राजस्थान विधानसभा में अभी एक साल बाकी है। लेकिन अशोक गहलोत सरकार ने इसकी तैयारी अभी से शुरू की है। जिसके तहत राज्य सरकार ने अब जयपुर के अंदर एक और जयपुर बसाने की तैयारी शुरू कर दी है। यह पुराना जयपुर 6 वर्ग किलोमीटर से कुछ ज्यादा का होगा।  

जयपुर (राजस्थान). जयपुर के अंदर एक और जयपुर बसाने की तैयारी राजस्थान सरकार ने शुरू कर दी है । सुनने में जरूर अटपटा लग रहा है लेकिन यह पुराना जयपुर 6 वर्ग किलोमीटर से कुछ ज्यादा का होगा। इसमें पुराने जयपुर की तरह ही चौकड़िया होंगी, चौराहे होंगे और एंट्री के लिए बड़े गेट होंगे। इसके अंदर जो निर्माण किया जाएगा वह एकरूपता लिया हुआ होगा। ऊपर मकान होंगे और नीचे दुकानें होंगी। सब कुछ एक समान रखा जाएगा ताकि जयपुर में घूमने आने वाले पर्यटक इस जगह को देखे बिना ना जा सके। इसके तैयारी जयपुर विकास प्राधिकरण यानी जेडीए ने शुरू कर दी है। इसे न्यू हेरिटेज सिटी नाम दिया गया है ।

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इस हेरिटेज सिटी में 18 से 30 मीटर की सड़कें होंगी
यूडीएच मिनिस्टर शांति धारीवाल ने शनिवार को इसकी पूरी प्लानिंग सामने रखी और अब इसे मूर्त रूप देने की तैयारी शुरू कर दी है। धारीवाल ने कहा कि हेरिटेज सिटी के विशेष लोगो, पट्टे के प्रारूप ,आवेदन पत्र हेरिटेज रूप में तैयार किए जाएंगे । यह सिटी आगरा रोड के दक्षिण क्षेत्र में रिंग रोड के दोनों और विकसित की जाएगी । भवनों की अधिकतम ऊंचाई 15 मीटर होगी। उससे ज्यादा या उससे कम ऊंचाई नहीं रखने दी जाएगी । इस योजना में पुराने शहर की तरह ही काम होगा यानी ऊपर मकान होंगे और नीचे दुकानें होंगी । मकान और दुकान सभी का एक ही रंग होगा जो गुलाबी होगा । हर घर में चौक का प्रावधान दिया गया है , यानी अगर आप वहां जमीन लेते हैं तो नक्शा सरकार से अप्रूव करना होगा। इस हेरिटेज सिटी में 18 से 30 मीटर की सड़कें होंगी। 4 मीटर चौड़ा बरामदा होगा । पार्किंग की उचित व्यवस्था होगी। कमर्शियल भूखंड और रेजिडेंशियल भूखंड दोनों की साइज तय होगी। 

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सरकार का ड्रीम प्रोजेक्ट
 इस हेरिटेज सिटी में सभी सुविधाएं होंगी। मंदिर होंगे, अन्य धार्मिक स्थल होंगे और गार्डन भी होंगे । हेरिटेज सिटी में एंट्री करने वाले 9 गेट करीब 20 मीटर के होंगे। हर गेट पर बड़ा दरवाजा होगा और इस दरवाजे पर गार्ड तैनात रहेगा। शांति धारीवाल ने कहा कि यह योजना मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सरकार का ड्रीम प्रोजेक्ट है। पिछले से पिछली अशोक गहलोत सरकार में भी इसे प्लान किया गया था लेकिन प्लानिंग पूरी नहीं हो सकी थी । उस समय करीब 10 वर्ग किलोमीटर में इसे बसाने की तैयारी थी ,लेकिन अब इसका दायरा घटाकर 6 . 20 वर्ग किलोमीटर कर दिया गया है । यह योजना जयपुर में सफल होती है तो राजस्थान के अन्य बड़े शहरों में भी इसे लागू किया जाएगा।