केंद्र की मोदी सरकार ने नौसेना से जुड़े 20 हजार करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी है। मेक इन इंडिया पहल के तहत इससे नौसेना के लिए पांच सहायता जहाजों का निर्माण किया जाएगा।

Modi Cabinet Announcement. भारत के रक्षा क्षेत्र में भी मेक इन इंडिया के तहत काम किया जाएगा। केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में नौसेना से जुड़े करीब 20 हजार करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी गई है। इससे भारतीय नौसेना के लिए 5 बेड़े सहायक जहाजों का निर्माण किया जाएगा। यह भारतीय नौसेना की मजबूती के लिए केंद्र सरकार की तरफ से उठाया गया बड़ा कदम है।

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हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड बनाएगा जहाज

रिपोर्ट्स के अनुसार इस प्रोजेक्ट को टॉप लेवल पर मंजूरी दी गई है और हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड 5 जहाज बनाएगा। इस प्रोजेक्ट पर करीब 20 हजार करोड़ रुपए खर्च किया जाना है। यह प्रोजेक्ट भारतीय नौसेना के अलग-अलग बेड़े के युद्धपोतों की मदद करेगा। यह जहाज समुद्र में बड़े जहाजों की तैनाती के दौरान भोजन, ईंधन और गोला-बारूद मुहैया कराएंगे। इन जहाजों को तैयार करने में करीब 10 वर्ष का समय लगेगा। यह प्रोजेक्ट हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड के लिए भी फायदेमंद होगा क्योंकि स्वदेशी को बढ़ावा देने और मेक इन इंडिया पहल के लिए यह प्रोजेक्ट हिंदुस्तान शिपयार्ड को दिया गया है।

मोदी कैबिनेट के बड़े फैसले

  • 10,000 ईलेक्ट्रिक बसें चलाने की योजना को मंजूरी
  • इलेक्ट्रिक बसों की योजना पर खर्च होंगे 57,613 करोड़ रुपए
  • डिजिटल योजना के विस्तार के लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 14,903 करोड़ रुपए की मंजूरी
  • रेलवे की विभिन्न परियोजनाओं के लिए केंद्रीय कैबिनट ने 32,500 करोड़ रुपए की मंजूरी 
  • पीएम विश्वकर्मा योजना के लिए 13,000 करोड़ रुपए की मंजूरी
  • भारतीय नौसेना के लिए 20 हजार करोड़ रुपए की मंजूरी

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का कार्यक्रम

रिपोर्ट्स के अनुसार भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू गुरूवार को सरकारी कंपनी गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स लिमिटेड द्वारा तैयार किए गए एडवांस्ड स्टील्थ फ्रिगेड को भारतीय नौसेना को सौंपेगी। इस जहाज को भी भारतीय नौसेना के युद्धपोत डिजाइन ब्यूरो द्वारा इन हाउस ही तैयार किया गया है। इसके लांच होने के बाद, जहाज में हथियारों समेत विभिन्न घटकों की फिटिंग की जाएगी। इस प्रोजेक्ट के लिए भी 75 प्रतिशत ऑर्डर एमएसएमइ उद्योगों और स्वदेशी फर्मों से मंगाए गए हैं।

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