पंजाब में कांग्रेस ने अपना मुख्यमंत्री भी बदल दिया, लेकिन परिवर्तन होने के बाद भी राजनीतिक घमासान अबी नहीं थमा है। कैप्टन अमरिंदर सिंह को कुर्सी से हटवाने के बाद भी नवजोत सिंह सिद्धू शांत नहीं हुए हैं। अब उनकी नाराजगी सीएम चरणजीत सिंह चन्नी को लेकर है।

अमृतसर. पंजाब में कांग्रेस ने अपना मुख्यमंत्री भी बदल दिया, लेकिन परिवर्तन होने के बाद भी राजनीतिक घमासान अबी नहीं थमा है। कैप्टन अमरिंदर सिंह को कुर्सी से हटवाने के बाद भी नवजोत सिंह सिद्धू ( Navjot Singh Siddhu) शांत नहीं हुए हैं। अब उनकी नाराजगी सीएम चरणजीत सिंह चन्नी (Charanjit Singh Channi) को लेकर है। अब खबर सामने आई है कि चन्नी ने सिद्धू का रैवाया देखकर मुख्यमंत्री पद छोड़ने की इच्छा जताई है। उन्होंने यहां तक कहा कि अब पंजाब के सीएम सिद्धू ही बन जाएं और काम करके दिखाएं।

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चन्नी ने सिद्धू को दिया सीएम बनने का ऑफर...
दरअसल, रविवार को बंद कमरे में हुई बैठक हुई, जिसमें सीएम चरणजीत चन्नी, सिद्धू के अलावा ऑब्जर्वर हरीश चौधरी, राहुल गांधी के करीबी कृष्णा अल्लावरू और मंत्री परगट सिंह भी मौजूद थे। इसी मीटिंग के दौरान उन्होंने कहा कि मैं मुख्यमंत्री पद छोड़ना चाहता हूं। पार्टी सिद्धू को सीएम बना दे। उनके पास 2 महीने हैं वह अपना परफॉर्म करके दिखा दें। बताया जाता है कि इस मीटिंग में सिद्धू ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को भेजे 13 सूत्रीय एजेंडे का मुद्दा उठाया था। 

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बंद कमरे में हुई सिद्दू और चन्नी के बीच नोक झोक
इतना ही नहीं रविवार को हुई इस बैठक के बाद अगले दिन सोमवार को जब सीएम चन्नी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान पत्रकारों ने जब पूछा कि सिद्धू कहा हैं? तो मुख्यमंत्री चन्नी ने कहा कि अब इस कुर्सी पर सिद्धू को ही यहां पर बिठा देंगे। सूत्रों के हवाले से खबर सामने आई है कि बंद कमरे में हुई बैठक में सिद्दू और चन्नी के बीच नोक झोक भी हुई।

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सिद्धू ने सोनिया गांधी को लिखा 13 मांगों वाला खत
बता दें कि कुछ दिन पहले ही सिद्धू ने सोनिया गांधी को एक पत्र लिखा था, सिद्धू ने अपनी चिट्टी में जिन 13 मुद्दों का जिक्र किया है। उसमें प्रदेश में बिजली संकट और बिजली कंपनियों के बीच समझौतों को रद्द करना, ड्रग्स के मामलों में कार्रवाई, बेअदबी के मामले में न्याय, किसनों के लिए कई योजनाएं लेकर आना, अनुसूचित जाति और पिछड़ों का विकास, रोजगार, सिंगल विंडो सिस्टम, शराब, रेत खनन, केबल और ट्रांसपोर्ट के अलावा महिला और युवाओं का सशक्तिकरण के बारे में लिखा है।