2+2 मंत्रिस्तरीय बैठक के दौरान अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन (Antony Blinken) ने भारत से निज्जर हत्याकांड पर जांच में कनाडा से सहयोग करने को कहा। इसपर भारत की ओर से जवाब मिला कि कनाडा खालिस्तानी आतंकियों का पनाहगाह बना हुआ है।

नई दिल्ली। भारत और अमेरिका के बीच शुक्रवार को नई दिल्ली में 2+2 मंत्रिस्तरीय बैठक हुई। इसमें अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन (Antony Blinken) व रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन और भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर व रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह शामिल हुए। इस दौरान अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने कहा कि भारत हरदीप सिंह निज्जर हत्याकांड (Hardeep Singh Nijjar murder case) की जांच में कनाडा के साथ सहयोग करे। इस पर भारत की ओर से जवाब मिला कि कनाडा खालिस्तानी आतंकियों का पनाहगाह बना हुआ है।

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बैठक के बाद ब्लिंकन ने संवाददाताओं से कहा कि भारत और कनाडा दोनों अमेरिका के करीबी सहयोगी हैं। विवाद सुलझाने के लिए कनाडा को अपनी जांच आगे बढ़ानी होगी। भारत इस संबंध में कनाडा का सहयोग करे। उन्होंने कहा, "दोनों के मित्र के रूप में हम सोचते हैं कि यह बहुत महत्वपूर्ण है कि भारत जांच पर कनाडा के साथ काम करे। वे इस अंतर को सहयोगात्मक तरीके से हल करने का रास्ता खोजें।"

कनाडा में खालिस्तानी समर्थकों की बढ़ती गतिविधियों पर भारत ने जताई चिंता

बैठक के दौरान भारत ने कनाडा में खालिस्तानी समर्थकों की बढ़ती गतिविधियों पर अपनी गंभीर चिंताओं से अमेरिका को अवगत कराया। बताया गया कि कैसे खालिस्तानी आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नून कनाडा में बैठकर भारत को धमकी दे रहा है। वह वीडियो जारी कर भारत में आतंकी हमले करने की धमकी देता है। इसके वीडियो इंटरनेट पर मौजूद हैं। भारत के विदेश सचिव विनय क्वात्रा ने मीडिया से कहा, "हमने अपनी चिंताओं को बिल्कुल स्पष्ट कर दिया है। वे इसे समझते हैं।"

क्या है निज्जर हत्याकांड मामला?

इसी साल 18 जून को कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया राज्य के सरे में एक गुरुद्वारा के बाहर खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वह भारत का वांटेड आतंकी था। 18 सितंबर को कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने वहां की संसद में निज्जर हत्याकांड को लेकर भारत पर गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने कहा था कि कनाडा की जांच एजेंसियां इस हत्याकांड में भारतीय एजेंटों के हाथ होने के संभावित सबूत पर काम कर रहीं हैं। इसके साथ ही कनाडा ने एक भारतीय राजनयिक को देश से निकाल दिया था। ट्रूडो के इस बयान के बाद से दोनों देशों के रिश्ते खराब हैं।

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भारत ने इसपर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए तत्काल कनाडा के एक राजनयिक को देश छोड़ने के लिए कहा। भारत ने कनाडा के लोगों के लिए वीजा बंद कर दिया था। बाद में भारत के कनाडा में मौजूद भारतीय राजनयिकों की तुलना में भारत में मौजूद कनाडा के अधिक राजनयिकों को देश छोड़ने के लिए कहा था। इसके बाद कनाडा को अपने 41 राजनयिकों को वापस बुलाना पड़ा। पिछले दिनों भारत ने कनाडा के लोगों के लिए वीजा सेवा फिर से शुरू की। भारत ने कनाडा द्वारा निज्जर हत्याकांड के संबंध में लगाए गए आरोपों को खारिज किया है।

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