नई दिल्ली. चीन के वुहान शहर में प्रकोप मचाने के बाद कोरोना वायरस दुनिया के लिए मुसीबत का सबब बन चुका है। कोरोना वायरस के चपेटे में अब तक 70 देश चपेटे में आ गए हैं। जिसके कारण 90 हजार से अधिक लोग प्रभावित हैं। जबकि तीन हजार से अधिक लोग जान गंवा चुके हैं। 

इसी क्रम में कोरोना वायरस ने अब भारत में भी दस्तक दे दी है। जिससे 24 घंटे के  भीतर 28 नए मामले सामने आए हैं। मंगलवार को दिल्ली और तेलंगाना में कोरोना वायरस के एक-एक मरीज पाए गए थे। जिसके बाद कोरोना ने तेजी से पांव पसारते हुए 28 लोगों को अपने कब्जे में ले लिया है। ऐसे में कोरोना वायरस को लेकर तमाम अफवाह भी उड़ रही है। जिससे लोग डरे और सहमे है। जिससे बचने के लिए कोरोना से जुड़ी ये बातें आपको जाननी जरूरी है। ताकि कोरोना के चपेट में आने से आप बच सके....

क्या है कोरोना के लक्षण? 

  • बुख़ार, खांसी, सांस लेने में दिक्कत, ये सभी या इनमें से कोई लक्षण हो सकता है। गंभीर मामलों निमोनिया और सांस लेने में बहुत ज्यादा मुश्किल हो सकती है। कुछ दुर्लभ मामलों में इसका संक्रमण जानलेवा भी हो सकता है।
  • इसके लक्षण सामान्य सर्दी ज़ुकाम जैसे होते हैं। इसीलिए टेस्ट करना ज़रूरी होता है ताकि पुष्टि हो सके कि संक्रमण कोरोना वायरस यानी कोविड-19 का ही है। 

बचने के लिए उठाए यह कदम 

  • लगातार हाथ धोते रहें, ज़रूरत पड़े तभी किसी शख्स के शारीरिक संपर्क में आएं। 
  • स्वच्छता बनाए रखना बहुत महत्वपूर्ण है। भीड़भाड़ वाले इलाकों में जाने से बचें। वायरस की चपेट में आने से बचने के लिए आप मास्क भी पहन सकते हैं। 
  • छींकते या खांसते समय अपने चेहरे को ढककर रखें। अगर आपको शक है कि आपमें ऐसा कोई लक्षण है तो नजदीकी अस्पताल में जाएं और डॉक्टर से सलाह लें। 

मास्क क्यों पहने 

  • अगर आपको सांस लेने से जुड़ी कोई दिक्कत है, आप छींक रहे हैं या खांसी है तो मास्क पहनने की सलाह दी जाती है ताकि बाकी लोग सुरक्षित रहें। 
  • अगर आप मास्क पहन रहे हैं तो इसे सही ढंग से पहनना और इसका सही ढंग से निपटारा करना जरूरी है ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके। 
  • सिर्फ मास्क पहन लेने से ही इन्फेक्शन फैलने से नहीं रुकता। साथ में आपको लगातार हाथ धोने होंगे। छींकते और खांसते समय मुंह ढकना होगा और जुकाम जैसे लक्षणों से जूझ रहे व्यक्तियों के ज्यादा करीब जाने से बचना होगा।

संक्रमित होने पर क्या करें 

  • वर्तमान में कोरोना वायरस का कोई इलाज नहीं है लेकिन इसमें बीमारी को कम करने के लिए दवाइयां दी जा सकती हैं। 
  • जब तक आप ठीक न हो जाएं, तब तक आपको दूसरों से अलग रहना होगा।
  • कोरोना वायरस के इलाज़ के लिए वैक्सीन विकसित करने पर काम चल रहा है। उम्मीद है कि साल के अंत तक इंसानों पर इसका परीक्षण कर लिया जाएगा। 
  • कुछ अस्पताल एंटी-वायरल दवाओं का भी परीक्षण कर रहे हैं। 

क्या है कोरोना वायरस?

कोरोना वायरस (सीओवी) का संबंध वायरस के ऐसे परिवार से है, जिसके संक्रमण से जुकाम से लेकर सांस लेने में तकलीफ जैसी समस्या हो सकती है। इस वायरस को पहले कभी नहीं देखा गया है। इस वायरस का संक्रमण दिसंबर में चीन के वुहान में शुरू हुआ था। डब्लूएचओ के मुताबिक, बुखार, खांसी, सांस लेने में तकलीफ इसके लक्षण हैं। अब तक इस वायरस को फैलने से रोकने वाला कोई वैक्सीन नहीं बना है।