर्ष 2019-20 की चौथी तिमाही यानी जनवरी से मार्च के बीच जीडीपी ग्रोथ रेट 3.1 फीसदी पर है। 

दिसंबर तिमाही में क्या आंकड़े थे?
वित्त वर्ष 2019-20 दिसंबर तिमाही में देश की जीडीपी ग्रोथ रेट 4.7 फीसदी पर आ गई है। इसके अलावा 2019-20 की पहली तिमाही के लिए जीडीपी ग्रोथ रेट को संशोधित कर 5.6 फीसदी और दूसरी तिमाही के लिए 5.1 फीसदी कर दिया गया था। इससे पहले, वित्त वर्ष 2018-19 की पहली तिमाही में ग्रोथ रेट 8 फीसदी पर थी तो दूसरी तिमाही में यह लुढ़क कर 7 फीसदी पर आ गई। इसी तरह तीसरी तिमाही में जीडीपी ग्रोथ की दर 6.6 फीसदी और चौथी तिमाही में 5.8 फीसदी पर रही।