भारत के लिए खाड़ी देश हमेशा से प्राथमिकता से स्थान पर रहा है। भारत ने बीते महीने 1 मार्च को भी संयुक्त अरब अमीरात के लिए 14,400 मीट्रिक टन प्याज भेजने पर सहमति जता चुका है।

भारत भेजेगा प्याज। भारत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार हमेशा से पड़ोसी देशों के मदद करने के लिए तत्परता दिखाने में पीछे नहीं हटती है। इसका ताजा मामला एक फिर सामने आया है, जब भारत ने मालदीव को सहायता भेजने के तुरंत बाद श्रीलंका को मदद पहुंचाने की बात कही है। भारत ने श्रीलंका को हजारों मीट्रिक टन प्याज भेजने की योजना बना रहा है। भारत की ये योजना मालदीव को भारी मात्रा में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति करने के बाद बनाया गया है। बता दें कि श्रीलंका को वो पहला देश नहीं है, जिसे भारत प्याज भेजने की योजना कर रहा है। इससे पहले भारत ने 3 अप्रैल को अपने करीबी सहयोगी संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) को अपने कोटे से अतिरिक्त 10,000 मीट्रिक टन प्याज की आपूर्ति की अनुमति दे चुका है।

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भारत के लिए खाड़ी देश हमेशा से प्राथमिकता से स्थान पर रहा है। भारत ने बीते महीने 1 मार्च को भी संयुक्त अरब अमीरात के लिए 14,400 मीट्रिक टन प्याज भेजने पर सहमति जता चुका है। भारत हमेशा से पड़ोसी मुल्कों को सहायता पहुंचाने के जाना जाता है। भारत ने श्रीलंका को उस वक्त भी मदद पहुंचाई थी, जब देश आर्थिक तंगी से जूझ रहा है। उस वक्त भारत ने श्रीलंका को मदद के तौर पर मिलियन डॉलर की राशि दी थी।

भारत की पड़ोसी को मदद करने की नीति

भारत की हमेशा ये नीति रही है कि वो मुसीबत के समय में पड़ोसी मुल्क की सहायता करें। ऐसा भारत पूर्व में काफी बार कर चुका है। भारत ने कोरोना काल के दौरान अफगानिस्तान, नेपाल, श्रीलंका, बांग्लादेश यहां तक की पाकिस्तान को भी जरूरी सहायता मुहैया की थी। इसके अलावा वो बीच-बीच में भी नेपाल और अफगानिस्तान जैसे छोटे देशों को मदद पहुंचाने में बिलकुल नहीं हिचकता है। 

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