कर्नाटक के पशुपालन और पशु चिकित्सा विज्ञान मंत्री के वेंकटेश ने सवाल किया है कि अगर कोई भैंस और बैल का वध कर सकता है तो गाय का वध करने में क्या गलत है?

बेंगलुरु। कर्नाटक में विधानसभा चुनाव (Karnataka Assembly Elections) के बाद कांग्रेस सत्ता में आई है। कांग्रेस की सरकार पिछली भाजपा सरकार द्वारा लिए उन फैसलों पर फिर से नजर डाल रही है उसपर उसे आपत्ति थी। एक ऐसा ही मामला गौहत्या का है। कर्नाटक सरकार में मंत्री के वेंकटेश ने कहा है कि जब भैंस और बैल का वध किया जाता है तो गाय की हत्या में क्या गलत है?

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के वेंकटेश कर्नाटक के पशुपालन और पशु चिकित्सा विज्ञान मंत्री हैं। उन्होंने कहा कि पशुओं के उम्रदराज होने या मरने पर किसानों को मुश्किल होती है। मंत्री ने सवाल किया, "अगर कोई भैंस और बैल का वध कर सकता है तो गाय का वध करने में क्या गलत है?"

गौहत्या रोकथाम विधेयक में संशोधन पर विचार कर रही कांग्रेस सरकार

मंत्री ने कहा कि विधेयक में संशोधन किसानों के हित में होगा। दरअसल, कर्नाटक में सत्तारूढ़ कांग्रेस सख्त कर्नाटक गोहत्या रोकथाम और मवेशी संरक्षण (संशोधन) विधेयक 2020 में संशोधन पर विचार कर रही है। तत्कालीन सत्तारूढ़ भाजपा द्वारा 2021 में राज्य विधानसभा में विधेयक पारित किया गया था।

क्या है गौहत्या विरोधी विधेयक क्या है?

विधेयक द्वारा कर्नाटक में गौहत्या पर पूरी तरह बैन लगाया गया है। गाय की तस्करी, अवैध रूप से कहीं ले जाने, अत्याचार और वध करने पर विधेयक द्वारा रोक लगाई गई है। विधेयक के अनुसार गाय की हत्या करने पर 3-7 साल जेल तक की सजा मिल सकती है। इसके साथ ही 50 हजार से 5 लाख रुपए तक जुर्माना भी देना पड़ सकता है। अगर कोई आरोपी पहली बार सजा मिलने के बाद फिर गौ हत्या करता है तो उसे सात साल जेल तक की सजा हो सकती है और 1-10 लाख रुपए जुर्माना देना पड़ सकता है। जब दिसंबर 2020 में भाजपा सरकार द्वारा कर्नाटक विधानसभा में विधेयक पारित किया गया तो कांग्रेस ने विधानसभा का बहिष्कार किया था।