जस्टिन ट्रूडो ने जी20 शिखर सम्मेलन के लिए अपनी भारत यात्रा में कहा था कि कनाडा हमेशा अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, विवेक और शांतिपूर्ण विरोध की रक्षा करेगा। कनाडा हिंसा को रोकेगा और नफरत को पीछे धकेलेगा।

India strong statement amid Canada diplomatic row: कनाडा और भारत के बीच तल्ख हुए राजनयिक संबंधों के बीच भारतीय विदेश मंत्रालय ने कनाडा की नीयत पर चिंता जताई है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि हेट क्राइम अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता नहीं है। अगर कनाडा की सरकार ऐसा मानती है तो यह चिंताजनक है। हमने इसे चिह्नित किया है।

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दरअसल, कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो 9-10 सितंबर को नई दिल्ली में आयोजित जी20 शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए भारत आए थे। इस दौरान खालिस्तानी आतंकवाद संबंधी मामले में उन्होंने कहा था कि कनाडा हमेशा अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, विवेक और शांतिपूर्ण विरोध की रक्षा करेगा। कनाडा हिंसा को रोकेगा और नफरत को पीछे धकेलेगा। 

भारत कनाडा के डिप्लोमैट्स को कम करने को कहा

भारत ने कनाडियन डिप्लोमैट्स की संख्या में कमी करने का इशारा किया है। देश के आंतरिक मामलों में कनाडियन राजनयिकों की अत्यधिक दखलंदाजी को देखते हुए भारत यह कदम उठाने जा रहा है। भारत विरोधी खालिस्तानियों के समर्थन में उतरे कनाडा के साथ देश के बिगड़े रिश्तों के बीच यह एक बड़ा कदम माना जा रहा है। 

उधर, भारत ने कनाडियन्स के लिए वीजा सर्विस को बंद करने का फैसला लिया है। भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि कनाडा में हमारे डिप्लोमैटिक यूनिट को धमकियां मिल रही हैं। वे अपना काम नहीं कर पा रहे हैं। यही वजह है कि वीजा सर्विसेज सस्पेंड की गई हैं। खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के मुद्दे पर भारत और कनाडा के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है। कनाडा ने इस हत्याकांड में भारतीय एजेंसियों का हाथ होने का आरोप लगाया है। जानिए कनाडा के आरोपों पर क्या कहा भारत के विदेश मंत्रालय ने…