Jaya Parvati Vrat 2024: आषाढ़ मास में किया जाने वाला जया पार्वती व्रत इस बार 19 जुलाई, शुक्रवार को किया जाएगा। इस व्रत में देवी पार्वती की पूजा की जाती है। कुछ ग्रंथों में इसे विजया पार्वती व्रत भी कहा गया है। 

Jaya Parvati Vrat 2024 Details: धर्म ग्रंथों के अनुसार, आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को जया पार्वती व्रत किया जाता है। इस व्रत में देवी पार्वती की पूजा की जाती है। इस बार ये व्रत 19 जुलाई, शुक्रवार को किया जाएगा। मान्यता है इस व्रत को करने से घर में सुख-समृद्धि और शांति बनी रहती है। इस बार जया पार्वती के मौके पर कईं शुभ योग भी बन रहे हैं, जिसके चलते इस दिन ये व्रत करना और भी शुभ रहेगा। आगे जानिए पूजा विधि, शुभ मुहूर्त आदि की डिटेल…

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जया पार्वती व्रत 2024 शुभ योग-मुहूर्त (Jaya Parvati Vrat 2024 Shubh Muhurat)
पंचांग के अनुसार, आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि 18 जुलाई, गुरुवार की रात 08:44 से 19 जुलाई, शुक्रवार की शाम 07:41 तक रहेगी। चूंकि त्रयोदशी तिथि का सूर्योदय 19 जुलाई को होगा, इसलिए इसी दिन जया पार्वती व्रत किया जाएगा। इस दिन इंद्र, सुस्थिर और वर्धमान नाम के 3 शुभ योग बनेंगे। ये हैं शुभ मुहूर्त-
- सुबह 07:35 से 09:14
- सुबह 09:14 से 10:53 तक
- दोपहर 12:33 से 02:12 तक
- शाम 05:31 से 07:10 तक

इस विधि से करें जया पार्वती व्रत (Jaya Parvati Vrat Puja Vidhi)
- 19 जुलाई, शुक्रवार को ऊपर बताए किसी शुभ मुहूर्त से पहले पूजा की तैयारी करें। घर में साफ-सफाई कर गोमूत्र या गंगा जल से पवित्र करें।
- पवित्र स्थान पर एक चौकी सजाएं। भगवान शिव-पार्वती की मूर्ति स्थापित करें। शुद्ध घी का दीपक जलाएं, इसके बाद हार फूल अर्पित करें।
- भगवान शिव को बिल्व पत्र, धतूरा, भांग, अबीर, गुलाल और सफेद वस्त्र चढ़ाएं और देवी को सिंदूर, कुमकुम और लाल वस्त्र आदि चीजें अर्पित करें।
- पूजा के दौरान पूरे समय ऊं नम: शिवाय का जाप भी मन ही मन करते रहें। इसके बाद मौसमी फल, नारियल और मिठाई का भोग लगाएं।
- किसी योग्य ब्राह्मण को घर बुलाकर कथा सुनें। अन्य लोगों को भी कथा सुनने के लिए आमंत्रित करें। कथा के बाद ब्राह्मण को दान-दक्षिणा देकर विदा करें।
- दिन भर सात्विक आचरण करें। शाम को बिना नमक वाला भोजन या फलाहार करें। इस व्रत के शुभ प्रभाव से जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहती है।


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Disclaimer : इस आर्टिकल में जो भी जानकारी दी गई है, वो ज्योतिषियों, पंचांग, धर्म ग्रंथों और मान्यताओं पर आधारित हैं। इन जानकारियों को आप तक पहुंचाने का हम सिर्फ एक माध्यम हैं। यूजर्स से निवेदन है कि वो इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।