Ranya Rao: अभिनेत्री रान्या राव के सोना तस्करी मामले में लगातार सनसनीखेज खुलासे हो रहे हैं, जिससे एक बड़ा हवाला नेटवर्क और एयरपोर्ट पर वीआईपी ट्रीटमेंट का पर्दाफाश हुआ है।

Ranya Rao: अभिनेत्री रान्या राव के सोना तस्करी करते हुए गिरफ्तार होने के मामले में लगातार सनसनीखेज खुलासे हो रहे हैं। इस सोना तस्करी नेटवर्क में हवाला लेनदेन और एयरपोर्ट पर वीआईटी ट्रीटमेंट मिलने का भी खुलासा हुआ है। मीडिया नेटवर्क इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट के मुताबिक एयरपोर्ट पर रान्या को राहत देने के लिए सिक्यूरिटी प्रोटोकॉल में जानबूझकर छूट दी गई थी।

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पिता के इशारे पर काम कर रही थी रान्या राव?

दावा है कि रान्या के पिता और डीजीपी रामाचंद्र राव के इशारों पर ऐसा किया गया। इस मामले की जांच कर रही एजेंसी डीआरआई (डायरेक्टेरेट ऑफ रिवेन्यू इंटेलिजेंस) ने अदालत को बताया है रान्या ने हवाला नेटवर्क के जरिए फंड भेजने और फिर उससे दुबई में सोना खरीदने की बात स्वीकार की है।

रान्या और उनके सहयोगी तरुण राज ने दुबई की 26 यात्राएं की

जांच में सामने आया है कि रान्या और उनके सहयोगी तरुण राज ने दुबई की 26 यात्राएं की। हवाला के जरिए पैसे का लेनदेन अवैध होता है। डीआरआई के मुताबिक दुबई में सोना खरीदने के लिए पैसा हवाला के जरिए ट्रांसफर किया जाता था। रिपोर्ट के मुताबिक रान्या हवाला का पैसा तरुण को देती थी जो उस पैसे को हवाला के जरिए दुबई पहुंचा देता था। दुबई में हवाला नेटवर्क के जरिए ये पैसा रान्या को मिल जाता था। रान्या इस पैसे से दुबई में सोना खरीदकर उसे भारत वापस ले आती थी। रान्या बैंगलुरू एयरपोर्ट के से दुबई आना जाना कर रही थी।

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3 मार्च को एयरपोर्ट पर भारी मात्रा में सोने के साथ किया गया था गिरफ्तार

जांच में सामने आया है कि रान्या हवाला के इस पैसे के एक बड़े हिस्से को ऐसे खातों में भेजा जाता था जिनकी पहचान नहीं हुई है। रान्या राव को 3 मार्च को बैंगलुरू एयरपोर्ट पर भारी मात्रा में सोने के साथ गिरफ्तार किया गया था। ये सोना रान्या ने अपने शरीर पर कपड़ों में छुपाया था। रान्या ने अपनी कमर के पास इस सोने को टिश्यू के जरिए चिपकाया था। रान्या के जूते और फ्रंट पॉकेट में भी सोने के टुकड़े मिले थे। जैसे-जैसे इस मामले की जांच आगे बढ़ रही है, कई सनसनीखेज खुलासे हो रहे हैं।

सामना आ रहा है कि ये हाई-फाई रैकेट उच्च स्तरीय सुरक्षा में चल रहा था। रान्या की गिरफ्तारी के बाद सबसे बड़ा सवाल यही उठा था कि वो इतनी बड़ी मात्रा में सोने के साथ कैसे आसानी से एयरपोर्ट से बाहर निकलने में कामयाब रहती थी। अब ये सामनाे आया है कि उसे अपने पिता वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी रामाचंद्र राव के प्रभाव से मदद मिलती थी। रान्या जब गिरफ्तार हुई थी तब उससे चौदह किलों से अधिक सोना मिला था। इससे पहले भी कई बार वो सोने की तस्करी कर चुकी थी।