पोस्टल बैलट मतदान में बदलाव, 85 वर्ष से कम है उम्र तो घर बैठे नहीं डाल सकेंगे वोट
केंद्र सरकार और चुनाव आयोग ने बुजुर्गों के लिए पोस्टल बैलट के जरिए घर बैठे मतदान की सुविधा दे रखी है। लेकिन इस बार लोकसभा चुनाव में पोस्टल बैलट से मतदान की सुविधा उन्हें ही मिलेगी जिनकी उम्र 85 साल से अधिक है।

पोस्टल बैलट से मतदान की उम्र में किया बदलाव
आने वाले लोक सभा चुनाव को लेकर बुजुर्गों के लिए घर बैठे पोस्टल बैलट से किए जाने वाले मतदान की आयु सीमा में बदलाव किया गया है। अब 85 साल से अधिक आयु के बुजुर्गों को ही घर बैठे मतदान की सुविधा मिलेगी। पहले ये आयु सीमा 80 वर्ष थी।
केंद्र सरकार ने चुनाव आयोग से चर्चा के बाद लिया निर्णय
बुजुर्गों के लिए पोस्टल बैलट मतदान को लेकर केंद्र सरकार ने चुनाव आयोग से चर्चा के बाद न्यूनतम आयु को 80 से बढ़ाकर 85 करने का निर्णय लिया है। सरकार ने पिछले 11 विधानसभा चुनावों में बुजुर्गों के वोटिंग पैटर्न को देखते हुए यह निर्णय लिया है।
वर्ष 2020 के पोस्टल बैलट मतदान के प्रावधान में किया बदलाव
बीते विधानसभा चुनावों में देखा गया है कि 80 साल से अधिक उम्र के 95 फीसदी से अधिक बुजुर्गों ने मतदान केंद्र पर जाकर वोट देना पसंद किया था। ऐसे में सरकार ने 2020 में किए गए पोस्टल बैलट मतदान के प्रावधान में बदलाव किया है।
ज्यादातर बुजुर्गों ने मतदान केंद्र पर जाकर दिया वोट
80 साल से अधिक उम्र के वोटरों में सिर्फ 3 से 4 फीसदी बुजुर्ग मतदाताओं ने पोस्टल बैलेट का विकल्प चुना था। बाकी सब ने मतदान केंद्र पर जाकर वोट देना पसंद किया था। ऐसे में केंद्र ने पोस्टल बैलत मतदान की आयुसीमा में बदलाव किया।
देश में 80 से 85 साल के बुजुर्गों की कुल संख्या 98 लाख
लोक सभा चुनाव 2024 में अब ज्यादा दिन शेष नहीं हैं। देश में 80 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों की कुल संख्या करीब 1.75 करोड़ है। इसमें 80-85 वर्ष की उम्र वाले बुजुर्गों की संख्या करीब 98 लाख है।
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