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इस्लामिक कट्टरपंथी संगठन PFI पर शिकंजा, IT ने रद्द किया रजिस्ट्रेशन, CAA दंगों में की थी फंडिंग

सिटिजनशिप अमेंडमेंट एक्ट (CAA) के खिलाफ हुए प्रदर्शनों के लिए टेरर फंडिंग करने वाले इस्लामिक कट्टरपंथी संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) के लिए एक नई मुश्किल खड़ी हो गई है। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने उसका रजिस्ट्रेशन कैंसल कर दिया है। PFI पर आतंकवाद को बढ़ावा देने का आरोप है।

IT department canceled the registration of Islamic fundamentalist organization PFI kpa
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New Delhi, First Published Jun 16, 2021, 7:53 AM IST
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नई दिल्ली. राजनीति में एक तेजी से उभरते संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) की गलत दिशा उसके अस्तित्व पर भारी पड़ गई। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट(IT) ने इसका रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया है। इस कट्टरपंथी इस्लामिक संगठन पर देश में सिटिजनशिप अमेंडमेंट एक्ट (CAA) के खिलाफ हुए प्रदर्शनों के लिए टेरर फंडिंग मुहैया कराने का आरोप है। इसी मामले की जांच में सामने आया कि यह कोई संस्था या ट्रस्ट वास्तविक नहीं है। बल्कि इसके पीछे देश में साम्प्रदायिक हिंसा को बढ़ावा देना है। आईटी कमिश्नर के मुताबिक, अगर कोई संस्था लॉ के हिसाब से काम नहीं करती है, तो उसका रजिस्ट्रेशन रद्द किया जा सकता है। विभाग ने सेक्शन 12AA(3) के तहत यह एक्शन लिया।

साम्प्रदायिक हिंसा को फंडिंग कर रही थी संस्था
इस मामले की सुनवाई करते हुए प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मंगलवार को स्पेशल कोर्ट में कहा कि PFI ने केरल में टेरर कैंप के लिए पैसा जुटाया था। इस पैसे का इस्तेमाल देश में सामाजिक तानाबाना बिगाड़ने आतंकी घटनाओं में लगाया गया। ED ने इस मामले की जांच में PFI और इससे जुड़ी संस्थाओं के बैंक अकाउंट खंगाले थे, जिससे कई चौंकाने वाली जानकारियां सामने आई थीं। पिछड़ों और अल्पसंख्यकों के हित में काम करने की बात कहने वाले इस संगठन की स्थापना 2006 में हुई थी। इसका मुख्यालय दिल्ली के शाहीन बाग में है। यह संगठन 23 राज्यों में एक्टिव होने का दावा करता रहा है।

2013 से ईडी जांच कर रही थी
ईडी पीआईएफ के अकाउंट की जांच 2013 से कर रही थी। NIA ने PFI के खिलाफ एक चार्जशीट दाखिल की थी। PFI/SDPI से जुड़े कार्यकर्ता आतंकी गतिविधियों में लिप्त पाए गए थे। इन्होंने केरल के कन्नूर में अपने कैडर को हथियारों और विस्फोटकों की ट्रेनिंग दी थी। इसके पीछे साम्प्रदायिक हिंसा फैलाना था।

सोमवार को छापा मारा गया था
इसी मामले की जांच के दौरान सोमवार को पीएफआई के कोल्लम के जंगलों में बने कई ठिकानों पर छापा मारा था। ये वो जगहें थीं, जहां कैम्प लगाए गए थे। इन जगहों से बड़ी संख्या में जिलेटिन की छड़ें और डेटोनेटर्स मिले थे। यहां से लोगों की भावनाएं भड़काने वाला साहित्य भी मिला था।

कलंकित रहा है पीआईएफ का इतिहास
ED ने मंगलवार को पीआईएफ के केरल, उत्तर प्रदेश, बंगाल, कर्नाटक, दिल्ली और महाराष्ट्र में 26 ठिकानों पर छापा मारा था। इसमें संस्था के चेयरमैन अब्दुल सलाम के तिरुवनंतपुरम और कोच्चि स्थित घर भी शामिल थे। छापे मनीलॉन्ड्रिंग की जांच के तहत मारे गए थे । ED ने पिछले साल केंद्र सरकार को भेजे नोट में कहा था कि इस संगठन के सीएए के विरोध में हुई हिंसा के लिए पैसा मुहैया कराने के सबूत मिले हैं। पीएफआई पर हाथरस कांड के दौरान जस्टिस फॉर हाथरस नाम से बनी एक वेबसाइट पर जातिगत भावनाएं भड़काकर हिंसा कराने के भी आरोप हैं। इस वेबसाइट पर फेक खबरें चलाई गई थीं कि ताकि लोग उग्र हों। यूपी पुलिस ने इस मामले में PFI के 4 लोगों को पकड़ा था।

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