कृषि कानूनों को लेकर अब केरल में राज्य सरकार और राज्यपाल आमने सामने आ गए हैं। दरअसल, राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने एलडीएफ सरकार के विशेष सत्र बुलाने की मांग को ठुकरा दिया। पी विजयन सरकार ने केंद्र द्वारा लागू किए गए कृषि कानूनों के विरोध में विशेष सत्र बुलाने की मांग की थी।

तिरुवनंतपुरम. कृषि कानूनों को लेकर अब केरल में राज्य सरकार और राज्यपाल आमने सामने आ गए हैं। दरअसल, राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने एलडीएफ सरकार के विशेष सत्र बुलाने की मांग को ठुकरा दिया। पी विजयन सरकार ने केंद्र द्वारा लागू किए गए कृषि कानूनों के विरोध में विशेष सत्र बुलाने की मांग की थी।

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राज्यपाल के इस फैसले पर सीपीआई ने अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। लेकिन कांग्रेस ने इसका विरोध किया है। कांग्रेस नेता केसी जोसफ ने कहा, राज्यपाल भाजपा के एजेंट की तरह काम कर रहे हैं। उनका फैसला स्वीकार्य करने योग्य नहीं है। 

प्रस्ताव पास करने की मांग कर रहा विपक्ष
कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी पार्टी कृषि कानूनों के खिलाफ प्रस्ताव पास करने की मांग कर रही हैं। 140 विधानसभा सीटों वाले राज्य में भाजपा का सिर्फ एक विधायक है। वहीं, राज्य सरकार एक घंटे का विशेष सत्र बुलाने की योजना बना रही थी। ताकि बिल के खिलाफ प्रस्ताव पास किया जा सके। लेकिन राज्यपाल के इस फैसले ने योजना पर पानी फेर दिया। 

इससे पहले भाजपा ने इसे राजनीति से प्रेरित फैसला बताते हुए इस कदम की आलोचना की थी। भाजपा ने कहा था कि यह एक राजनीतिक नौटंकी से ज्यादा कुछ नहीं है। यह नागरिकता संशोधन अधिनियम के खिलाफ प्रस्ताव पारित करने जैसा ही निरर्थक है। इससे पहले राज्य सरकार ने कृषि कानूनों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाने का ऐलान किया था।