प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 23 जनवरी को संसद के सेंट्रल हॉल में नेताजी सुभाष चंद्र बोस के सम्मान समारोह में भाग लेने के लिए चुने गए युवाओं के साथ ‘अपने नेता को जानो’ कार्यक्रम के तहत बातचीत की। यह बातचीत उनके आवास 7, लोक कल्याण मार्ग पर हुई।

नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 23 जनवरी को संसद के सेंट्रल हॉल में नेताजी सुभाष चंद्र बोस के सम्मान समारोह में भाग लेने के लिए चुने गए युवाओं के साथ ‘अपने नेता को जानो’ कार्यक्रम के तहत बातचीत की। यह बातचीत उनके आवास 7, लोक कल्याण मार्ग पर हुई। कुछ युवा मोदी के सामने कॉन्सियस हो गए, तब मोदी ने हंसते हुए उनका हौसला बढ़ाया-"अच्छा कोई बात नहीं।" मोदी ने पूछा-आप लोगों ने नेताजी के जीवन में बहुत गहराई से अध्ययन करने का प्रयास किया होगा? गहराई से किया होगा या गूगल से किया होगा, वो तो भगवान जाने, क्योंकि आजकल तो लोग गहराई से नहीं करते, गूगल से करते हैं। इस बात के जरिये मोदी ने युवाओं को सही चीजों को पहचानने की नसीहत दी।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

pic.twitter.com/0MZRZ5L5lx

Scroll to load tweet…

मोदी से कुछ इस तरह हुआ संवाद

एक युवक ने कहा-जब यहां आया था, तब पहली बार फ्लाइट में चढ़ा था, तो घर से मम्मी तो पैनिक कर रही थीं कि इतने ऊपर जाओगे, क्या होगा, लेकिन जब मैंने उनका फोटो भेजा, जो बादल-वादल थे, तो पूछने लगीं कि तुम क्या बादल के ऊपर थे या नीचे?

एक लड़की ने दिलचस्प बात कही-मैं 2015 से हर रोज, मतलब हर रोज नहीं, पर आपसे सपने में बात कर चुकी हूं, लेकिन मैं मानती हूं कि सपने देखिए क्योंकि हकीकत होते हैं, क्योंकि आज मैं आपसे बात कर रही हूं।

मोदी ने युवाओं से कहा-देखिए, मेरा आप सभी नौजवानों के लिए एक सुझाव रहेगा कि जहां भी जाएं, बहुत बारीकी से चीजों को देखने को प्रयास कीजिए, समझने का प्रयास कीजिए। कुछ नोट भी बनाने की आदत बनाइए। दूसरा-बहुत कुछ पढ़िए, ज्यादा-ज्यादा चीजें पढ़िए, लेकिन जब मौका मिले, अगर आप बायोग्राफी पढ़ते हैं या ऑटोबायोग्राफी पढ़ते हैं और जितना ज्यादा विविधताओं से भरा खिलाड़ी के जीवन के विषयों के बारे में पढ़ सकते हैं, कला जगत के लोगों को पढ़ सकते हैं। उससे हरेक के जीवन में कैसी साधना रहती हैं, कैसी जीवन साधना के साथ तप करके बनता है। ये सारी चीजें अच्छे ढंग से आप जीवन में...फिर हरेक को लगता है कि अच्छा उसने किया, मैं भी कोशिश करूंगा। वो चीजें जीवन में बहुत लाभ करती हैं आपको।

प्रधानमंत्री ने युवाओं के साथ स्पष्ट रूप से और खुलकर बातचीत की। उन्होंने नेताजी सुभाष चंद्र बोस के जीवन के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की और हम उनसे क्या सीख सकते हैं। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि उन्हें अपने जीवन में किस तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ा और उन्होंने इन चुनौतियों से कैसे पार पाया, यह जानने के लिए उन्हें ऐतिहासिक हस्तियों की जीवनी पढ़ने की कोशिश करनी चाहिए।

देश के प्रधानमंत्री से मिलने और संसद के सेंट्रल हॉल में बैठने का अनूठा अवसर मिलने पर युवाओं ने अपने उत्साह से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम में देश के कोने-कोने से इतने सारे लोगों के आने से उन्हें यह भी समझने का मौका मिला है कि विविधता में एकता क्या होती है।

पिछले तौर-तरीके से एक स्वागत योग्य परिवर्तन के रूप में, जिसमें केवल गणमान्य व्यक्तियों को संसद में राष्ट्रीय प्रतीकों को पुष्पांजलि अर्पित करने के लिए आमंत्रित किया जाता था, इन 80 युवाओं को नेताजी सुभाष चंद्र बोस के सम्मान में संसद में पुष्पांजलि समारोह में भाग लेने के लिए देश भर से चुना गया था।

इनका चयन ‘अपने नेता को जानो’ कार्यक्रम के तहत किया गया था, जिसे संसद में हो रहे पुष्पांजलि कार्यक्रमों का उपयोग करते हुए भारत के युवाओं के बीच राष्ट्रीय आइकन के जीवन और योगदान के बारे में देश में अधिक ज्ञान और जागरूकता फैलाने के लिए एक प्रभावी माध्यम के रूप में लॉन्च किया गया है।

दीक्षा पोर्टल और MyGov पर क्विज को शामिल करते हुए एक विस्तृत, उद्देश्यपूर्ण और योग्यता आधारित प्रक्रिया, जिला और राज्य स्तर पर भाषण/भाषण प्रतियोगिता; और नेताजी के जीवन और योगदान पर प्रतियोगिता के माध्यम से विश्वविद्यालयों से चयनके माध्यम से उनका चयन किया गया।

इनमें से 31 को संसद के सेंट्रल हॉल में आयोजित पुष्पांजलि समारोह में नेताजी के योगदान पर बोलने का अवसर भी मिला। वे पांच भाषाओं - हिंदी, अंग्रेजी, संस्कृत, मराठी और बांग्लामें बोलते थे।

यह भी पढ़ें

विदेशमंत्री जयशंकर ने 1998 के न्यूक्लियर टेस्ट के बाद वाजपेयी की कूटनीति को सराहा कि कैसे 2 साल में दुनिया को जोड़ लिया

पराक्रम दिवस पर बोले मोदी- समंदर किनारे लहराते तिरंगे को देख लोगों में देशभक्ति का रोमांच बढ़ जाता है