लखनऊ में हिंदू समाज पार्टी के नेता कमलेश तिवारी की हत्या मामले में भले ही पुलिस 24 घंटे में हत्याकांड का खुलासा कर खुद की पीठ थपथपा रही हो, लेकिन मृतक के परिवार को पुलिस की जांच पर भरोसा नहीं है। कमलेश तिवारी के बेटे सत्यम तिवारी ने कहा कि उन्हें प्रशासन पर भरोसा नहीं है।  

लखनऊ. यहां हिंदू समाज पार्टी के नेता कमलेश तिवारी की हत्या मामले में भले ही पुलिस 24 घंटे में हत्याकांड का खुलासा कर खुद की पीठ थपथपा रही हो, लेकिन मृतक के परिवार को पुलिस की जांच पर भरोसा नहीं है। कमलेश तिवारी के बेटे सत्यम तिवारी ने कहा कि उन्हें प्रशासन पर भरोसा नहीं है। उन्होंने एनआईए जांच की मांग की है।

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"पकड़े गए लोग ही हत्यारे हैं या उन्हें फंसाया जा रहा है"
कमलेश तिवारी के बेटे सत्यम तिवारी ने कहा, "मुझे नहीं पता कि जिन्होंने मेरे पापा का मर्डर किया है, पकड़े गए लोग वही हैं या किसी और साजिश की तहत बेकसूरों को फंसाया जा रहा है। हां वहीं हैं तो कैमरे में दिख रहे लोगों से फेस मिलाए। हम लोगों ने मांग की है कि एनआईए जांच की जाए। अगर जांच कराई जा रही है। अगर एनआईए द्वारा साबित होता है कि हां वही है तब ठीक है। बाकी हमको प्रशासन के ऊपर भरोसा नहीं है।"

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कमलेश के सिर में फंसी मिली गोली
कमलेश तिवारी की पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलासा हुआ कि कमलेश तिवारी की बेरहमी से हत्या की गई। उनके सीने, जबड़े और पीठ पर चाकुओं से वार के बाद गला रेता गया। चेहरे पर एक गोली भी मारी गई। सिर के पिछले हिस्से में 32 बोर की गोली फंसी मिली।

भड़काऊ भाषण की वजह से कमलेश की हत्या ?
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कमलेश के 2015 में दिए भाषण के बाद हत्या की साजिश हो रही थी। इसमें किसी आतंकी संगठन से जुड़ा मामला सामने नही आया है। डीजीपी ने कहा कि इस ऑपरेशन में गुजरात एटीएस का सहयोग रहा है। राशिद पठान जो टेलर है उसी ने हत्या की साजिश रची। इस केस में अनवारुल हक मुफ्ती, लाइक काजमि को हिरासत में लिया है। इन दोनों का नाम एफआईआर में है। 

तीन आरोपियों ने गुनाह कबूल किया
गुजरात एटीएस के मुताबिक तीनों आरोपियों मोहसिन, फैजान और राशिद ने हत्या की बात कबूल कर ली है। वहीं कमलेश तिवारी के परिजनों और प्रशासन के बीच बातचीत हुई है, जिसमें सीएम से भेंट और उचित मुआवजा की बात कही गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक लखनऊ में कमलेश तिवारी के परिजनों को घर मिलेगा।