हरदीप सिंह निज्जर (Hardeep Singh Nijjar) कनाडा में आतंकियों को हथियार चलाने की ट्रेनिंग देने के लिए कैम्प चला रहा था। उसने भारत पर आतंकी हमले के लिए फंडिंग की। 

नई दिल्ली। जिस खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर (Hardeep Singh Nijjar) की हत्या के आरोप कनाडा के पीएम जस्टिन ट्रूडो ने भारतीय एजेंटों पर लगाए हैं वह कनाडा में आतंकियों को ट्रेनिंग देने के लिए कैम्प चला रहा था। उसे पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई ने ट्रेनिंग दी थी।

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भारतीय खुफिया एजेंसियों द्वारा तैयार किए गए डोजियर के हवाले से एक अंग्रेजी न्यूज चैनल ने यह जानकारी दी है। निज्जर ने कनाडा की जमीन को आतंकियों की ट्रेनिंग के लिए इस्तेमाल किया। उसने आतंकियों को भारत पर हमला करने के लिए पैसे और अन्य सुविधाएं दी।

पाकिस्तान से मिली निज्जर को ट्रेनिंग

निज्जर ट्रेनिंग के लिए पाकिस्तान गया था। उसे पाकिस्तान की कुख्यात खुफिया एजेंसी आईएसआई ने ट्रेनिंग दी। आईएसआई ने अन्य खालिस्तानी आतंकियों से भी उसका परिचय कराया। आईएसआई की मदद से उसने भारत के पंजाब और अन्य राज्यों में आतंकी गतिविधियों के लिए फंडिंग की।

निज्जर भारत के मोस्ट वांटेड आतंकियों में से एक था। 18 जून को कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया राज्य के सरे में एक गुरुद्वारा के बाहर दो अज्ञात लोगों ने गोली मारकर निज्जर की हत्या की थी। वह प्रतिबंधित संगठन KTF (खालिस्तान टाइगर फोर्स) का प्रमुख था।

निज्जर के कैम्प में आतंकियों को मिली AK-47 राइफल चलाने की ट्रेनिंग

निज्जर कनाडा की धरती पर बिना किसी परेशानी के खालिस्तानी गतिविधियों को अंजाम दे रहा था। उसने कनाडा में आतंकियों की ट्रेनिंग के लिए कैम्प चलाए। यहां आतंकियों को AK-47 जैसे राइफल, स्नाइपर राफइल और पिस्टल चलाने की ट्रेनिंग दी गई। निज्जर ने भाड़े के हत्यारों को भारत भेजा और टारगेट किलिंग कराई। उसने नेताओं और धार्मिक हस्तियों पर हमले कराए।

निज्जर 1996 में फर्जी पासपोर्ट इस्तेमाल कर कनाडा आया था। उसने रवि शर्मा नाम का इस्तेमाल किया था। कनाडा में उसने ट्रक ड्राइवर और प्लंबर के रूप में काम करने का नाटक किया। इसके साथ ही अपनी आतंकी गतिविधियों को अंजाम देता रहा। उसने कनाडा में भारत विरोधी हिंसक विरोध प्रदर्शन कराए और भारतीय राजनयिकों को धमकी दी। उसने कनाडा में स्थानीय गुरुद्वारों द्वारा आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लेने से भारतीय दूतावास के अधिकारियों पर प्रतिबंध लगाने की भी मांग की थी।

कनाडा की नागरिकता पाने के लिए निज्जर ने एक महिला से शादी करने का दावा किया। अधिकारियों ने कहा कि महिला 1997 में कनाडा पहुंची थी। उसने एक अन्य पुरुष से शादी की थी। उससे शादी के निज्जर के दावे को खारिज कर दिया गया था। 2001 में निज्जर ने इस फैसले के खिलाफ अपील की थी, लेकिन उसकी अपील खारीज हो गई थी। 2007 में उसे कनाडा की नागरिकता दी गई थी।

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निज्जर का पाकिस्तानी कनेक्शन

निज्जर पहले बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI) के लिए काम करता था। वह बाद में पाकिस्तान में बैठे KTF प्रमुख जगतार सिंह तारा के संपर्क में आया। जगतार पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह का हत्यारा था। निज्जर अप्रैल 2012 में पाकिस्तान गया था। आईएसआई ने 2013 तक उसे हथियारों और विस्फोटकों की ट्रेनिंग दी। आईएसआई से ट्रेनिंग पाने के बाद निज्जर KTF में शामिल हो गया। वह तारा के बाद KTF का प्रमुख बना। निज्जर 2013 और 2014 में पाकिस्तान गया। उसने केटीएफ को मजबूत करने और पंजाब में आतंकवादी गतिविधियों के आयोजन के लिए तारा और आईएसआई के अधिकारियों के साथ बैठकें की।

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