गोपालगंज में समीक्षा बैठक के दौरान नीतीश कुमार ने राजनीतिक अटकलों पर विराम लगाते हुए कहा कि वे अब NDA के साथ ही रहेंगे। उन्होंने राजद के शासनकाल की आलोचना की और अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाईं।

पटना न्यूज: अपनी प्रगति यात्रा के दौरान शनिवार को गोपालगंज में आयोजित समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने से जुड़ी सभी तरह की अटकलों पर विराम लगा दिया। उन्होंने कहा कि- वे अब कहीं नहीं जा रहे हैं, वे गलती से दो बार इधर से उधर (RJD के साथ) चले गए थे। अब हम (NDA) हमेशा साथ रहेंगे।

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मुख्यमंत्री का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब दो दिन पहले राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद ने कहा था कि महागठबंधन में नीतीश कुमार के लिए दरवाजा खुला है। इसके बाद राजनीतिक गलियारों में कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई थीं। जिस समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने यह बात कही, उसमें भाजपा के जनप्रतिनिधि भी मौजूद थे।

राजद के खिलाफ अपने मूल मुद्दे पर की बात

मुख्यमंत्री ने अपनी समीक्षा बैठक में राजद के खिलाफ मूल मुद्दे पर जमकर बात की। उन्होंने कहा कि वर्ष 2005 से पहले बिहार की स्थिति काफी खराब थी। शाम के बाद लोग घर से बाहर निकलने से डरते थे। अस्पतालों में इलाज की व्यवस्था नहीं थी। सड़कें टूटी हुई थीं। अक्सर हिंदू-मुस्लिमों के बीच झगड़े की खबरें आती थीं। जब से हमें काम करने का मौका मिला है, बिहार की स्थिति बदल गई है।

कब्रिस्तानों की घेराबंदी और मंदिरों की चारदीवारी पर भी बोले

कब्रिस्तानों की घेराबंदी भी नीतीश कुमार की यूएसपी रही है। गोपालगंज की समीक्षा बैठक में उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने अब तक आठ हजार कब्रिस्तानों की घेराबंदी करा दी है। जल्द ही बाकी बचे कब्रिस्तानों की भी घेराबंदी करा दी जाएगी। मंदिरों में मूर्ति चोरी की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए मंदिरों के चारों ओर चारदीवारी कराने का निर्णय लिया गया।

महिला उत्थान की दी जानकारी

मुख्यमंत्री ने समीक्षा बैठक में महिला उत्थान के अपने पसंदीदा विषय पर भी बात की। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने 2016 में सभी सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 35 प्रतिशत आरक्षण दिया। अब बिहार में महिला स्वयं सहायता समूहों की संख्या 10.61 लाख हो गई है।

सरकारी नौकरी और रोजगार पर भी बात की

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2020 तक हमने 8 लाख लोगों को सरकारी नौकरी दी थी। इसके बाद हमने 10 लाख लोगों को सरकारी नौकरी देने का लक्ष्य रखा। इसे बढ़ाकर अब 12 लाख कर दिया गया है। अब तक नौ लाख लोगों को सरकारी नौकरी दी जा चुकी है। वहीं, 2025 में 34 लाख लोगों को रोजगार दिया जाएगा।

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